श्रावस्ती में बाढ़ के खतरे को लेकर प्रशासन अलर्ट, DM अन्नपूर्णा गर्ग ने तटबंधों और कटान का लिया जायजा

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रिपोर्ट- सूर्य प्रकाश शुक्ला 

श्रावस्ती। जिले में संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए श्रावस्ती प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने गुरुवार को संवेदनशील क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर बाढ़ से पहले सभी जरूरी इंतजाम पूरे करने के निर्देश दिए। उन्होंने सिसवारा घाट और दोंदरा तटबंध का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने तटबंधों की स्थिति, कटान की समस्या और संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों की जानकारी ली।

जिलाधिकारी के निरीक्षण के दौरान विशेष रूप से सिसवारा घाट की एप्रोच रोड पर हो रहे कटान का जायजा लिया गया। उन्होंने अधिकारियों से मौके पर स्थिति की जानकारी ली और सड़क को सुरक्षित रखने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाने को कहा। प्रशासन का उद्देश्य यह है कि बारिश और नदी के जलस्तर में वृद्धि की स्थिति में आवागमन प्रभावित न हो तथा किसी भी संभावित नुकसान को समय रहते रोका जा सके।

सिसवारा घाट पर कटान की स्थिति का निरीक्षण

सिसवारा घाट क्षेत्र बाढ़ की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने मौके पर पहुंचकर एप्रोच रोड और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से कटान की वर्तमान स्थिति, नदी के जलस्तर और सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कटान को केवल तत्कालीन स्तर पर रोकने के बजाय उसके स्थायी समाधान की दिशा में भी प्रभावी कदम उठाए जाएं। इसके लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, जहां जरूरत हो वहां सुरक्षात्मक उपायों को तुरंत लागू करने को कहा गया।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़क और तटबंध की सुरक्षा से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। इसके अलावा, संवेदनशील स्थानों की लगातार निगरानी करने और स्थिति में बदलाव होने पर तत्काल उच्च अधिकारियों को जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए।

ड्रेजिंग के लिए विभागों में समन्वय पर जोर

बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन की ओर से जल निकासी और नदी से जुड़े कार्यों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। जिलाधिकारी ने ड्रेजिंग से संबंधित कार्यों के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि बाढ़ से पहले जरूरी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए। इसके लिए विभाग अपनी-अपनी जिम्मेदारियों के अनुसार कार्ययोजना तैयार करें और आपसी तालमेल से उसे जमीन पर लागू करें। इससे जरूरत के समय संसाधनों और कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी।

इसके साथ ही जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी संवेदनशील स्थान पर समस्या सामने आने का इंतजार न किया जाए। बल्कि संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों को पहले से चिन्हित कर वहां आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य पूरे किए जाएं।

जियो शीट और बंबू क्रैट लगाने के निर्देश

कटान की समस्या से निपटने के लिए जिलाधिकारी ने संवेदनशील स्थानों पर जियो शीट और बंबू क्रैट लगाने के निर्देश दिए। इन उपायों का उद्देश्य कटान प्रभावित हिस्सों को अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करना है, ताकि नदी के बहाव के कारण मिट्टी के कटाव को नियंत्रित किया जा सके।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि जहां भी कटान की आशंका अधिक है, वहां आवश्यक सामग्री और संसाधन पहले से उपलब्ध रहें। इससे बारिश या नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि होने पर तत्काल कार्रवाई की जा सकेगी।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सुरक्षा से जुड़े कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। मौके पर लगाए जाने वाले सुरक्षात्मक उपायों की नियमित निगरानी की जाए और आवश्यकता के अनुसार उन्हें मजबूत किया जाए।

जरूरी सामग्री पहले से रखने के निर्देश

बाढ़ की तैयारियों के तहत जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को आवश्यक सामग्री पहले से उपलब्ध रखने के निर्देश दिए। उनका कहना है कि आपदा जैसी स्थिति में तत्काल कार्रवाई तभी प्रभावी तरीके से हो सकती है, जब जरूरी संसाधन पहले से तैयार हों।

इसी क्रम में कटान प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों की सूची तैयार रखने, वहां आवश्यक सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा मशीनरी और मानव संसाधन की तैनाती के लिए तैयारी रखने पर जोर दिया गया।

प्रशासन का प्रयास है कि संभावित बाढ़ की स्थिति में राहत और बचाव कार्य शुरू करने में किसी तरह की देरी न हो। इसलिए संबंधित विभागों को अपनी तैयारियों की समीक्षा करते रहने और कमियों को समय रहते दूर करने को कहा गया है।

दोंदरा तटबंध के निर्माण कार्य की समीक्षा

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने दोंदरा तटबंध के निर्माण कार्य की भी समीक्षा की। उन्होंने मौके पर चल रहे कार्यों की प्रगति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली और यह सुनिश्चित करने को कहा कि निर्धारित कार्य बाढ़ से पहले पूरे किए जाएं।

उन्होंने तटबंध की सुरक्षा और मजबूती को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही, निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि तटबंध से जुड़े सभी आवश्यक कार्यों की नियमित निगरानी की जाए, ताकि किसी भी स्तर पर कमी सामने आने पर तत्काल सुधार किया जा सके।

दोंदरा तटबंध की सुरक्षा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बारिश के दौरान नदी के जलस्तर में वृद्धि होने पर तटबंधों पर दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन की ओर से पहले से तैयारी रखने पर जोर दिया जा रहा है।

बाढ़ से पहले पूरे किए जाएं सभी इंतजाम

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ आने की स्थिति का इंतजार किए बिना सभी कटान रोधी और सुरक्षात्मक इंतजाम पहले से पूरे कर लिए जाएं। उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों की भी समीक्षा करने को कहा।

प्रशासन की रणनीति में संभावित कटान वाले स्थानों की पहचान, जरूरी सामग्री की उपलब्धता, तटबंधों की निगरानी और विभागीय समन्वय को प्रमुखता दी जा रही है। इसके अलावा, जिन स्थानों पर सड़क या संपर्क मार्ग प्रभावित होने की आशंका है, वहां भी समय रहते आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि किसी भी आपात स्थिति में संबंधित विभागों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान तेजी से हो। इसके लिए स्थानीय स्तर पर निगरानी व्यवस्था को सक्रिय रखने और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।

प्रशासन की तैयारियों से समय रहते रोकथाम पर जोर

श्रावस्ती में बाढ़ की संभावित चुनौती को देखते हुए प्रशासन का फोकस अब रोकथाम और तैयारी पर है। सिसवारा घाट से लेकर दोंदरा तटबंध तक जिलाधिकारी के निरीक्षण का उद्देश्य संवेदनशील स्थानों की वास्तविक स्थिति का आकलन करना और आवश्यक कदमों को समय रहते लागू करना रहा।

वहीं, अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि नदी और तटबंध से जुड़े क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए। यदि किसी स्थान पर कटान बढ़ता है या सड़क अथवा तटबंध की स्थिति में बदलाव दिखाई देता है तो तत्काल आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय किए जाएं।