मथुरा के डीग गेट क्षेत्र में अतिक्रमण पर नगर निगम का अभियान, सड़क और फुटपाथ से हटाया गया सामान

3841b715-69a5-4ce1-8565-b524828c759a

रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज 

मथुरा: शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने की दिशा में नगर निगम ने एक बार फिर सख्त कदम उठाया। मथुरा डीग गेट अतिक्रमण अभियान के तहत नगर निगम और डीग गेट पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए सड़क और फुटपाथ पर किए गए अवैध कब्जों को हटवाया। अभियान के दौरान डॉ. भीमराव आंबेडकर प्रतिमा से मेवाती मोहल्ला मस्जिद तक सड़क किनारे रखा कबाड़, निर्माण सामग्री और अन्य सामान हटाया गया। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले कई कारोबारियों के चालान भी किए गए।

नगर निगम का कहना है कि यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि शहर में सुचारु यातायात और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए इसे नियमित रूप से जारी रखा जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में दोबारा सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण किया गया तो संबंधित प्रतिष्ठानों को सील करने जैसी कड़ी कार्रवाई भी की जा सकती है।

नगर निगम और पुलिस ने संयुक्त रूप से चलाया अभियान

शुक्रवार को सहायक नगर आयुक्त राकेश त्यागी के नेतृत्व में नगर निगम और डीग गेट पुलिस की संयुक्त टीम ने अभियान शुरू किया। सबसे पहले सड़क और फुटपाथ पर रखे सामान का निरीक्षण किया गया। इसके बाद जिन स्थानों पर सार्वजनिक मार्ग बाधित हो रहा था, वहां से अतिक्रमण हटवाने की कार्रवाई की गई।

इसके साथ ही टीम ने सड़क किनारे रखे कबाड़, निर्माण सामग्री, फल गोदामों के बाहर रखा सामान और अन्य वस्तुओं को हटवाया। कई स्थानों पर अधिकारियों ने मौके पर ही कारोबारियों को चेतावनी दी कि सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार का कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा।

यातायात व्यवस्था सुधारने पर दिया गया जोर

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार डीग गेट क्षेत्र शहर के व्यस्त इलाकों में शामिल है। यहां सड़क और फुटपाथ पर सामान रखने के कारण आए दिन यातायात प्रभावित हो रहा था। इसके अलावा, पैदल चलने वाले लोगों को भी काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा था।

अधिकारियों का कहना है कि सड़क पर अतिक्रमण केवल यातायात को प्रभावित नहीं करता, बल्कि दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ा देता है। यही कारण है कि ऐसे स्थानों को प्राथमिकता देते हुए अभियान चलाया जा रहा है, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।

कई कारोबारियों के चालान भी किए गए

अभियान के दौरान केवल सामान हटाने तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रही। नियमों का उल्लंघन करने वाले कई कारोबारियों के चालान भी किए गए। अधिकारियों ने बताया कि सार्वजनिक सड़कों और फुटपाथों पर व्यापारिक गतिविधियों का विस्तार करना नगर निगम के नियमों के विरुद्ध है।

वहीं, जिन व्यापारियों ने पहली बार नियमों का उल्लंघन किया था, उन्हें चेतावनी देकर भविष्य में ऐसा न करने की सलाह दी गई। अधिकारियों ने कहा कि यदि चेतावनी के बावजूद दोबारा अतिक्रमण किया गया तो और अधिक सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कारोबारियों को दी गई स्पष्ट हिदायत

सहायक नगर आयुक्त राकेश त्यागी ने अभियान के दौरान फल गोदाम संचालकों, कबाड़ी व्यवसायियों और अन्य व्यापारियों से बातचीत भी की। उन्होंने सभी से अपील की कि वे अपने प्रतिष्ठानों का सामान केवल निर्धारित सीमा के भीतर रखें और सड़क या फुटपाथ पर किसी भी प्रकार का कब्जा न करें।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थान आम नागरिकों के उपयोग के लिए होते हैं। इसलिए किसी भी व्यक्ति या संस्था को इन स्थानों पर स्थायी या अस्थायी अतिक्रमण करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

दोबारा अतिक्रमण करने पर होगी कड़ी कार्रवाई

नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा। यदि किसी व्यापारी या अन्य व्यक्ति द्वारा दोबारा सड़क या फुटपाथ पर कब्जा किया गया तो केवल चालान ही नहीं, बल्कि संबंधित प्रतिष्ठान को सील करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

इसके परिणामस्वरूप, कारोबारियों से अपेक्षा की गई है कि वे नगर निगम के निर्देशों का पालन करें और सार्वजनिक मार्गों को अवरुद्ध न करें।

शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने की दिशा में लगातार प्रयास

नगर निगम का कहना है कि शहर के विभिन्न हिस्सों में चरणबद्ध तरीके से अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में यातायात अधिक प्रभावित होता है, वहां विशेष निगरानी रखी जा रही है।

साथ ही, अधिकारियों ने बताया कि अभियान का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि लोगों में जागरूकता बढ़ाना भी है, ताकि वे स्वयं सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण करने से बचें।

नागरिकों से सहयोग की अपील

नगर निगम प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि शहर को स्वच्छ, व्यवस्थित और सुरक्षित बनाए रखने में सभी की भागीदारी आवश्यक है। यदि लोग स्वयं नियमों का पालन करेंगे तो अतिक्रमण जैसी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा।

अधिकारियों ने यह भी कहा कि सड़क और फुटपाथ पर अनावश्यक सामान रखने से न केवल यातायात बाधित होता है, बल्कि आपातकालीन सेवाओं के आवागमन में भी कठिनाई हो सकती है। इसलिए सार्वजनिक हित को ध्यान में रखते हुए नियमों का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है।

प्रशासन का संदेश

सहायक नगर आयुक्त राकेश त्यागी ने कहा कि नगर निगम शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। अभियान नियमित रूप से जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध निर्धारित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि वे स्वेच्छा से सार्वजनिक स्थानों को खाली रखें, ताकि शहर की यातायात व्यवस्था बेहतर बनी रहे और नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

डीग गेट क्षेत्र में नगर निगम और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई शहर में सुव्यवस्थित यातायात और सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य व्यापारिक गतिविधियों को बाधित करना नहीं, बल्कि सार्वजनिक मार्गों को अतिक्रमण मुक्त रखना है।

यदि नागरिक और व्यापारी प्रशासन का सहयोग करते हैं, तो मथुरा की सड़कें अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम बन सकती हैं। साथ ही, नियमित निगरानी और सतत अभियान से भविष्य में भी अतिक्रमण की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।

You may have missed