कानपुर नगर निगम का बड़ा एक्शन, लापरवाही पर 11 स्विचमैन कर्मचारियों को किया निलंबित – पढ़िए सभी का नाम

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Digital UP News

कानपुर: शहर की मार्ग प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाने और नागरिकों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण को लेकर कानपुर नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने कार्य में लापरवाही, उदासीनता और अनुशासनहीनता के आरोप में मार्ग प्रकाश विभाग के 11 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई जोन-1, जोन-2, जोन-3, जोन-4 और जोन-6 में कार्यरत कर्मचारियों के खिलाफ की गई है।

नगर निगम के अनुसार, इन कर्मचारियों पर नागरिकों की शिकायतों के समय से निस्तारण में लापरवाही बरतने और मोबाइल के माध्यम से शिकायतों को निस्तारित दिखाने जैसी शिकायतों को गंभीरता से लिया गया। नगर आयुक्त ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए।

शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर कार्रवाई

नगर निगम की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, शहर में मार्ग प्रकाश व्यवस्था से संबंधित समस्याओं को लेकर नागरिकों और जनप्रतिनिधियों की ओर से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों में संबंधित कर्मचारियों द्वारा अपेक्षित स्तर पर कार्य नहीं किए जाने की बात सामने आई।

नगर निगम प्रशासन का कहना है कि शहर में सड़क और सार्वजनिक स्थानों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नागरिक सुविधा के साथ-साथ यातायात और सार्वजनिक आवागमन के लिए भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों की शिकायतों का समय पर समाधान जरूरी है।

इसके बावजूद संबंधित कर्मचारियों की कार्यप्रणाली में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। नगर निगम के अनुसार, कर्मचारियों को पहले भी अपनी कार्य प्रणाली में सुधार करने के लिए कई बार निर्देशित किया गया था। हालांकि, इसके बाद भी शिकायतों के निस्तारण और कार्य निष्पादन में सुधार नहीं होने पर निलंबन की कार्रवाई की गई।

जोन-1 से जोन-6 तक 11 कर्मचारी निलंबित

नगर निगम की कार्रवाई में मार्ग प्रकाश विभाग के अलग-अलग जोन में कार्यरत कुल 11 कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। इनमें जोन-1 में मो. आसिफ, जोन-2 में शिवनंदन, जोन-3 में गैंगमैन अशोक कुमार शामिल हैं।

इसी तरह जोन-4 में कलाम, शफी मोहम्मद और दीपू कश्यप के खिलाफ कार्रवाई की गई है। वहीं, जोन-6 में उत्तम चन्द्र, घनश्याम कुमार, रोहिताश दीक्षित, अनिल कुमार और रमेश चन्द्र को निलंबित किया गया है।

नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई कर्मचारियों की कार्यप्रणाली और उनके खिलाफ प्राप्त शिकायतों के आधार पर की गई है। प्रशासन की ओर से संबंधित विभागों को भी कार्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

कई बार दिए गए थे सुधार के निर्देश

नगर निगम के मुताबिक, संबंधित कर्मचारियों को कार्य प्रणाली में सुधार लाने के लिए पहले भी निर्देशित किया जा चुका था। इसके बावजूद शिकायतों के समाधान और मार्ग प्रकाश व्यवस्था से संबंधित जिम्मेदारियों के निर्वहन में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।

शहर में जनप्रतिनिधियों का लगातार आवागमन होता रहता है। ऐसे में पार्षदों और अन्य जनप्रतिनिधियों की ओर से भी मार्ग प्रकाश व्यवस्था और शिकायतों के निस्तारण को लेकर शिकायतें प्राप्त हो रही थीं।

नगर निगम प्रशासन ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अब कार्रवाई की है। अधिकारियों का कहना है कि नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध तरीके से समाधान करना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है।

शिकायतों को मोबाइल पर निस्तारित दिखाने का भी मामला

प्रेस विज्ञप्ति में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुछ मामलों में शिकायतों को मोबाइल पर निस्तारित दिखाए जाने की बात सामने आई। नगर आयुक्त ने इस व्यवस्था को गंभीरता से लिया और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की।

नगर निगम का उद्देश्य शिकायतों को केवल रिकॉर्ड में निस्तारित दिखाना नहीं, बल्कि मौके पर वास्तविक समस्या का समाधान सुनिश्चित करना है। इसलिए अधिकारियों को शिकायतों के वास्तविक निस्तारण और कार्य की गुणवत्ता पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

इस कार्रवाई से नगर निगम प्रशासन ने कर्मचारियों को यह संदेश भी दिया है कि कार्य में लापरवाही या नागरिकों की शिकायतों की अनदेखी को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

जांच अधिकारी किए गए नामित

नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने निलंबित कर्मचारियों के खिलाफ आगे की विभागीय जांच के लिए अपर नगर आयुक्त अनूप कुमार को जांच अधिकारी नामित किया है। जांच के दौरान संबंधित मामलों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जाएगी।

विभागीय जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी। इस प्रक्रिया के माध्यम से मामले से जुड़े तथ्यों को सामने लाने और जिम्मेदारी तय करने का प्रयास किया जाएगा।

मार्ग प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर

कानपुर नगर निगम शहर की मार्ग प्रकाश व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में कार्य करता है। स्ट्रीट लाइटों की खराबी, मरम्मत और प्रकाश व्यवस्था से संबंधित शिकायतों के निस्तारण में मार्ग प्रकाश विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।

नगर निगम प्रशासन का कहना है कि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करना होगा। खासतौर पर सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े विभागों में लापरवाही का सीधा असर आम लोगों पर पड़ता है।

इसीलिए नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने दायित्वों के प्रति गंभीर रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखने पर जोर दिया गया है।

जनमानस की शिकायतों को प्राथमिकता देने के निर्देश

नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि नागरिकों और जनप्रतिनिधियों की शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

नगर निगम की इस कार्रवाई को शहर की सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में उठाए गए कदम के रूप में देखा जा रहा है। इसके जरिए कर्मचारियों को यह संदेश दिया गया है कि जिम्मेदारियों के निर्वहन में लापरवाही मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

आने वाले दिनों में नगर निगम की ओर से मार्ग प्रकाश व्यवस्था की निगरानी और शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया पर और अधिक ध्यान दिए जाने की संभावना है। वहीं, निलंबित कर्मचारियों के मामलों में विभागीय जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इस प्रकार, कानपुर नगर निगम ने नागरिकों की शिकायतों और शहर की मार्ग प्रकाश व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए 11 कर्मचारियों को निलंबित किया है। प्रशासन का जोर अब शिकायतों के वास्तविक और समयबद्ध निस्तारण के साथ शहर की सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर है।

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