कानपुर में लापरवाह वाहन चालकों पर हुई बड़ी कार्रवाई, दो माह में 255 ड्राइविंग लाइसेंस किये निलंबित
रिपोर्ट – हरी शंकर शर्मा
कानपुर: सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए परिवहन विभाग ने लापरवाह वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों के तहत कानपुर में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए जा रहे हैं। विभाग की कार्रवाई के तहत जून 2026 से अगस्त 2026 के बीच कुल 255 वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
परिवहन विभाग का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है। विशेष रूप से उन चालकों पर कार्रवाई की जा रही है, जिनकी लापरवाही सड़क दुर्घटनाओं का कारण बनती है या जो बार-बार यातायात नियमों का उल्लंघन करते हैं।
यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्ती
उत्तर प्रदेश शासन की ओर से सड़क सुरक्षा को लेकर जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा मोटर वाहन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। इस दौरान सीट बेल्ट का इस्तेमाल नहीं करने, नशे की हालत में वाहन चलाने, गलत दिशा में वाहन चलाने, ओवरलोडिंग और तेज गति सहित विभिन्न मामलों में कार्रवाई की गई है।
इसके अलावा, एक या उससे अधिक लोगों की मृत्यु वाली सड़क दुर्घटनाओं में संलिप्त वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस के निलंबन की प्रक्रिया भी अपनाई जा रही है। विभाग का उद्देश्य केवल चालकों के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं, बल्कि सड़क पर सुरक्षित यातायात व्यवस्था को बढ़ावा देना है।
अधिकारियों के मुताबिक, वाहन चलाते समय नियमों की अनदेखी करने से चालक के साथ-साथ सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की सुरक्षा भी प्रभावित होती है। इसलिए नियमों का पालन कराने के लिए प्रवर्तन कार्रवाई लगातार जारी रखी जा रही है।
नशे में ड्राइविंग और तेज रफ्तार पर विशेष नजर
एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार सिंह ने बताया कि परिवहन आयुक्त के निर्देशानुसार ऐसे चालकों के लाइसेंस निलंबित किए जा रहे हैं, जो एक से अधिक सड़क दुर्घटनाओं में शामिल रहे हैं। इसके साथ ही नशे की हालत में वाहन चलाने, लापरवाही से ड्राइविंग करने, स्टंट करने और निर्धारित सीमा से अधिक गति में वाहन चलाने वाले चालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस को निर्धारित प्रक्रिया के तहत तीन माह की अवधि के लिए निलंबित किया जा सकता है। इस कार्रवाई का उद्देश्य वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदार बनाना और भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं की संभावना को कम करना है।
परिवहन विभाग की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई नियमानुसार की जाती है। संबंधित मामलों में उपलब्ध दस्तावेजों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर निर्णय लिया जाता है।
जून से अगस्त के बीच 255 लाइसेंस निलंबित
एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार सिंह के अनुसार, जून 2026 से अगस्त 2026 तक कुल 255 वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। यह कार्रवाई अलग-अलग यातायात नियमों के उल्लंघन और सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े मामलों में की गई है।
विभाग का मानना है कि लाइसेंस निलंबन जैसी कार्रवाई से वाहन चालकों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। साथ ही, बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों को जिम्मेदारी से वाहन चलाने का संदेश भी जाएगा।
सड़क सुरक्षा के लिए परिवहन विभाग की ओर से समय-समय पर चेकिंग और प्रवर्तन अभियान चलाए जाते हैं। इन अभियानों के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों और चालकों की जांच की जाती है।
कोर्ट से निर्दोष साबित होने पर बहाली का प्रावधान
एआरटीओ प्रशासन ने बताया कि जिन मामलों में किसी चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज होती है और बाद में न्यायालय की प्रक्रिया में वह निर्दोष साबित होता है, वहां नियमानुसार उसके ड्राइविंग लाइसेंस को दोबारा सक्रिय किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि यदि पुलिस द्वारा मामले में अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत की जाती है और संबंधित चालक को न्यायालय से राहत मिलती है, तो प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर लाइसेंस को पुनः सक्रिय करने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
इससे स्पष्ट है कि लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप की जा रही है। संबंधित मामलों में आगे की कार्रवाई उपलब्ध रिकॉर्ड और न्यायिक स्थिति के आधार पर की जाती है।
सड़क सुरक्षा को लेकर अभियान जारी रहेगा
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि लापरवाह वाहन चालकों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए केवल प्रशासनिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि वाहन चालकों और आम नागरिकों की सहभागिता भी जरूरी है।
इसके लिए वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे वाहन चलाते समय निर्धारित गति सीमा का पालन करें। साथ ही, सीट बेल्ट का इस्तेमाल करें और नशे की हालत में किसी भी परिस्थिति में वाहन न चलाएं।
दोपहिया वाहन चालकों से हेलमेट पहनने और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने की भी अपील की जाती है। इसके अलावा, गलत दिशा में वाहन चलाने और खतरनाक तरीके से ओवरटेक करने से बचने की सलाह दी गई है।
वाहन चालकों से नियमों का पालन करने की अपील
परिवहन विभाग ने सभी वाहन स्वामियों और चालकों से यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करने की अपील की है। विभाग के अनुसार, सड़क सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल पुलिस और परिवहन विभाग की नहीं है, बल्कि प्रत्येक वाहन चालक और सड़क उपयोगकर्ता की भी है।
यदि वाहन चालक नियमों का पालन करते हैं, तो सड़क पर दुर्घटनाओं की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसलिए वाहन चलाते समय सावधानी, अनुशासन और जिम्मेदारी जरूरी है।
कुल मिलाकर, कानपुर में परिवहन विभाग द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन की गंभीरता को दर्शाता है। जून से अगस्त 2026 के बीच 255 ड्राइविंग लाइसेंस का निलंबन किए जाने से यह स्पष्ट है कि यातायात नियमों के उल्लंघन को लेकर विभाग सख्त रुख अपना रहा है। वहीं, अभियान आगे भी जारी रहने से नियमों का पालन कराने और सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाने पर जोर रहेगा।

