गोवर्धन के भुवनेश कुमार बने असिस्टेंट कमांडेंट, UPSC CAPF में 245वीं रैंक हासिल कर गांव का नाम किया रोशन
रिपोर्ट- योगेश भारद्वाज
मथुरा/गोवर्धन। मथुरा जिले के गोवर्धन ब्लॉक के छोटे से गांव नगला छिंगा के होनहार युवा भुवनेश कुमार पुत्र विजयपाल सिंह चौधरी ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की ओर से आयोजित केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) परीक्षा 2026 में भुवनेश कुमार ने ऑल इंडिया 245वीं रैंक हासिल की है। इसके साथ ही उनका चयन असिस्टेंट कमांडेंट पद के लिए हुआ है। उनकी इस सफलता से परिवार के साथ-साथ पूरे गांव, गोवर्धन क्षेत्र और मथुरा जिले में खुशी का माहौल है।
भुवनेश की उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने ग्रामीण परिवेश से निकलकर राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षा में सफलता हासिल की है। उनकी कामयाबी ने गांव के युवाओं के सामने यह उदाहरण प्रस्तुत किया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और उसके लिए लगातार मेहनत की जाए तो संसाधनों की सीमाएं सफलता के रास्ते में बाधा नहीं बनतीं।
गांव पहुंचते ही हुआ भव्य स्वागत
UPSC CAPF परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद जब भुवनेश कुमार पहली बार अपने पैतृक गांव नगला छिंगा पहुंचे तो ग्रामीणों ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस अवसर पर गांव में उत्साह का माहौल दिखाई दिया। ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों के साथ भुवनेश का स्वागत किया और उन्हें फूल-मालाएं पहनाकर बधाई दी।
इसके अलावा युवाओं और ग्रामीणों ने भुवनेश को कंधे पर उठाकर गांव में भ्रमण कराया। इस दौरान लोगों ने उनकी सफलता पर खुशी जताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। गांव के बुजुर्गों ने भी भुवनेश को आशीर्वाद दिया और कहा कि उनकी उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी।
भुवनेश की सफलता के बाद नगला छिंगा में यह चर्चा भी रही कि गांव के बेटे ने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर क्षेत्र का मान बढ़ाया है। ग्रामीणों के लिए यह उपलब्धि केवल एक युवा की व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे गांव के लिए गौरव का विषय बन गई है।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने किया सम्मान
भुवनेश कुमार की सफलता की जानकारी मिलने के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष किशन सिंह भी उनके पैतृक गांव पहुंचे। उन्होंने भुवनेश को माला पहनाकर सम्मानित किया और उनकी सफलता पर शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत केवल उन्हें सही दिशा, निरंतर मार्गदर्शन और मेहनत का रास्ता अपनाने की है। उन्होंने कहा कि भुवनेश जैसे युवा दूसरे युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनते हैं। उनकी उपलब्धि से गोवर्धन के साथ-साथ पूरे मथुरा जिले का गौरव बढ़ा है।
उन्होंने भुवनेश के परिवार को भी बधाई देते हुए कहा कि परिवार से मिले संस्कार और सहयोग किसी भी युवा की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
जनसेवा की विरासत से जुड़े परिवार से आते हैं भुवनेश
भुवनेश कुमार का परिवार लंबे समय से सामाजिक सेवा और जनसेवा से जुड़ा रहा है। उनके परिवार की क्षेत्र में अपनी अलग पहचान रही है। उनके दादा स्वर्गीय गोवर्धन सिंह ग्राम पंचायत नगला छिंगा से निर्विरोध प्रधान निर्वाचित हुए थे।
वहीं, उनकी ताई रजनी चौधरी गोवर्धन ब्लॉक की प्रमुख रह चुकी हैं। परिवार की सामाजिक और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका के बीच भुवनेश ने अब देश सेवा का रास्ता चुना है। ऐसे में उनकी असिस्टेंट कमांडेंट पद पर नियुक्ति परिवार की जनसेवा की परंपरा को एक नए आयाम से जोड़ती है।
भुवनेश की सफलता से परिवार के सदस्यों के साथ ग्रामीणों में भी उत्साह है। लोगों का मानना है कि जिस परिवार ने लंबे समय तक क्षेत्र में सामाजिक जिम्मेदारियां निभाई हैं, उसी परिवार का युवा अब केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल में अपनी सेवाएं देकर देश की जिम्मेदारी निभाएगा।
बचपन से पढ़ाई में रहे मेधावी
ग्रामीणों के अनुसार भुवनेश कुमार बचपन से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर और मेहनती रहे हैं। उन्होंने अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार तैयारी की। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान उन्होंने अनुशासन और निरंतर अध्ययन को प्राथमिकता दी।
UPSC CAPF जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षा में सफलता हासिल करना आसान नहीं माना जाता। इसके लिए अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा के साथ-साथ शारीरिक दक्षता, चिकित्सा मानकों और अन्य चयन प्रक्रियाओं में भी बेहतर प्रदर्शन करना होता है। भुवनेश ने अपनी मेहनत और लगन से इस चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया में सफलता हासिल की।
अपनी सफलता का श्रेय भुवनेश कुमार ने अपने माता-पिता, गुरुजनों और लगातार की गई मेहनत को दिया। उन्होंने कहा कि परिवार के सहयोग और शिक्षकों के मार्गदर्शन ने उन्हें लक्ष्य की ओर बढ़ने में काफी मदद की।
युवाओं को दिया मेहनत का संदेश
सफलता के बाद भुवनेश कुमार ने क्षेत्र के युवाओं से लक्ष्य निर्धारित कर लगातार मेहनत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने सपनों को लेकर गंभीर रहना चाहिए और किसी भी परिस्थिति में मेहनत से पीछे नहीं हटना चाहिए।
उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि लक्ष्य बड़ा रखना चाहिए, लेकिन उसके लिए ईमानदारी और अनुशासन के साथ निरंतर प्रयास भी जरूरी है। सफलता तुरंत नहीं मिलती, लेकिन लगातार प्रयास करने वाला व्यक्ति अपने लक्ष्य तक जरूर पहुंच सकता है।
उनकी इस बात को गांव के युवाओं ने भी उत्साह के साथ सुना। ग्रामीणों का कहना है कि भुवनेश की सफलता से क्षेत्र के अन्य छात्र भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रेरित होंगे।
स्वागत समारोह में जुटे सैकड़ों लोग
भुवनेश कुमार के स्वागत और सम्मान समारोह में क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख विनोद, जिला सहकारी बैंक निदेशक जगदीश कुंतल, LDB चेयरमैन गोवर्धन विजय सिंह, प्रधान बलजीत, प्रधान चंद्रपाल, प्रधान भीकम, प्रधान रामवीर, हरदम प्रधान बोरपा, राजवीर सिंह, मनोज कुंतल, अजीत चौधरी, तेजपाल, योगेश पहलवान, थान सिंह और सचिन सहित सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए।
सभी लोगों ने भुवनेश कुमार को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई दी और असिस्टेंट कमांडेंट के रूप में उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह में ग्रामीणों ने कहा कि भुवनेश की सफलता से नगला छिंगा का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन हुआ है।
गांव से देश सेवा तक का सफर
भुवनेश कुमार की कहानी ग्रामीण भारत के उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। नगला छिंगा जैसे गांव से निकलकर UPSC CAPF परीक्षा में ऑल इंडिया 245वीं रैंक हासिल करना उनकी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास को दर्शाता है।
अब असिस्टेंट कमांडेंट के रूप में चयन के बाद भुवनेश देश की सेवा की नई जिम्मेदारी संभालने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। उनके परिवार और ग्रामीणों को उम्मीद है कि वह अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा के साथ निभाएंगे और अपने गांव की उस पहचान को आगे बढ़ाएंगे, जिसे उन्होंने अपनी उपलब्धि से और मजबूत किया है।

