इटावा में ट्रेन के बाथरूम में तीन घंटे बंद रहे यात्री की मौत, दरवाजा तोड़कर निकाला गया बाहर

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रिपोर्ट- रोहित सिंह चौहान 

इटावा। बिहार के सुपौल से नई दिल्ली जा रही स्पेशल ट्रेन में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब परिवार के साथ यात्रा कर रहे एक यात्री के काफी देर तक वापस न लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। यात्री ट्रेन के एस-6 कोच के शौचालय में गए थे, लेकिन करीब तीन घंटे तक बाहर नहीं आए। परिजनों की सूचना पर इटावा रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ कर्मियों ने शौचालय का दरवाजा तोड़कर यात्री को बाहर निकाला। उन्हें तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

मृतक की पहचान बिहार के बेगूसराय जिले के तेघड़ा क्षेत्र के भारसेती निवासी रामआसरे टंटी के रूप में हुई है। वह अपने परिवार के साथ सुपौल से नई दिल्ली जाने वाली स्पेशल ट्रेन में सफर कर रहे थे। घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यात्री की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।

बाथरूम जाने के बाद नहीं लौटे रामआसरे

जानकारी के अनुसार, रामआसरे टंटी परिवार के साथ ट्रेन के एस-6 कोच में यात्रा कर रहे थे। ट्रेन के इटावा पहुंचने से पहले वह शौचालय जाने के लिए कोच के बाथरूम में गए। कुछ समय बीतने के बाद भी जब वह वापस नहीं लौटे तो परिवार के सदस्यों को चिंता होने लगी।

पहले परिजनों ने आसपास तलाश की, लेकिन जब यात्री कहीं दिखाई नहीं दिए तो उनका ध्यान बाथरूम की ओर गया। वहां पहुंचने पर परिवार ने देखा कि शौचालय का दरवाजा अंदर से बंद था। उन्होंने आवाज देकर रामआसरे को बाहर आने के लिए कहा, लेकिन काफी देर तक अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

स्थिति गंभीर होती देख परिजनों ने रेलवे कर्मचारियों और सुरक्षा बल को इसकी जानकारी देने का प्रयास किया।

पत्नी ने आरपीएफ को दी सूचना

रामआसरे की पत्नी ने इटावा रेलवे स्टेशन पर मौजूद आरपीएफ कर्मियों को घटना की जानकारी दी। बताया गया कि यात्री काफी देर से बाथरूम के अंदर बंद हैं और दरवाजा खोलने पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है।

इसी बीच ट्रेन कानपुर की ओर से इटावा रेलवे स्टेशन पहुंच गई। ट्रेन के प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंचते ही आरपीएफ कर्मियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एस-6 कोच के शौचालय का निरीक्षण किया।

आरपीएफ कर्मियों ने दरवाजा खोलने का प्रयास किया। जब दरवाजा नहीं खुला तो यात्रियों की सुरक्षा और अंदर मौजूद व्यक्ति की स्थिति को देखते हुए उसे तोड़ने का फैसला लिया गया।

दरवाजा तोड़कर यात्री को बाहर निकाला

दरवाजा तोड़े जाने के बाद रामआसरे टंटी शौचालय के अंदर मिले। उनकी हालत गंभीर थी। आरपीएफ कर्मियों ने बिना देर किए उन्हें ट्रेन से बाहर निकाला और तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया।

परिजनों को उम्मीद थी कि अस्पताल में उपचार मिलने के बाद उनकी स्थिति में सुधार हो सकता है। हालांकि, जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद रामआसरे को मृत घोषित कर दिया।

इस खबर के सामने आते ही परिवार में मातम छा गया। यात्रा के दौरान हुई इस घटना ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया। रेलवे स्टेशन पर मौजूद अन्य यात्रियों में भी घटना को लेकर चर्चा रही।

मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं

रामआसरे टंटी की मौत किस वजह से हुई, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। प्रारंभिक जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि बाथरूम के अंदर उनके साथ क्या हुआ था।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।

पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि यात्री कितनी देर तक बाथरूम के अंदर रहे और उनकी तबीयत कब बिगड़ी। इसके अलावा परिजनों और ट्रेन में मौजूद अन्य यात्रियों से भी जानकारी जुटाई जा सकती है, ताकि घटनाक्रम की पूरी तस्वीर सामने आ सके।

आरपीएफ और जीआरपी कर रही जांच

घटना की सूचना मिलने के बाद रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस की प्राथमिकता घटना के क्रम को समझना और मौत के कारणों की पुष्टि करना है।

रेल यात्रा के दौरान किसी यात्री का लंबे समय तक शौचालय में बंद रहना सामान्य स्थिति नहीं है। ऐसे में परिवार के सदस्यों की सतर्कता के कारण समय रहते रेलवे सुरक्षा बल को सूचना दी गई। इसके बाद ट्रेन के इटावा स्टेशन पहुंचते ही कार्रवाई करते हुए बाथरूम का दरवाजा खोला गया।

हालांकि, रामआसरे को अस्पताल पहुंचाने के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस मामले में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

परिवार के साथ कर रहे थे सफर

रामआसरे टंटी अकेले यात्रा नहीं कर रहे थे, बल्कि अपने परिवार के साथ सुपौल से नई दिल्ली जा रहे थे। यात्रा के दौरान वह सामान्य रूप से बाथरूम जाने के लिए एस-6 कोच के शौचालय में गए थे। इसके बाद उनके काफी देर तक बाहर नहीं आने पर परिजनों ने चिंता जताई।

परिजनों ने तत्काल मामले की जानकारी रेलवे सुरक्षा बल को दी। इसके बाद इटावा स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचते ही आरपीएफ ने कार्रवाई की।

फिलहाल पुलिस ने मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार करने की बात कही है। इसलिए मौत को लेकर किसी भी तरह की अटकल से बचना जरूरी है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज

पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह पता चल सकेगा कि रामआसरे की मृत्यु किस कारण से हुई। जांच के दौरान पुलिस घटनास्थल से जुड़े तथ्यों और परिजनों से मिली जानकारी का भी मिलान करेगी।

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