कानपुर GRP ने लौटाए 611 गुम मोबाइल, यात्रियों के चेहरे पर लौटी खुशी – जानिए बरामद मोबाइल की कीमत
रिपोर्ट – विक्की रघुवंशी
कानपुर: रक्षाबंधन के महापर्व के दौरान ट्रेनों से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए कानपुर जीआरपी ने राहत भरी पहल की है। थाना जीआरपी कानपुर सेंट्रल पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत विभिन्न कंपनियों के गुम हुए 611 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंपे। बरामद मोबाइल की अनुमानित कीमत करीब 2.50 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। मोबाइल वापस मिलने के बाद यात्रियों के चेहरों पर खुशी साफ नजर आई और उन्होंने जीआरपी की कार्रवाई की सराहना की।
सर्विलांस सेल की मदद से बरामद हुए मोबाइल
पुलिस के अनुसार, गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा था। इसी क्रम में थाना जीआरपी कानपुर सेंट्रल की टीम ने जीआरपी सर्विलांस सेल की तकनीकी सहायता से अलग-अलग कंपनियों के कुल 611 मोबाइल फोन बरामद किए।
यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक रेलवे प्रकाश डी. के मार्गदर्शन, पुलिस महानिरीक्षक रेलवे एन. कोलान्ची के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक रेलवे प्रयागराज प्रशांत कुमार वर्मा की निगरानी में आगे बढ़ाई गई। वहीं, पुलिस उपाधीक्षक रेलवे कानपुर शेषमणि उपाध्याय के निकट पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक थाना जीआरपी कानपुर सेंट्रल ओम नारायण सिंह के नेतृत्व में टीम ने मोबाइल बरामदगी अभियान को अंजाम दिया।
रक्षाबंधन के दौरान यात्रियों को मिली बड़ी राहत
रक्षाबंधन के अवसर पर रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में अधिक रहती है। ऐसे में यात्रा के दौरान मोबाइल फोन गुम होने से यात्रियों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ व्यक्तिगत जानकारी और जरूरी संपर्कों को लेकर भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ऐसे मामलों में जीआरपी की ओर से चलाया जा रहा मोबाइल बरामदगी अभियान यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ। मोबाइल वापस मिलने से कई यात्रियों को न केवल आर्थिक राहत मिली, बल्कि उनके जरूरी दस्तावेज, संपर्क और अन्य डिजिटल जानकारी भी वापस मिल सकी।
27 अगस्त को आयोजित हुआ मोबाइल वितरण समारोह
जीआरपी की ओर से बरामद किए गए मोबाइल फोन को उनके वास्तविक स्वामियों तक पहुंचाने के लिए 27 अगस्त 2026 को मोबाइल वितरण समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक रेलवे प्रयागराज प्रशांत कुमार वर्मा की मौजूदगी में बरामद मोबाइल फोन संबंधित यात्रियों को विधिवत सुपुर्द किए गए।
मोबाइल फोन वापस प्राप्त करने वाले यात्रियों के चेहरे पर खुशी दिखाई दी। कई यात्रियों ने जीआरपी कानपुर सेंट्रल की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए पुलिस टीम का आभार जताया।
यात्रियों ने जीआरपी की कार्यशैली की सराहना की
मोबाइल फोन प्राप्त करने वाले यात्रियों ने कहा कि गुम मोबाइल की बरामदगी कर उन्हें वापस सौंपना जीआरपी की सक्रियता और तकनीकी दक्षता को दर्शाता है। यात्रियों के मुताबिक, पुलिस की इस पहल से लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ है।
वहीं, जीआरपी का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ उनकी संपत्ति की सुरक्षा भी पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
ऑपरेशन मुस्कान के तहत लगातार कार्रवाई
कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन उत्तर प्रदेश के प्रमुख रेलवे स्टेशनों में शामिल है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री आवागमन करते हैं। यात्रियों की भीड़ के बीच मोबाइल फोन या अन्य सामान गुम होने की शिकायतें भी पुलिस के सामने आती हैं।
इन्हीं शिकायतों के निस्तारण के लिए जीआरपी द्वारा ऑपरेशन मुस्कान के तहत विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान में सर्विलांस सेल की तकनीकी मदद से मोबाइल फोन की पहचान और उनकी बरामदगी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
पुलिस टीम ने बरामद मोबाइल फोन को उनके वास्तविक स्वामियों तक पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मोबाइल वितरण समारोह आयोजित कर यात्रियों को उनके फोन सौंपे गए।
2.50 करोड़ रुपये से अधिक कीमत के मोबाइल
जीआरपी के अनुसार, बरामद किए गए 611 मोबाइल फोन की अनुमानित कुल कीमत करीब 2 करोड़ 50 लाख रुपये से अधिक है। इतनी बड़ी संख्या में मोबाइल फोन की बरामदगी और उन्हें उनके मालिकों को लौटाना जीआरपी की कार्रवाई की महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
मोबाइल फोन आज दैनिक जीवन का जरूरी हिस्सा बन चुके हैं। बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, व्यक्तिगत संपर्क, जरूरी दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण सेवाएं मोबाइल से जुड़ी होती हैं। ऐसे में मोबाइल गुम होने पर लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए गुम मोबाइल की बरामदगी यात्रियों के लिए काफी उपयोगी साबित होती है।
पुलिस की तकनीकी क्षमता का उपयोग
इस अभियान की खास बात यह रही कि मोबाइल फोन की बरामदगी में सर्विलांस और तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल किया गया। आधुनिक तकनीक के माध्यम से गुम मोबाइलों को ट्रेस करने की कोशिश की गई और सफल बरामदगी के बाद उन्हें संबंधित यात्रियों को सौंपा गया।
जीआरपी की इस कार्रवाई से यह संदेश भी सामने आया कि रेलवे यात्रियों से जुड़ी शिकायतों के समाधान में पुलिस तकनीकी माध्यमों का प्रभावी उपयोग कर रही है। इसके साथ ही यात्रियों को भी सलाह दी जाती है कि यात्रा के दौरान अपने मोबाइल फोन और अन्य जरूरी सामान को सुरक्षित रखें।
यात्रियों का पुलिस के प्रति भरोसा बढ़ा
मोबाइल फोन वापस मिलने के बाद यात्रियों ने जीआरपी कानपुर सेंट्रल पुलिस के प्रति आभार जताया। उनका कहना था कि पुलिस की ओर से की गई इस पहल से उन्हें उम्मीद मिली कि गुम हुई वस्तुओं को वापस पाने के लिए शिकायत दर्ज कराने के बाद प्रभावी कार्रवाई हो सकती है।
कुल मिलाकर, ऑपरेशन मुस्कान के तहत 611 मोबाइल फोन की बरामदगी और उन्हें वास्तविक स्वामियों को लौटाने की कार्रवाई यात्रियों के लिए राहत देने वाली रही। रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण पर्व के दौरान मोबाइल वापस मिलने से यात्रियों की खुशी और बढ़ गई।
जीआरपी की इस पहल से यात्री सुरक्षा, तकनीकी दक्षता और जनविश्वास—तीनों पहलुओं को मजबूती मिली है। पुलिस का प्रयास है कि भविष्य में भी गुम मोबाइल और अन्य सामान की बरामदगी के लिए ऐसे अभियानों को प्रभावी तरीके से जारी रखा जाए।

