अमरोहा में भाजपा नामित सभासद की गिरफ्तारी पर हुआ तगड़ा बवाल, तहसील में धरने पर बैठे नेता-कार्यकर्ता

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रिपोर्ट – इक़बाल अंसारी

अमरोहा/मंडी धनौरा: अमरोहा जनपद के मंडी धनौरा में संपत्ति विवाद को लेकर शुरू हुआ मामला अब राजनीतिक विरोध-प्रदर्शन तक पहुंच गया है। तहसील परिसर में पानी की टंकी पर चढ़ी महिला के मामले में पुलिस कार्रवाई के बाद भाजपा की नगर पालिका मंडी धनौरा की नामित सभासद सीमा देवी को शांति भंग के आरोप में जेल भेजे जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई।

सीमा देवी के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी मिलते ही भाजपा नेता और कार्यकर्ता मंडी धनौरा तहसील पहुंच गए और धरने पर बैठ गए। करीब दो घंटे तक चले विरोध-प्रदर्शन के दौरान प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत हुई। बाद में प्रशासन की ओर से भाजपा नेताओं को समझाने के बाद धरना समाप्त कराया गया।

संपत्ति विवाद से शुरू हुआ मामला

जानकारी के अनुसार, मंडी धनौरा में एक विधवा महिला सरोज देवी का अपने ससुराल पक्ष से संपत्ति बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। सरोज देवी का आरोप था कि उनकी शिकायत पर उचित सुनवाई नहीं हो रही है। इसी बात को लेकर वह मंडी धनौरा तहसील परिसर पहुंचीं।

विरोध जताते हुए सरोज देवी पानी की टंकी पर चढ़ गईं। इसके बाद तहसील परिसर में लोगों की भीड़ जुट गई और प्रशासनिक अधिकारी तथा पुलिस मौके पर पहुंची। महिला को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए अधिकारियों ने काफी प्रयास किया।

बताया गया कि करीब तीन से चार घंटे तक चले इस घटनाक्रम के बाद सरोज देवी को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने मामले को शांत कराने का प्रयास किया।

सीमा देवी ने भी जताया विरोध

इसी दौरान सरोज देवी की ननद और भाजपा की नामित सभासद सीमा देवी ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों पर नाराजगी जताई। स्क्रिप्ट के अनुसार, सीमा देवी ने विरोध में खुद को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया, जिसे पुलिस ने समय रहते रोक लिया।

घटना के बाद पुलिस ने सीमा देवी के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की और उन्हें जेल भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू की। जैसे ही भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को इसकी जानकारी मिली, उन्होंने कार्रवाई पर आपत्ति जताई और तहसील परिसर में पहुंचकर धरना शुरू कर दिया।

यहां भाजपा नेताओं ने सीमा देवी के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर प्रशासन के सामने अपनी नाराजगी रखी। प्रदर्शन के दौरान कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

तहसील में धरने पर बैठे भाजपा नेता

धरने में नगर पालिका चेयरमैन प्रवीण अग्रवाल, पूर्व विधायक हरपाल सिंह सहित कई भाजपा नेता, सभासद और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने सीमा देवी के खिलाफ की गई कार्रवाई पर सवाल उठाए और प्रशासन से मामले में निष्पक्ष तरीके से कार्रवाई की मांग की।

धरने के दौरान माहौल कुछ समय के लिए तनावपूर्ण भी हुआ। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक की स्थिति बनने की बात सामने आई। हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने का प्रयास किया।

करीब दो घंटे तक चले विरोध-प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने भाजपा नेताओं से बातचीत की। अधिकारियों ने मामले में आवश्यक प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई किए जाने का भरोसा दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों को समझाया गया और धरना समाप्त कराया गया।

प्रशासन ने संभाली स्थिति

विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद रही। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया। हंगामा बढ़ने की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने मामले को बातचीत के माध्यम से सुलझाने की कोशिश की।

स्क्रिप्ट के अनुसार, सीमा देवी को लेकर प्रशासन की कार्रवाई के बीच उन्हें बीच रास्ते से वापस बुलाने की स्थिति भी बनी। इसके बाद भाजपा नेताओं और प्रशासन के बीच बातचीत हुई।

हालांकि, पूरे मामले में प्रशासन और पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने आने के बाद ही कार्रवाई की पूरी वजह और कानूनी प्रक्रिया स्पष्ट हो सकेगी।

संपत्ति विवाद ने लिया राजनीतिक रंग

मंडी धनौरा का यह मामला मूल रूप से संपत्ति विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। लेकिन घटनाक्रम के दौरान दो महिलाओं के विरोध और पुलिस कार्रवाई के बाद यह मामला राजनीतिक रूप लेता दिखाई दिया।

एक ओर जहां सरोज देवी अपनी संपत्ति संबंधी शिकायत को लेकर तहसील परिसर में पहुंचीं, वहीं दूसरी ओर सीमा देवी पर हुई कार्रवाई के विरोध में भाजपा नेता और कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। इससे प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था के साथ-साथ दोनों पक्षों की शिकायतों को सुनने की चुनौती भी सामने आई।

ऐसे मामलों में प्रशासन के लिए यह जरूरी हो जाता है कि संबंधित पक्षों की शिकायतों और दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच की जाए तथा कानूनी प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की जाए।

भाजपा नेताओं ने कार्रवाई पर जताई नाराजगी

धरने पर बैठे भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं का कहना था कि सीमा देवी के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर वे संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने प्रशासन से मामले को निष्पक्ष तरीके से देखने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मामले में सभी पक्षों की बात सुनी जानी चाहिए और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए। इसी मांग को लेकर उन्होंने तहसील परिसर में धरना दिया।

बाद में प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से बातचीत किए जाने के बाद स्थिति सामान्य हुई। लगभग दो घंटे के विरोध-प्रदर्शन के बाद भाजपा नेताओं ने धरना समाप्त कर दिया।

अब जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर नजर

फिलहाल मंडी धनौरा में संपत्ति विवाद से शुरू हुआ यह मामला कई स्तरों पर चर्चा में है। प्रशासन के सामने जहां संपत्ति विवाद से संबंधित शिकायत का समाधान करने की जिम्मेदारी है, वहीं दूसरी ओर पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शन के दौरान बने हालात की भी समीक्षा की जा रही है।

सरोज देवी की शिकायत, सीमा देवी के खिलाफ हुई शांति भंग की कार्रवाई और भाजपा नेताओं के विरोध को अलग-अलग पहलुओं से देखा जा रहा है। ऐसे में पूरे मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित दस्तावेजों, पक्षकारों के बयानों और प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल तहसील परिसर में हुआ विरोध-प्रदर्शन समाप्त हो चुका है और प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया है। वहीं, स्थानीय लोगों की नजर अब इस बात पर है कि संपत्ति विवाद का समाधान किस तरह होता है और संबंधित मामलों में प्रशासन आगे क्या कार्रवाई करता है।

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