उन्नाव में हुआ वृक्ष रक्षा बंधन उत्सव: बच्चों ने पेड़-पौधों को राखी बांधकर लिया संरक्षण का संकल्प

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रिपोर्ट – हरी शंकर शर्मा 

उन्नाव: रक्षाबंधन के पावन अवसर पर उन्नाव में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाली एक अनूठी पहल देखने को मिली। रिजर्व पुलिस लाइन स्थित प्राथमिक विद्यालय में वृक्ष रक्षा बंधन उत्सव आयोजित किया गया। इस दौरान स्कूली बच्चों ने पुलिस अधिकारियों और शिक्षकों के साथ मिलकर पेड़-पौधों को राखी बांधी और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य रक्षाबंधन के पर्व को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए बच्चों और आम लोगों को वृक्षों के महत्व के प्रति जागरूक करना रहा।

यह कार्यक्रम पुलिस कंट्रोल रूम प्रभारी एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए अभियान चला रहे उपनिरीक्षक अनूप मिश्रा की पहल के तहत आयोजित किया गया। अनूप मिश्रा को उनके वृक्ष संरक्षण कार्यों के कारण ‘ट्री मैन’ के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने रक्षाबंधन के अवसर पर बच्चों को यह संदेश देने का प्रयास किया कि जिस प्रकार भाई-बहन एक-दूसरे की रक्षा का संकल्प लेते हैं, उसी तरह पेड़-पौधों की सुरक्षा और देखभाल करना भी समाज की जिम्मेदारी है।

बच्चों ने पेड़-पौधों को बांधी राखी

कार्यक्रम के दौरान उपनिरीक्षक अनूप मिश्रा ने अपनी पत्नी एवं सब इंस्पेक्टर रीना पाण्डेय, विद्यालय प्रभारी नुपुर श्रीवास्तव और स्कूली बच्चों के साथ मिलकर विद्यालय परिसर में मौजूद पेड़-पौधों को राखी बांधी। बच्चों ने उत्साहपूर्वक इस गतिविधि में भाग लिया। इसके साथ ही सभी उपस्थित लोगों को पर्यावरण और वृक्षों की रक्षा का संकल्प दिलाया गया।

अनूप मिश्रा ने बच्चों को समझाया कि पेड़ केवल पर्यावरण को हरा-भरा बनाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि मानव जीवन के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण हैं। पेड़-पौधे वातावरण को बेहतर बनाने के साथ प्रकृति का संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए छोटे स्तर से ही बच्चों में इनके संरक्षण की आदत विकसित करना जरूरी है।

उन्होंने बच्चों से कहा कि वे अपने आसपास लगे पेड़-पौधों की नियमित देखभाल करें और उन्हें अनावश्यक नुकसान से बचाने के लिए दूसरों को भी प्रेरित करें। इस तरह स्कूलों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश परिवारों और समाज तक पहुंचाया जा सकता है।

रक्षाबंधन को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने की पहल

वृक्ष रक्षा बंधन उत्सव की खास बात यह रही कि इसमें पारंपरिक पर्व को पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ जोड़ा गया। सामान्य तौर पर रक्षाबंधन भाई-बहन के रिश्ते और आपसी स्नेह का पर्व माना जाता है। हालांकि, इस पहल के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि प्रकृति के साथ भी हमारा गहरा संबंध है और पेड़-पौधों की रक्षा करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम में बच्चों ने पेड़-पौधों को राखी बांधकर उनके संरक्षण का प्रतीकात्मक संकल्प लिया। इस दौरान उन्हें बताया गया कि पौधा लगाने के साथ उसकी देखभाल करना भी उतना ही जरूरी है। यदि लगाए गए पौधों की नियमित सिंचाई, सुरक्षा और देखभाल की जाए तो वे भविष्य में बड़े वृक्ष बनकर पर्यावरण को समृद्ध कर सकते हैं।

इस पहल के जरिए बच्चों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का प्रयास किया गया। साथ ही, उन्हें यह समझाने की कोशिश की गई कि प्रकृति की सुरक्षा केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से ही संभव है।

पुलिस दंपति ने बच्चों को बांटी मिठाई

कार्यक्रम के दौरान पुलिस दंपति अनूप मिश्रा और रीना पांडेय ने विद्यालय के बच्चों को चॉकलेट और मिठाई भी भेंट की। बच्चों ने उत्साह के साथ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस अवसर पर विद्यालय के वातावरण में उत्साह और सकारात्मकता देखने को मिली।

बच्चों के लिए यह आयोजन इसलिए भी खास रहा क्योंकि इसमें उन्हें रक्षाबंधन के पारंपरिक महत्व के साथ पर्यावरण संरक्षण का व्यावहारिक संदेश भी मिला। पेड़-पौधों को राखी बांधने की गतिविधि के माध्यम से बच्चों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने के लिए प्रेरित किया गया।

100 से अधिक सरकारी स्कूलों को जोड़ने का दावा

अभियान संयोजक अनूप मिश्रा के अनुसार, वृक्ष संरक्षण की इस मुहिम से अब तक जनपद के 100 से अधिक सरकारी स्कूलों को जोड़ा जा चुका है। इसके अलावा सोशल मीडिया के माध्यम से एक लाख से अधिक लोगों तक अभियान का संदेश पहुंचाने का प्रयास किया गया है।

उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के अवसर पर आम जनमानस को संदेश और व्हाट्सएप के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक किया जा रहा है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे रक्षाबंधन को केवल पारिवारिक पर्व के रूप में न मनाकर प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भी याद करें।

अभियान के तहत लोगों को पेड़-पौधों की सुरक्षा करने, उनके आसपास स्वच्छता बनाए रखने और पौधों की नियमित देखभाल के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके साथ ही स्कूलों के विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण की गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है।

एक लाख से अधिक पौधे लगाने का दावा

अनूप मिश्रा को ‘ट्री मैन’ के नाम से भी जाना जाता है। अभियान से जुड़े लोगों के अनुसार, उन्होंने अब तक एक लाख से अधिक पौधे लगाए हैं। वृक्षारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण और लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया जाता रहा है।

रक्षाबंधन के अवसर पर सरकारी स्कूल में आयोजित वृक्ष रक्षा बंधन उत्सव इसी अभियान की एक कड़ी के रूप में सामने आया। कार्यक्रम के जरिए यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि पर्यावरण संरक्षण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।

दरअसल, पेड़-पौधों की संख्या बढ़ाने के साथ उनकी सुरक्षा भी जरूरी है। पौधे लगाने के बाद यदि उनकी उचित देखभाल नहीं की जाए तो पर्यावरण संरक्षण का उद्देश्य पूरी तरह हासिल नहीं हो सकता। इसलिए बच्चों को बचपन से ही पौधों की देखभाल के लिए प्रेरित करना भविष्य के लिए उपयोगी कदम माना जा सकता है।

बच्चों और समाज में पहुंचेगा सकारात्मक संदेश

वृक्ष रक्षा बंधन उत्सव जैसे आयोजन बच्चों को प्रकृति के करीब लाने में मदद कर सकते हैं। जब विद्यार्थी स्वयं पेड़-पौधों को राखी बांधकर उनके संरक्षण का संकल्प लेते हैं, तो उनके भीतर पर्यावरण के प्रति भावनात्मक जुड़ाव भी विकसित होता है।

इसके अलावा, ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में यह संदेश पहुंचाया जा सकता है कि पर्यावरण संरक्षण किसी विशेष दिन तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसके लिए वर्षभर छोटे-छोटे प्रयास किए जाने जरूरी हैं। घर, स्कूल, कार्यालय और सार्वजनिक स्थानों पर पेड़-पौधों की देखभाल के लिए जागरूकता बढ़ाई जा सकती है।

उन्नाव पुलिस लाइन के प्राथमिक विद्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम इसी सोच को आगे बढ़ाने वाली पहल के रूप में सामने आया। रक्षाबंधन के अवसर पर बच्चों द्वारा पेड़-पौधों को राखी बांधना न केवल प्रतीकात्मक गतिविधि रही, बल्कि इसने प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश भी दिया।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने वृक्षों की रक्षा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस पहल से बच्चों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने के साथ-साथ समाज में हरियाली और पर्यावरण सुरक्षा को लेकर सकारात्मक संदेश पहुंचाने का प्रयास किया गया।

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