मुजफ्फरपुर में ‘हसीना गैंग’ की चर्चा से दहशत, NH-28 पर रात में राहगीरों को इस अंदाज मे बनाया जाता है निशाना
Digital UP News Desk
मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के कांटी थाना क्षेत्र में दामोदरपुर स्थित हाउसिंग बोर्ड के सामने एनएच-28 पर देर रात संदिग्ध गतिविधियों को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस इलाके में रात करीब 10 बजे से सुबह दो बजे के बीच सुनसान हाईवे से गुजरने वाले बाइक सवारों को कथित तौर पर निशाना बनाया जाता है। लोगों के बीच इस कथित गिरोह को ‘हसीना गैंग’ के नाम से जाना जा रहा है।
हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस नाम से किसी संगठित गिरोह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए स्थानीय लोगों की ओर से लगाए जा रहे आरोपों को जांच का विषय माना जा रहा है। पुलिस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है और इलाके में रात के समय गश्त बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
हाईवे पर राहगीरों को रोकने का आरोप
स्थानीय लोगों के अनुसार, रात के समय एक किन्नर को हाईवे किनारे खड़ा किया जाता है। आरोप है कि वह आकर्षक कपड़ों में सड़क के किनारे खड़ा होकर गुजर रहे बाइक सवारों को रोकने या उनकी रफ्तार कम कराने का इशारा करता है। जैसे ही कोई राहगीर रुकता है या उसकी बाइक की गति धीमी होती है, आसपास छिपे कुछ युवक कथित तौर पर सामने आ जाते हैं।
इसके बाद बाइक सवार को डराने-धमकाने और मोबाइल फोन, नकदी तथा अन्य सामान ले जाने का आरोप स्थानीय लोगों ने लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वास्तव में ऐसी घटनाओं के पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय है या नहीं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे के इस हिस्से में रात के समय आवाजाही अपेक्षाकृत कम हो जाती है। ऐसे में सुनसान सड़क और आसपास के अंधेरे स्थानों के कारण राहगीरों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत महसूस होती है।
करीब एक महीने पहले किन्नर के मिलने की भी चर्चा
स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि करीब एक महीने पहले इसी इलाके के जंगल में एक किन्नर कथित तौर पर बेहोशी की हालत में मिला था। लोगों के अनुसार, उसके साथ कुछ युवक भी रहते हैं और वे आसपास अलग-अलग स्थानों पर दिखाई देते हैं।
हालांकि, इस घटना का कथित लूटपाट की घटनाओं से कोई सीधा संबंध है या नहीं, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस के लिए ऐसे सभी दावों की अलग-अलग जांच करना जरूरी है, ताकि अफवाह और वास्तविक घटना के बीच अंतर स्पष्ट किया जा सके।
इसी बीच, 17 अगस्त की सुबह हाउसिंग बोर्ड के पास एनएच-28 के किनारे करीब 30 वर्षीय एक अज्ञात युवक का शव मिलने से भी इलाके में चर्चा तेज हो गई थी। शव सड़क किनारे पड़ा होने की सूचना के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे थे।
एनएच-28 किनारे मिला था अज्ञात युवक का शव
युवक का शव मिलने की सूचना पर 112 की पुलिस टीम के साथ कांटी थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने घटनास्थल की जांच की और आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित करते हुए आवश्यक साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ पश्चिमी-वन सुचित्रा कुमारी भी घटनास्थल पर पहुंची थीं। पुलिस की ओर से एफएसएल टीम को मौके पर बुलाया गया, ताकि वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्यों की जांच की जा सके। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेज दिया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मृतक की तत्काल पहचान नहीं हो सकी थी। उसके शरीर पर चोट के निशान मिलने की बात सामने आई थी। ऐसे में मौत की वास्तविक वजह जानने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया गया। पुलिस ने मृतक की पहचान कराने के साथ-साथ मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच शुरू की।
युवक की मौत का ‘हसीना गैंग’ से संबंध स्पष्ट नहीं
इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 17 अगस्त को मिले युवक के शव और स्थानीय लोगों द्वारा बताए जा रहे कथित ‘हसीना गैंग’ के बीच अभी तक कोई प्रमाणित संबंध सामने नहीं आया है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी घटना को आपस में जोड़ने से पहले उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों को देखना जरूरी है। इसलिए युवक की मौत को किसी कथित गिरोह की गतिविधि से जोड़कर देखना फिलहाल जल्दबाजी होगी।
इसके बावजूद, एक ही इलाके में रात के समय संदिग्ध गतिविधियों की चर्चा और सड़क किनारे अज्ञात युवक का शव मिलने की घटना ने स्थानीय लोगों की चिंता जरूर बढ़ा दी है।
पुलिस ने बढ़ाई निगरानी, गश्त पर जोर
स्थानीय लोगों की चिंता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने इलाके में निगरानी बढ़ाने पर ध्यान दिया है। ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर ने मामले का संज्ञान लेते हुए कांटी थानाध्यक्ष को देर रात इलाके में गश्त बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही संदिग्ध लोगों की गतिविधियों की जांच करने और कानून का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई करने को कहा गया है। पुलिस के लिए चुनौती यह है कि हाईवे के इस हिस्से में रात के दौरान होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर प्रभावी तरीके से नजर रखी जाए।
विशेष रूप से ऐसे स्थान, जहां रात में रोशनी कम रहती है या लोगों की आवाजाही कम होती है, वहां पुलिस गश्त और निगरानी बढ़ाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राहगीरों को सतर्क रहने की सलाह
स्थानीय स्तर पर चर्चा और पुलिस जांच के बीच राहगीरों के लिए भी सतर्कता जरूरी है। रात के समय सुनसान हाईवे से गुजरते हुए अनजान लोगों के इशारे पर अचानक रुकने से बचना चाहिए। यदि किसी स्थान पर संदिग्ध गतिविधि नजर आए तो सुरक्षित स्थान पर पहुंचकर पुलिस को सूचना देना बेहतर विकल्प हो सकता है।
इसी तरह, किसी घटना की जानकारी मिलने पर उसकी पुष्टि किए बिना सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर फैलाने से बचना चाहिए। इससे अफवाह फैलने और आम लोगों में अनावश्यक भय पैदा होने की संभावना रहती है।
जांच के बाद सामने आएगी वास्तविक तस्वीर
फिलहाल कांटी थाना क्षेत्र के दामोदरपुर स्थित हाउसिंग बोर्ड और एनएच-28 के आसपास कथित ‘हसीना गैंग’ की सक्रियता को लेकर स्थानीय लोगों की शिकायतें और चर्चाएं पुलिस जांच के दायरे में हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या वास्तव में राहगीरों को रोककर लूटपाट करने वाला कोई गिरोह सक्रिय है या फिर कुछ अलग-अलग घटनाओं को जोड़कर यह धारणा बनी है।
वहीं, 17 अगस्त को मिले अज्ञात युवक के शव की पहचान और उसकी मौत के कारणों का पता लगाना भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल जांच से मामले में आगे की दिशा तय होने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, पुलिस के सामने दोहरी चुनौती है। एक ओर जहां हाईवे पर रात के समय संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगानी है, वहीं दूसरी ओर पूर्व में हुई कथित लूट की घटनाओं और अज्ञात युवक की मौत की गुत्थी को साक्ष्यों के आधार पर सुलझाना है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि पुलिस की बढ़ी हुई गश्त और निगरानी से रात के समय हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और लोगों की चिंता दूर होगी।

