बारावफात पर्व को लेकर कानपुर में कड़ी सुरक्षा, पुलिस आयुक्त ने जुलूस मार्ग का लिया जायजा
रिपोर्ट- विक्की रघुवंशी
कानपुर। बारावफात पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए कानपुर नगर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां कीं। इसी क्रम में बुधवार, 26 अगस्त 2026 को पुलिस आयुक्त कानपुर नगर रघुबीर लाल ने थाना कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत परेड और आसपास के इलाकों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जुलूस के निर्धारित मार्ग पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था का जायजा लिया तथा संबंधित पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
पुलिस आयुक्त ने मुस्लिम धर्मगुरुओं और जुलूस आयोजकों के साथ क्षेत्र का भ्रमण भी किया। उन्होंने पर्व के दौरान आपसी सौहार्द और शांति बनाए रखने के लिए स्थानीय स्तर पर बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि बारावफात पर्व से जुड़े सभी कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी न रहे और श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
झंडी दिखाकर बारावफात जुलूस का किया शुभारंभ
बारावफात पर्व के अवसर पर आयोजित जुलूस का पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। जुलूस निर्धारित मार्ग से आगे बढ़ा। इस दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ यातायात प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
पुलिस आयुक्त ने जुलूस मार्ग पर मौजूद पुलिस अधिकारियों से सुरक्षा इंतजामों की जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने मार्ग में आने वाले संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थानों का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जुलूस के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रबंध पहले से सुनिश्चित किए जाएं।
इसके साथ ही जुलूस में शामिल लोगों और आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पुलिसकर्मियों की तैनाती को प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए गए। पुलिस प्रशासन का उद्देश्य रहा कि धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो और शहर में आपसी भाईचारे का वातावरण बना रहे।
सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी के निर्देश
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पुलिस आयुक्त ने सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जुलूस मार्ग और आसपास के प्रमुख स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जाए, ताकि किसी भी स्थिति का समय रहते आकलन किया जा सके।
इसके अलावा पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया। पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए सभी संबंधित अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करें।
तकनीकी निगरानी के साथ-साथ स्थानीय पुलिस की मौजूदगी को भी महत्वपूर्ण बताया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जुलूस के दौरान प्रमुख स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती प्रभावी ढंग से की जाए और किसी भी आवश्यकता की स्थिति में तत्काल समन्वय स्थापित किया जाए।
धर्मगुरुओं और आयोजकों से समन्वय पर जोर
पुलिस आयुक्त ने स्थानीय मुस्लिम धर्मगुरुओं और जुलूस आयोजकों के साथ संवाद करते हुए कहा कि किसी भी बड़े धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में प्रशासन और आयोजकों के बीच बेहतर समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए पर्व से संबंधित व्यवस्थाओं में स्थानीय धर्मगुरुओं और आयोजकों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि बारावफात पर्व के दौरान सभी लोग आपसी भाईचारे और सौहार्द की भावना के साथ आयोजन में भाग लें। साथ ही जुलूस के निर्धारित मार्ग और प्रशासन द्वारा तय व्यवस्थाओं का पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
पुलिस प्रशासन की ओर से यह प्रयास किया गया कि धार्मिक आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो। इसके लिए जुलूस मार्ग, यातायात व्यवस्था, पुलिस बल की तैनाती और निगरानी व्यवस्था को एक साथ समन्वित किया गया।
यातायात व्यवस्था को लेकर भी सतर्क रहा पुलिस प्रशासन
बारावफात जुलूस के चलते शहर के कुछ प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ने की संभावना को देखते हुए पुलिस अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। जुलूस के निर्धारित मार्ग पर यातायात व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए पुलिस आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी न हो।
जुलूस के दौरान यातायात को व्यवस्थित रखने और आवश्यकतानुसार मार्ग प्रबंधन करने के निर्देश भी दिए गए। पुलिसकर्मियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से आगे बढ़े और यातायात व्यवस्था भी प्रभावी तरीके से संचालित होती रहे।
वरिष्ठ अधिकारियों ने संभाली जिम्मेदारी
निरीक्षण के दौरान पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इनमें पुलिस उपायुक्त पूर्वी सत्यजीत सिंह, अपर पुलिस उपायुक्त पूर्वी शिवा सिंह, अपर पुलिस उपायुक्त अभिसूचना/कानून एवं व्यवस्था महेश कुमार, सहायक पुलिस आयुक्त कलक्टरगंज, संबंधित थाना प्रभारी और अन्य पुलिस बल शामिल रहे।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों को उनके क्षेत्र के अनुसार जिम्मेदारियां सौंपी गईं और पर्व के दौरान लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
शांतिपूर्ण आयोजन के लिए प्रशासन की पूरी तैयारी
कानपुर पुलिस की ओर से बारावफात पर्व को लेकर की गई तैयारियों का मुख्य उद्देश्य शहर में शांति, सुरक्षा और सौहार्द बनाए रखना है। पुलिस प्रशासन ने पर्याप्त पुलिस बल के साथ तकनीकी निगरानी और स्थानीय स्तर पर समन्वय की व्यवस्था पर जोर दिया है।
इसके अलावा जुलूस के निर्धारित मार्ग पर पुलिस की मौजूदगी सुनिश्चित की गई। सीसीटीवी और ड्रोन के माध्यम से निगरानी रखने के साथ ही संबंधित अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे किसी भी संभावित स्थिति पर समय रहते नजर रखी जा सकेगी।

