मुरादाबाद की नई कमिश्नर संगीता सिंह ने संभाला कार्यभार, पोषण 2.0 समेत ये होंगी प्राथमिकताएं – पढ़िए
रिपोर्ट – मोहम्मद अरशद
मुरादाबाद: वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी संगीता सिंह ने मुरादाबाद मंडल की नई मंडलायुक्त (कमिश्नर) के रूप में विधिवत कार्यभार संभाल लिया। कार्यभार ग्रहण करने के बाद आयुक्त सभागार में आयोजित अपनी पहली प्रेसवार्ता में उन्होंने मंडल के पांचों जिलों—मुरादाबाद, बिजनौर, संभल, अमरोहा और रामपुर—के विकास को लेकर अपनी प्राथमिकताएं और कार्ययोजना साझा की।
नवागत कमिश्नर ने कहा कि पारदर्शी प्रशासन, जनसमस्याओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, कानून-व्यवस्था, सामाजिक समरसता तथा जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन उनकी प्राथमिकताओं में रहेगा। इसके साथ ही उन्होंने टीम बिल्डिंग और मेंटरशिप को अपनी कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उनका जोर अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर एक टीम के रूप में काम करने पर रहेगा।
‘श्रीजी’ मॉडल से राजस्व विवादों के समाधान पर जोर
मंडल में लंबे समय से लंबित और जटिल राजस्व विवादों के समाधान के लिए कमिश्नर संगीता सिंह अपने चर्चित ‘श्रीजी’ मॉडल को लागू करेंगी। यह मॉडल उनके पूर्व कार्यक्षेत्र ब्रज क्षेत्र में संचालित किया गया था।
इस व्यवस्था के तहत प्रत्येक मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मंडल के किसी एक जिले की सभी तहसीलों को जोड़ा जाएगा। इसके बाद प्रत्येक तहसील से लंबे समय से लंबित और जटिल 5 से 6 राजस्व मामलों का चयन किया जाएगा।
इन मामलों का कमिश्नर के समक्ष बिंदुवार प्रस्तुतीकरण कराया जाएगा। इसके बाद संबंधित अधिकारियों के साथ मामले की समीक्षा कर न्यायसंगत समाधान का प्रयास किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य राजस्व विवादों के निस्तारण में तेजी लाना और आम लोगों को अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना है।
कमिश्नर ने भूमि और राजस्व विवादों के मामलों में पारदर्शिता तथा समयबद्ध कार्रवाई पर विशेष जोर दिया। उनका कहना है कि विवादों का त्वरित और निष्पक्ष समाधान प्रशासन के प्रति जनता के विश्वास को मजबूत करता है।
पीतल और एमएसएमई उद्योग को मिलेगी प्राथमिकता
मुरादाबाद को पीतल नगरी के नाम से भी जाना जाता है। यहां का हस्तशिल्प और पीतल उद्योग देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी पहचान रखता है। ऐसे में नवागत मंडलायुक्त ने औद्योगिक विकास को भी अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है।
उन्होंने कहा कि मंडलीय उद्योग बंधु बैठक को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। इसके माध्यम से प्रमुख निर्यातकों, हस्तशिल्पियों और छोटे तथा मध्यम उद्यमियों के साथ सीधे संवाद किया जाएगा। उद्योगों के सामने आने वाली समस्याओं को चिन्हित करने के बाद संबंधित विभागों के माध्यम से उनके समाधान की दिशा में काम किया जाएगा।
इसके अलावा पीतल उद्योग के लिए मार्केटिंग, उत्पादों की बिक्री, बिजली आपूर्ति, आधुनिक तकनीक के प्रशिक्षण केंद्र और औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा जैसे विषयों पर भी ध्यान दिया जाएगा।
कमिश्नर का उद्देश्य स्थानीय उद्योगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार में और मजबूत बनाने का है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
371 बच्चों के मॉडल से ‘पोषण 2.0’ को मिलेगी गति
कुपोषण के खिलाफ अभियान को भी नवागत कमिश्नर ने अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है। उन्होंने पूर्व में रामपुर और अलीगढ़ मंडल में सीएसआर यानी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी के सहयोग से चलाए गए पोषण मॉडल का उल्लेख किया।
इस मॉडल के तहत चार विकासखंडों में 371 गंभीर और मध्यम कुपोषित बच्चों को चिन्हित किया गया था। इन बच्चों को विशेष पोषण किट उपलब्ध कराने के साथ लगातार छह महीने तक उनकी निगरानी की गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस प्रयास के बाद करीब 350 बच्चे सामान्य श्रेणी में आ गए।
अब इसी अनुभव को आधार बनाकर मुरादाबाद मंडल के पांचों जिलों में ‘पोषण 2.0’ अभियान को आगे बढ़ाने की योजना है। इसके लिए सक्षम सामाजिक संस्थाओं और औद्योगिक घरानों के सहयोग की भी मदद ली जाएगी।
इस पहल का उद्देश्य कुपोषित बच्चों की पहचान, पोषण संबंधी सहायता और नियमित निगरानी को मजबूत करना है। साथ ही, संबंधित विभागों और सामाजिक संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर रहेगा।
महिलाओं और बालिकाओं के लिए HPV वैक्सीनेशन पर जोर
महिला स्वास्थ्य को भी कमिश्नर संगीता सिंह ने महत्वपूर्ण प्राथमिकता बताया। उन्होंने सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी यानी ह्यूमन पैपिलोमा वायरस वैक्सीनेशन को बढ़ावा देने की बात कही।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर योजना के व्यापक विस्तार से पहले ही उनके पूर्व कार्यक्षेत्र में बालिकाओं और महिलाओं के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान को प्रोत्साहित किया गया था। अब मुरादाबाद मंडल में भी इस अभियान को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने की योजना है।
स्वास्थ्य विभाग और संबंधित संस्थाओं के सहयोग से जागरूकता बढ़ाने तथा पात्र लोगों तक टीकाकरण की सुविधा पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े अन्य विषयों पर भी प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक पहल की जाएगी।
सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर भी फोकस
मुरादाबाद मंडल में सड़क सुरक्षा को लेकर भी कमिश्नर ने स्पष्ट कार्ययोजना का संकेत दिया। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं और यातायात संबंधी समस्याओं को कम करने के लिए जिला सड़क सुरक्षा समितियों की नियमित बैठकें कराने पर जोर दिया।
इन बैठकों में दुर्घटना संभावित क्षेत्रों यानी ब्लैक स्पॉट्स की पहचान और सुधार, यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने तथा नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े विषयों की समीक्षा की जाएगी।
इसके अलावा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर सड़क सुरक्षा से जुड़े उपायों को प्रभावी तरीके से लागू करने का प्रयास किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित बनाने के साथ नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
तीन दशक से अधिक का प्रशासनिक अनुभव
नवागत मंडलायुक्त संगीता सिंह के पास प्रशासनिक सेवा का तीन दशक से अधिक का अनुभव है। वर्ष 1994 में पीसीएस अधिकारी के रूप में चयनित होने के बाद वर्ष 2015 में उन्हें 2009 बैच की आईएएस संवर्ग वरिष्ठता प्रदान की गई।
वह सुल्तानपुर की जिलाधिकारी के रूप में भी जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। इसके अलावा वर्ष 2018 में उन्हें उत्तर प्रदेश में आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की पहली स्टेट सीईओ के रूप में जिम्मेदारी मिली थी। इस दौरान उन्होंने राज्य स्तर पर स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के संचालन और ढांचे को मजबूत करने में भूमिका निभाई।
इसके बाद वह अलीगढ़ मंडल की कमिश्नर भी रहीं। वहां प्रशासनिक स्तर पर विभिन्न नवाचारों के बाद अब उन्हें मुरादाबाद मंडल की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
त्योहारों पर सौहार्द बनाए रखने की अपील
कार्यभार संभालने के बाद कमिश्नर संगीता सिंह ने मुरादाबाद मंडल के नागरिकों को सावन, रक्षाबंधन और मिलादुन्नबी के अवसर पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने नागरिकों और सामाजिक संगठनों से आपसी भाईचारे, सामाजिक समरसता और सौहार्द की परंपरा को मजबूत बनाए रखने की अपील की।
उन्होंने कहा कि मुरादाबाद मंडल विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे में प्रशासन के साथ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी से त्योहारों को आपसी सद्भाव के साथ मनाने और मंडल के विकास में सहयोग करने का आह्वान किया।
जनता तक योजनाओं की पहुंच होगी प्राथमिकता
नवागत कमिश्नर की कार्ययोजना में एक महत्वपूर्ण बिंदु सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना भी है। उन्होंने अधिकारियों से बेहतर समन्वय के साथ काम करने और जनसमस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने की अपेक्षा जताई।
कुल मिलाकर, मुरादाबाद मंडल की नई कमिश्नर संगीता सिंह ने कार्यभार संभालते ही राजस्व विवाद, औद्योगिक विकास, पोषण, महिला स्वास्थ्य, सड़क सुरक्षा और जनसमस्याओं के समाधान को लेकर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दी हैं। अब इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और विभागीय समन्वय पर प्रशासन का फोकस रहेगा।

