बिजनौर में बिना अनुमति हरियाणा दबिश पर बड़ा एक्शन, दरोगा समेत 5 पुलिसकर्मी निलंबित – विस्तार से जरूर पढ़ें

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रिपोर्ट – ताबिश मिर्जा 

बिजनौर: जिले में पुलिस अधीक्षक केके बिश्नोई ने पुलिस टीम की कार्यप्रणाली में लापरवाही के मामले में सख्त कार्रवाई की है। बिना वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दिए दूसरे राज्य हरियाणा में दबिश देने के मामले में एक दरोगा समेत चार सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई नांगल सौती थाना क्षेत्र के तिसोतरा गांव में महिला के घर के बाहर हुई फायरिंग के मामले की जांच के दौरान सामने आई लापरवाही के बाद की गई।

पुलिस टीम फायरिंग के मामले में वांछित बताए जा रहे आरोपी पंकज की तलाश में गुरुग्राम के सेक्टर-14 पहुंची थी। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि टीम ने दूसरे राज्य में जाने से पहले वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं दी थी। इसी लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की।

तिसोतरा में महिला के घर के बाहर फायरिंग का मामला

मामला नांगल सौती थाना क्षेत्र के तिसोतरा गांव से जुड़ा है। यहां एक महिला के घर के बाहर फायरिंग की घटना सामने आई थी। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

इसके बाद पुलिस दूसरे आरोपी पंकज की तलाश में जुटी थी। आरोपी की तलाश में पुलिस टीम हरियाणा के गुरुग्राम स्थित सेक्टर-14 तक पहुंची। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान टीम के पहुंचने पर वहां अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

पुलिस टीम की कार्रवाई से जुड़े घटनाक्रम में आरोपी के दोस्त डीके उर्फ दिकेंदर की भी चर्चा सामने आई है। पुलिस के अनुसार, डीके पर पहले से आठ मुकदमे दर्ज बताए गए हैं और उस पर हथियारों की सप्लाई से जुड़े आरोप भी हैं।

गुरुग्राम पहुंची थी बिजनौर पुलिस की टीम

फायरिंग के मामले में वांछित आरोपी पंकज की तलाश में नांगल पुलिस की टीम गुरुग्राम के सेक्टर-14 पहुंची थी। पुलिस का उद्देश्य आरोपी की तलाश कर उसे गिरफ्तार करना था। हालांकि, दूसरे राज्य में दबिश देने की प्रक्रिया को लेकर पुलिस टीम से गंभीर स्तर पर लापरवाही सामने आई।

जांच में पता चला कि हरियाणा जाने से पहले टीम ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना नहीं दी थी। पुलिस विभाग में दूसरे राज्य में कार्रवाई के लिए आवश्यक स्तर पर सूचना और समन्वय को महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में बिना वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दिए टीम के हरियाणा पहुंचने को विभागीय लापरवाही माना गया।

इसी आधार पर पुलिस अधीक्षक ने संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की।

एक दरोगा और चार सिपाही निलंबित

एसपी केके बिश्नोई ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एक दरोगा और चार सिपाहियों को निलंबित कर दिया। कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में भी हड़कंप की स्थिति बताई जा रही है।

पुलिस अधीक्षक की ओर से की गई कार्रवाई का मुख्य आधार दूसरे राज्य में दबिश से पहले वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना नहीं देना बताया गया है। इससे स्पष्ट है कि पुलिस विभाग में कार्रवाई के दौरान निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने पर जोर दिया जा रहा है।

निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय स्तर पर आगे की जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया भी की जा सकती है। हालांकि, मामले में विभागीय जांच के अंतिम निष्कर्ष के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।

डीके उर्फ दिकेंदर पर आठ मुकदमे बताए गए

पुलिस के अनुसार, गुरुग्राम में दबिश के दौरान आरोपी पंकज के दोस्त डीके उर्फ दिकेंदर का भी नाम सामने आया। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, डीके पर आठ मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। इसके अलावा उस पर हथियारों की सप्लाई से जुड़े आरोप भी बताए जा रहे हैं।

पुलिस टीम के पहुंचने के दौरान कमरे में अफरा-तफरी मचने की बात सामने आई। इसी घटनाक्रम के दौरान डीके बाथरूम की ओर गया और उसने खुद को गोली मार ली। यह घटना पुलिस की कार्रवाई के दौरान हुई बताई गई है।

इस घटनाक्रम की परिस्थितियों को लेकर संबंधित स्तर पर जांच की जा रही है। पुलिस की कार्रवाई और पूरे घटनाक्रम के संबंध में आधिकारिक जांच के निष्कर्ष आने के बाद ही सभी तथ्यों की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

पुलिस कार्रवाई में प्रक्रिया का पालन जरूरी

इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात पुलिस टीम द्वारा दूसरे राज्य में दबिश देने से पहले वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना नहीं देना रही। दूसरे राज्य में किसी आरोपी की तलाश या दबिश के दौरान संबंधित अधिकारियों के बीच समन्वय और निर्धारित प्रक्रिया का पालन आवश्यक माना जाता है।

ऐसे में बिजनौर एसपी की ओर से की गई कार्रवाई को पुलिसकर्मियों की जवाबदेही से जोड़कर देखा जा रहा है। विभागीय स्तर पर इस कार्रवाई का उद्देश्य पुलिस टीमों को निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुरूप काम करने के लिए स्पष्ट संदेश देना भी माना जा रहा है।

फायरिंग मामले में आगे की जांच जारी

तिसोतरा में महिला के घर के बाहर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस पहले ही एक आरोपी को जेल भेज चुकी है। वहीं, दूसरे आरोपी पंकज की तलाश में पुलिस टीम ने गुरुग्राम तक दबिश दी थी।

अब पुलिस के सामने मामले में नामजद या वांछित अन्य आरोपियों की तलाश और घटना के पूरे कारणों का पता लगाने की जिम्मेदारी है। साथ ही, गुरुग्राम में हुए घटनाक्रम की परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है।

बिजनौर एसपी केके बिश्नोई की कार्रवाई के बाद यह साफ है कि पुलिस विभाग में ड्यूटी के दौरान निर्धारित प्रक्रिया और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देने के नियमों के पालन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। फिलहाल तिसोतरा फायरिंग मामले की जांच जारी है और पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।

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