अमरोहा में मकान में चल रही बर्फी फैक्ट्री पर छापा, 7 कुंतल से अधिक संदिग्ध मिठाई नष्ट
रिपोर्ट- इकबाल अंसारी
अमरोहा/गजरौला। उत्तर प्रदेश में खाद्य पदार्थों में मिलावट और खराब गुणवत्ता वाली मिठाइयों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में गुरुवार को अमरोहा जिले के गजरौला में खाद्य विभाग की टीम ने एक मकान में चल रही बर्फी बनाने की फैक्ट्री पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान टीम को मौके से बड़ी मात्रा में सूजी से तैयार मिठाई मिली, जिसकी गुणवत्ता को लेकर अधिकारियों ने गंभीर सवाल उठाए। जांच के बाद करीब 7 कुंतल से अधिक संदिग्ध मिठाई को जेसीबी की मदद से गड्ढा खुदवाकर नष्ट करा दिया गया।
खाद्य विभाग की इस कार्रवाई से इलाके में काफी हलचल रही। अधिकारियों के मुताबिक, जिस स्थान पर मिठाई तैयार की जा रही थी, वहां खाद्य सुरक्षा से जुड़े मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है। वहीं, फैक्ट्री का संचालक जावेद, जो मेरठ का निवासी बताया गया है, छापेमारी के दौरान मौके से फरार हो गया।
मकान में चल रही थी मिठाई बनाने की यूनिट
जानकारी के अनुसार, खाद्य विभाग को गजरौला में एक मकान के भीतर बर्फी तैयार किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर खाद्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। टीम के पहुंचते ही वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री संचालक जावेद मौके से निकल गया।
इसके बाद खाद्य विभाग के अधिकारियों ने परिसर की जांच की। जांच के दौरान वहां बड़ी मात्रा में सूजी से तैयार मिठाई बरामद हुई। अधिकारियों ने मिठाई की गुणवत्ता को लेकर संदेह जताया। उनका कहना था कि मौके पर मिली मिठाई ऐसी स्थिति में थी, जिसे आम लोगों के सेवन के लिए सुरक्षित नहीं माना जा सकता।
7 कुंतल से अधिक मिठाई मिली
छापेमारी के दौरान खाद्य विभाग की टीम को करीब 7 कुंतल से अधिक सूजी से बनी मिठाई मिली। इतनी बड़ी मात्रा में मिठाई मिलने के बाद अधिकारियों ने उसके रखरखाव और गुणवत्ता से जुड़े पहलुओं की जांच की। खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनय कुमार अग्रवाल ने बताया कि बरामद मिठाई की गुणवत्ता संदिग्ध पाई गई।
अधिकारियों के मुताबिक, इस प्रकार की मिठाई कुछ ही समय में खराब हो सकती है। ऐसे में यदि इसे बिना उचित गुणवत्ता जांच के बाजार में बिक्री के लिए भेज दिया जाता, तो उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका रहती। इसलिए विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बरामद मिठाई को नष्ट कराने का निर्णय लिया।
जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर नष्ट कराई मिठाई
खाद्य विभाग की टीम ने बरामद मिठाई को मौके पर ही नष्ट कराया। इसके लिए जेसीबी की मदद से गड्ढा खुदवाया गया और बड़ी मात्रा में मिली मिठाई को उसमें डालकर नष्ट कर दिया गया। विभाग का कहना है कि संदिग्ध खाद्य सामग्री को बाजार में पहुंचने से रोकना प्राथमिकता थी।
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। खासकर त्योहारों और विशेष अवसरों के दौरान मिठाइयों की मांग बढ़ने पर ऐसी खाद्य इकाइयों की निगरानी महत्वपूर्ण हो जाती है। ऐसे में खाद्य विभाग की कार्रवाई को उपभोक्ता सुरक्षा की दृष्टि से अहम माना जा रहा है।
गुणवत्ता को लेकर विभाग ने जताई चिंता
खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनय कुमार अग्रवाल के अनुसार, मौके पर मिली मिठाई की गुणवत्ता संदिग्ध थी। विभाग ने इसे लोगों के खाने के लिए सुरक्षित नहीं माना। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जा सकता।
दरअसल, मिठाई तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता, स्वच्छता, भंडारण और तैयार उत्पाद को सुरक्षित रखने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होती है। यदि इन मानकों का पालन नहीं किया जाता है तो खाद्य पदार्थ जल्दी खराब हो सकते हैं। इसलिए खाद्य सुरक्षा विभाग समय-समय पर दुकानों, प्रतिष्ठानों और खाद्य निर्माण इकाइयों की जांच करता है।
संचालक की तलाश और जांच जारी
छापेमारी के दौरान फैक्ट्री संचालक जावेद के मौके से फरार होने के बाद विभाग अब उससे जुड़े अन्य पहलुओं की भी जानकारी जुटा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, फैक्ट्री का संचालन किस स्तर पर किया जा रहा था, मिठाई कहां सप्लाई की जाती थी और इसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री कहां से आती थी, इसकी जांच की जा रही है।
इसके अलावा विभाग यह भी पता लगाने में जुटा है कि मकान में खाद्य पदार्थ तैयार करने के लिए आवश्यक अनुमति और अन्य मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
मिलावटखोरी के खिलाफ अभियान जारी
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से खाद्य पदार्थों में मिलावट और असुरक्षित खाद्य सामग्री की बिक्री रोकने के लिए अधिकारियों को लगातार कार्रवाई के निर्देश दिए जा रहे हैं। इसी अभियान के तहत अलग-अलग जिलों में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें खाद्य प्रतिष्ठानों और निर्माण इकाइयों का निरीक्षण कर रही हैं।
गजरौला में हुई कार्रवाई भी इसी अभियान का हिस्सा है। अधिकारियों का कहना है कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसलिए जहां भी खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की सूचना मिलती है, वहां जांच और आवश्यक कार्रवाई की जाती है।
त्योहारों के दौरान बढ़ जाती है मिठाइयों की मांग
मिठाइयों की मांग आम दिनों के मुकाबले त्योहारों और विशेष अवसरों पर अधिक रहती है। ऐसे समय में बड़ी संख्या में छोटी-बड़ी खाद्य इकाइयां मिठाइयों का निर्माण और बिक्री करती हैं। इसलिए खाद्य सुरक्षा विभाग के लिए ऐसी इकाइयों की निगरानी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, उपभोक्ताओं को भी मिठाई खरीदते समय सावधानी बरतनी चाहिए। मिठाई की ताजगी, साफ-सफाई, पैकेजिंग और प्रतिष्ठान की स्वच्छता पर ध्यान देना जरूरी है। इसके अलावा खुले में रखी या लंबे समय से रखी मिठाइयों को खरीदने से बचना बेहतर होता है।
कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप
गजरौला में मकान के भीतर चल रही बर्फी बनाने की फैक्ट्री पर खाद्य विभाग की छापेमारी के बाद क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति रही। बड़ी मात्रा में संदिग्ध मिठाई मिलने और उसे मौके पर नष्ट कराए जाने के बाद आसपास के खाद्य कारोबारियों में भी कार्रवाई को लेकर चर्चा रही।
फिलहाल विभाग की जांच जारी है। संचालक के मौके से फरार होने के कारण जांच के अगले चरण में उससे जुड़े तथ्यों को भी शामिल किया जाएगा। खाद्य विभाग की ओर से यह भी देखा जा रहा है कि बरामद मिठाई की बिक्री या सप्लाई कहीं अन्य स्थानों पर तो नहीं की जानी थी।

