एटा में फोन न उठाने पर डीएम पर भड़कीं मंत्री बेबी रानी मौर्य, बोलीं- प्रोटोकॉल में आप हमसे बड़े हैं
रिपोर्ट- नन्द कुमार
एटा। उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट मंत्री एवं महिला कल्याण, बाल विकास और पोषण विभाग की मंत्री बेबी रानी मौर्य का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। वीडियो में मंत्री एटा के जिलाधिकारी अरविंद सिंह से फोन पर संपर्क नहीं हो पाने को लेकर नाराजगी जताती दिखाई दे रही हैं। मंत्री ने डीएम से कहा कि वह उनसे व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी लेना चाह रही थीं, लेकिन फोन नहीं उठाया गया और उनके निजी सहायक (पीए) की ओर से किए गए फोन का भी जवाब नहीं मिला।
यह मामला उस समय का बताया जा रहा है, जब बुधवार को मंत्री बेबी रानी मौर्य एटा में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची थीं। कार्यक्रम का आयोजन रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर सरकार की ओर से महिलाओं और बहनों को दी गई मातृ शक्ति निःशुल्क यात्रा योजना की सौगात से जुड़ा था। इसी दौरान सामने आए घटनाक्रम का वीडियो अब चर्चा का विषय बना हुआ है।
कार्यक्रम से पहले डीएम से हुई मुलाकात
जानकारी के मुताबिक, मंत्री कार्यक्रम से पहले एटा कलेक्ट्रेट पहुंची थीं। यहां उनके स्वागत और गार्ड ऑफ ऑनर की व्यवस्था की गई थी। इसी दौरान जिलाधिकारी अरविंद सिंह मंत्री के स्वागत के लिए आगे बढ़े और अपना परिचय देते हुए उन्हें गुलदस्ता भेंट करने का प्रयास किया।
हालांकि, वीडियो में मंत्री बेबी रानी मौर्य गुलदस्ता स्वीकार करती नजर नहीं आती हैं। इसके बजाय वह डीएम से फोन पर संपर्क नहीं हो पाने को लेकर नाराजगी जाहिर करती हैं। मंत्री के तेवर देखकर जिलाधिकारी गुलदस्ता वापस अपनी ओर खींच लेते हैं।
इसके बाद मंत्री ने डीएम से कहा कि वह उनसे कार्यक्रम की व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी लेना चाह रही थीं, लेकिन उनसे बातचीत नहीं हो पा रही थी। मंत्री ने यह भी कहा कि उनका पीए लगातार फोन कर रहा था, इसके बावजूद फोन नहीं उठाया गया।
‘आप फोन ही नहीं उठा रहे हैं’
सामने आए वीडियो में मंत्री को डीएम से यह कहते हुए सुना जा सकता है कि यह ठीक नहीं है और इस तरह की व्यवस्था नहीं चलेगी। उन्होंने सवाल किया कि जब वह व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी लेना चाह रही थीं तो उनसे बातचीत क्यों नहीं की गई।
मंत्री ने कहा कि वह जानना चाहती थीं कि कार्यक्रम के लिए किस तरह की तैयारियां की गई हैं। इसके बावजूद फोन पर उनसे बात नहीं हो सकी। इस दौरान जिलाधिकारी अपनी ओर से कुछ सफाई देते हुए दिखाई देते हैं।
वीडियो में डीएम की ओर से कार्यक्रम के समय का उल्लेख करते हुए अपनी बात रखने का प्रयास किया जाता है। वह मंत्री को बताते नजर आते हैं कि कार्यक्रम सुबह करीब 10 बजे से शुरू होना है। हालांकि, मंत्री इससे संतुष्ट नजर नहीं आतीं और उन्होंने नाराजगी जारी रखी।
प्रोटोकॉल का भी किया जिक्र
मंत्री बेबी रानी मौर्य ने बातचीत के दौरान प्रोटोकॉल का भी जिक्र किया। वीडियो में वह डीएम से कहती सुनाई देती हैं कि प्रोटोकॉल में वह उनसे बड़े हैं, इसलिए शायद उनसे बात नहीं करना चाहते।
मंत्री ने यह भी कहा कि उनका पीए बार-बार डीएम को फोन कर रहा था। इसके बावजूद फोन रिसीव नहीं होने पर उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर उन्हें कार्यक्रम की व्यवस्थाओं की जानकारी कैसे मिलेगी।
इस दौरान मंत्री ने नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री को पूरे मामले की जानकारी देने की बात भी कही। उनके इस रुख के बाद मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच स्थिति कुछ असहज नजर आई।
रक्षाबंधन से जुड़ा था कार्यक्रम
बताया जा रहा है कि मंत्री बेबी रानी मौर्य रक्षाबंधन के अवसर पर सरकार की ओर से महिलाओं को दी गई निःशुल्क यात्रा की सुविधा से जुड़े कार्यक्रम में हिस्सा लेने एटा पहुंची थीं। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पर्व के दौरान महिलाओं के लिए विशेष परिवहन सुविधाओं की व्यवस्था की जाती रही है।
मंत्री के दौरे को लेकर जिला प्रशासन की ओर से भी तैयारियां की गई थीं। ऐसे में कार्यक्रम से पहले व्यवस्थाओं को लेकर मंत्री और जिलाधिकारी के बीच हुई बातचीत का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया है।
वीडियो सामने आने के बाद बढ़ी चर्चा
घटना से संबंधित वीडियो गुरुवार को सामने आया। वीडियो में किसी तरह की हिंसक घटना नहीं है, लेकिन इसमें मंत्री की नाराजगी और डीएम से सवाल-जवाब का दृश्य स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। इसी वजह से यह वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
हालांकि, वीडियो के सामने आने के बाद अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। कुछ लोग मंत्री के रुख को प्रशासनिक समन्वय से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ लोग सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान अधिकारी को इस तरह फटकारे जाने पर सवाल उठा रहे हैं।
वहीं, पूरे मामले का दूसरा पक्ष यह है कि मंत्री एक महत्वपूर्ण सरकारी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची थीं और वह कार्यक्रम की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं की जानकारी लेना चाहती थीं। ऐसे में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच समय पर संवाद को लेकर उठे सवाल को भी इसी संदर्भ में देखा जा रहा है।
प्रशासनिक समन्वय पर सवाल
जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय किसी भी सरकारी कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। खासतौर पर जब किसी मंत्री का जिला दौरा हो तो कार्यक्रम की सुरक्षा, स्वागत, प्रोटोकॉल और अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में अधिकारियों के बीच लगातार संवाद आवश्यक होता है।
एटा में सामने आए इस घटनाक्रम ने इसी प्रशासनिक समन्वय को लेकर चर्चा छेड़ दी है। मंत्री का आरोप है कि उनसे संपर्क नहीं किया गया, जबकि वीडियो में जिलाधिकारी अपनी ओर से कार्यक्रम की समय-सारणी को लेकर सफाई देते दिखाई दे रहे हैं।
फिलहाल, वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम को लेकर प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी नहीं है। इसलिए वीडियो में कही गई बातों और सामने आए दृश्य के आधार पर ही पूरे मामले को समझा जा रहा है।
राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा
बेबी रानी मौर्य उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं और इससे पहले राज्यपाल के पद पर भी रह चुकी हैं। ऐसे में उनके किसी जिला दौरे के दौरान सामने आया यह घटनाक्रम स्वाभाविक रूप से राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
घटना के दौरान मंत्री ने जिस तरह प्रोटोकॉल और फोन कॉल का उल्लेख किया, उससे मामला महज स्वागत कार्यक्रम तक सीमित न रहकर प्रशासनिक संवाद के मुद्दे से भी जुड़ गया है। आने वाले दिनों में यदि इस मामले पर मंत्री या जिला प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत स्पष्टीकरण सामने आता है, तो स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।

