मिशन शक्ति 5.0: कानपुर देहात में महिला सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान
रिपोर्ट- विशाल मिश्रा
कानपुर देहात: मिशन शक्ति फेज-5 के द्वितीय चरण के तहत कानपुर देहात पुलिस ने महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान, सशक्तिकरण और कानूनी अधिकारों को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक कानपुर देहात श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के निर्देशन में 27 अगस्त 2026 को जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों ने बाजारों, सार्वजनिक स्थलों, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पहुंचकर महिलाओं एवं बालिकाओं को जरूरी जानकारी दी।
अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें किसी भी विपरीत परिस्थिति में उपलब्ध पुलिस सहायता और हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी देना रहा। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने महिलाओं से संवाद किया और उन्हें सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण उपायों के बारे में बताया।
बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर पहुंची पुलिस
मिशन शक्ति अभियान के तहत कानपुर देहात पुलिस की टीमों ने विभिन्न बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं एवं बालिकाओं से संपर्क किया। इसके अलावा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान सैकड़ों महिलाओं और बालिकाओं को महिला सुरक्षा, सशक्तिकरण तथा कानूनी अधिकारों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
पुलिस ने महिलाओं को समझाया कि किसी भी प्रकार की असुरक्षा, उत्पीड़न या अपराध की स्थिति में चुप रहने के बजाय तत्काल पुलिस की मदद लेनी चाहिए। साथ ही, आसपास होने वाली संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने के लिए भी प्रेरित किया गया।
हेल्पलाइन नंबरों की दी गई जानकारी
जागरूकता अभियान के दौरान पुलिस ने महिलाओं एवं बालिकाओं को विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों के बारे में विस्तार से बताया। पुलिस के अनुसार, जरूरत पड़ने पर महिलाएं इन सेवाओं का इस्तेमाल कर सकती हैं।
- 181 – महिला हेल्पलाइन
- 1090 – महिला शक्ति लाइन
- 1098 – चाइल्ड हेल्पलाइन
- 112 – इमरजेंसी हेल्पलाइन
- 1076 – पुलिस कंट्रोल रूम
पुलिस ने बताया कि इन हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी महिलाओं के लिए बेहद उपयोगी है। इसलिए प्रत्येक महिला और बालिका को इन नंबरों को अपने मोबाइल फोन में सुरक्षित रखने की सलाह दी गई।
साइबर अपराधों से बचाव के लिए किया जागरूक
आज के डिजिटल दौर में साइबर अपराध भी महिलाओं और बालिकाओं के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा चुनौती बनकर सामने आए हैं। इसे देखते हुए अभियान के दौरान पुलिस ने सोशल मीडिया और इंटरनेट के सुरक्षित इस्तेमाल को लेकर भी जागरूक किया।
महिलाओं को फिशिंग, साइबर स्टॉकिंग, फर्जी प्रोफाइल और फर्जी सोशल मीडिया खातों के माध्यम से होने वाली धोखाधड़ी के बारे में जानकारी दी गई। पुलिस ने समझाया कि अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध संदेशों का जवाब देने या किसी अनजान व्यक्ति के साथ निजी जानकारी साझा करने से बचना चाहिए।
इसके साथ ही महिलाओं को सोशल मीडिया अकाउंट की गोपनीयता सेटिंग मजबूत रखने, संदिग्ध प्रोफाइल से सावधान रहने और किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल शिकायत करने की सलाह दी गई।
UPCOP ऐप की भी दी गई जानकारी
अभियान के दौरान पुलिस सेवाओं का लाभ आसानी से प्राप्त करने के लिए UPCOP ऐप के बारे में भी महिलाओं को जानकारी दी गई। पुलिस ने बताया कि डिजिटल माध्यमों के जरिए उपलब्ध पुलिस सेवाओं का इस्तेमाल कर नागरिक कई जरूरी सुविधाओं तक आसानी से पहुंच सकते हैं।
महिलाओं को तकनीक का सुरक्षित और जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इसके साथ ही पुलिस ने डिजिटल सुरक्षा से जुड़े सामान्य उपायों को अपनाने की अपील की।
कानूनी अधिकारों की जानकारी देकर किया सशक्त
मिशन शक्ति अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा महिलाओं और बालिकाओं को उनके कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी देना रहा। पुलिस टीमों ने संबंधित कानूनों और सुरक्षा प्रावधानों के बारे में सरल भाषा में जानकारी साझा की।
इस दौरान POCSO एक्ट, दहेज निषेध अधिनियम, घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम तथा साइबर अपराधों से संबंधित सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के बारे में बताया गया।
पुलिस ने महिलाओं को समझाया कि कानून उन्हें कई प्रकार के शोषण और अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है। इसलिए किसी समस्या का सामना होने पर उन्हें अपने अधिकारों के बारे में जानकारी रखते हुए उचित माध्यम से शिकायत करनी चाहिए।
महिला सशक्तिकरण पर पुलिस का जोर
मिशन शक्ति फेज-5 के तहत चलाए जा रहे इस अभियान में केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण पर भी जोर दिया गया। पुलिस का प्रयास है कि महिलाएं अपने अधिकारों और उपलब्ध सरकारी एवं पुलिस सेवाओं के प्रति जागरूक हों तथा जरूरत पड़ने पर बिना संकोच सहायता प्राप्त कर सकें।
इसके अलावा बालिकाओं को भी अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहने और किसी संदिग्ध स्थिति में भरोसेमंद व्यक्ति अथवा पुलिस से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया गया।
जीरो टॉलरेंस नीति को मजबूत करने का प्रयास
कानपुर देहात पुलिस के अनुसार, मिशन शक्ति अभियान के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं में सुरक्षा की भावना मजबूत करने के साथ-साथ अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति को और प्रभावी बनाया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि महिला सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसलिए महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार, जागरूकता और समय पर सहायता उपलब्ध कराना सुरक्षित समाज के निर्माण के लिए जरूरी है।
महिलाओं से की गई तत्काल सहायता लेने की अपील
अभियान के अंत में कानपुर देहात पुलिस ने सभी महिलाओं और बालिकाओं से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की असुरक्षा या अपराध की स्थिति में चुप न रहें। जरूरत पड़ने पर नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करने के साथ-साथ संबंधित हेल्पलाइन नंबरों का इस्तेमाल करें।
पुलिस ने यह भी कहा कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन सुनिश्चित करने के लिए मिशन शक्ति अभियान निरंतर जारी रहेगा। जागरूकता के जरिए महिलाओं को अपने अधिकारों की जानकारी देना और उन्हें उपलब्ध सुरक्षा तंत्र से जोड़ना इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।
सुरक्षित समाज के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी
मिशन शक्ति 5.0 के द्वितीय चरण में कानपुर देहात पुलिस की ओर से चलाया गया यह अभियान महिला सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। बाजारों और सार्वजनिक स्थानों से लेकर ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों तक पहुंचकर पुलिस ने महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा उपायों, कानूनी अधिकारों और हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी दी।

