नेपाल में भीषण बाढ़ से 392 लोगों की मौत, 285 भारतीयों समेत 1300 से अधिक लोग लापता

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Digital UP News

काठमांडू: नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर जनजीवन प्रभावित किया है। अचानक आई बाढ़ के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 392 तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है। वहीं, नेपाल और तिब्बत के प्रभावित क्षेत्रों में 1,300 से अधिक लोगों के लापता होने की सूचना है। इनमें बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं।

नेपाल के अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान लगातार चलाया जा रहा है। लापता लोगों की तलाश के साथ-साथ बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का काम भी जारी है। अधिकारियों के अनुसार, अब तक घायलों समेत 800 से अधिक लोगों को प्रभावित क्षेत्रों से सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।

बताया गया है कि लापता लोगों में 285 भारतीय पर्यटक भी शामिल हैं। इसके अलावा अमेरिका, मलेशिया, यूक्रेन, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, कनाडा, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, जर्मनी और रूस समेत 30 से अधिक देशों के नागरिकों के लापता होने की सूचना सामने आई है।

अचानक आई बाढ़ ने बढ़ाई मुश्किलें

रिपोर्ट के अनुसार, एक दिन पहले अचानक आई बाढ़ ने नेपाल के कई इलाकों में व्यापक असर डाला। बाढ़ की वजह से कई क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ और बड़ी संख्या में लोग अलग-अलग स्थानों पर फंस गए।

स्थिति को देखते हुए नेपाल पुलिस, प्रशासन और अन्य राहत एजेंसियों ने बचाव अभियान शुरू किया। इसके साथ ही लापता लोगों की तलाश के लिए भी अभियान चलाया जा रहा है।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच जारी है। अधिकारियों का प्रयास है कि प्रभावित लोगों तक जल्द से जल्द सहायता पहुंचाई जाए और लापता लोगों की जानकारी जुटाई जा सके।

नेपाल पुलिस ने बरामद किए 93 और शव

नेपाल पुलिस के प्रवक्ता अबी नारायण काफले के अनुसार, अभियान के दौरान 93 और शव बरामद किए गए हैं। इसके बाद बाढ़ से संबंधित मौतों का आंकड़ा बढ़कर 392 हो गया है। नेपाल पुलिस की ओर से अलग-अलग जिलों से बरामद शवों के आंकड़े भी साझा किए गए हैं। इनमें चितवन में 108, नवलपरासी ईस्ट में 62, धाडिंग में 27, गोरखा में 20, रसुवा में 17, नवलपरासी वेस्ट में 15, नुवाकोट में 12 और तनहुन में नौ शव बरामद होने की जानकारी दी गई है।

अधिकारियों के मुताबिक राहत और बचाव अभियान के दौरान प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को निकालने का काम लगातार जारी है।

1300 से अधिक लोगों के लापता होने की सूचना

नेपाल और तिब्बत के अधिकारियों के अनुसार, अब तक 1,300 से अधिक लोगों के लापता होने की सूचना मिली है। इनमें नेपाल के नागरिकों के अलावा बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं।

अधिकारियों के अनुसार, 30 से अधिक देशों के नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इनमें भारत के अलावा अमेरिका, मलेशिया, यूक्रेन, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, कनाडा, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, जर्मनी और रूस के नागरिक शामिल बताए जा रहे हैं।

लापता लोगों की संख्या को देखते हुए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के सामने उन्हें जल्द से जल्द तलाशने और उनके परिजनों तक सही जानकारी पहुंचाने की बड़ी चुनौती है।

285 भारतीय पर्यटकों के लापता होने की जानकारी

नेपाल में बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक भी मौजूद रहते हैं। सामने आई जानकारी के मुताबिक, बाढ़ के बाद 285 भारतीय पर्यटकों के लापता होने की सूचना है।

भारतीय नागरिकों की तलाश के लिए संबंधित एजेंसियों के स्तर पर भी जानकारी जुटाई जा रही है। हालांकि, लापता लोगों की वास्तविक स्थिति राहत एवं बचाव अभियान आगे बढ़ने के साथ ही स्पष्ट हो सकेगी।

प्रभावित क्षेत्रों में कई स्थानों पर संपर्क और आवाजाही प्रभावित होने की वजह से भी लोगों की स्थिति की जानकारी जुटाने में कठिनाई हो सकती है। ऐसे में बचाव दल स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय कर काम कर रहे हैं।

800 से अधिक लोगों का रेस्क्यू

नेपाल पुलिस के प्रवक्ता अबी नारायण काफले ने बताया कि अब तक घायलों समेत 800 से अधिक फंसे हुए लोगों को प्रभावित क्षेत्रों से सुरक्षित निकाला गया है।

रेस्क्यू अभियान में सुरक्षा एजेंसियों और राहत दलों की भूमिका महत्वपूर्ण है। प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

इसके अलावा, लापता लोगों की तलाश के लिए उपलब्ध सूचनाओं और स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी का इस्तेमाल किया जा रहा है। जैसे-जैसे बचाव अभियान आगे बढ़ रहा है, प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का आकलन भी किया जा रहा है।

कई देशों के नागरिक प्रभावित

इस आपदा का असर केवल नेपाल के नागरिकों तक सीमित नहीं बताया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, 30 से अधिक देशों के नागरिकों के लापता होने की सूचना है।

भारत के अलावा अमेरिका, मलेशिया, यूक्रेन, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, कनाडा, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, जर्मनी और रूस के नागरिकों के नाम भी सामने आए हैं।

विदेशी नागरिकों के लापता होने की जानकारी के बाद संबंधित देशों की एजेंसियां भी अपने नागरिकों के संबंध में जानकारी जुटाने में सक्रिय हो सकती हैं। वहीं, नेपाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालना और लापता लोगों की तलाश करना है।

प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य जारी

भीषण बाढ़ के बाद प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान जारी है। प्रशासन की ओर से स्थिति का आकलन करते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

बचाव अभियान के साथ-साथ बरामद शवों की पहचान और लापता लोगों से संबंधित जानकारी जुटाने का काम भी महत्वपूर्ण है। अधिकारियों के अनुसार, अभियान के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने को प्राथमिकता दी जा रही है।

वहीं, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करना भी प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती है। इसके लिए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के साथ राहत एजेंसियों की मदद ली जा रही है।

आगे और जानकारी सामने आने की उम्मीद

नेपाल में आई इस प्राकृतिक आपदा के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। मृतकों की संख्या 392 तक पहुंचने और 1,300 से अधिक लोगों के लापता होने की सूचना ने स्थिति की गंभीरता को सामने रखा है।

हालांकि, लापता लोगों की संख्या और मृतकों से संबंधित आंकड़ों में राहत अभियान के आगे बढ़ने के साथ बदलाव संभव है। इसलिए आधिकारिक एजेंसियों से मिलने वाली ताजा जानकारी महत्वपूर्ण होगी।

फिलहाल नेपाल पुलिस और अन्य राहत एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्य कर रही हैं। 800 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि लापता लोगों की तलाश जारी है। आने वाले समय में राहत एवं बचाव अभियान के साथ आपदा से हुए नुकसान की पूरी तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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