प्रयागराज हाईकोर्ट बार चुनाव में पहली बार महिलाओं को 33% का आरक्षण, 17 सितंबर को होगी वोटिंग – पूरी खबर पढ़ें विस्तार से,,,
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प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव में इस बार महिला प्रतिनिधित्व को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। बार चुनाव में पहली बार महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। इसके तहत बार की विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर महिला प्रत्याशियों को प्रतिनिधित्व मिलेगा। चुनाव प्रक्रिया के तहत 26 अगस्त से 28 अगस्त तक नामांकन फार्म उपलब्ध कराए जाएंगे, जबकि मतदान 17 सितंबर को हाईकोर्ट क्रिकेट मैदान में कराया जाएगा।
इस चुनाव में कुल 11,485 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। महिला आरक्षण के प्रावधान के तहत उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष, संयुक्त सचिव और गवर्निंग काउंसिल के पदों में महिलाओं के लिए सीटें निर्धारित की गई हैं। इससे बार एसोसिएशन की चुनावी व्यवस्था में महिला भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है।
पहली बार लागू हुआ 33 फीसदी महिला आरक्षण
हाईकोर्ट बार चुनाव में पहली बार महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। यह व्यवस्था बार की चुनावी प्रक्रिया में महिला प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आरक्षण के तहत बार के पदाधिकारियों में महिलाओं के लिए अलग-अलग पद निर्धारित किए गए हैं। इसके अनुसार दो उपाध्यक्ष और एक कोषाध्यक्ष महिला होंगी। इसके अलावा बार की एक संयुक्त सचिव का पद भी महिला प्रत्याशी के लिए आरक्षित रहेगा।
वहीं, गवर्निंग काउंसिल में कुल 15 पदों में से पांच पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। इस प्रकार चुनाव के बाद बार की महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाली व्यवस्था में महिला अधिवक्ताओं की भागीदारी बढ़ेगी।
28 अगस्त तक मिलेंगे नामांकन फार्म
बार चुनाव की प्रक्रिया के तहत नामांकन को लेकर भी कार्यक्रम जारी किया गया है। 26 अगस्त से 28 अगस्त तक प्रत्याशियों को नामांकन फार्म उपलब्ध कराए जाएंगे। इच्छुक अधिवक्ता निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार चुनाव में अपनी दावेदारी पेश कर सकेंगे।
नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव से जुड़े अन्य चरणों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ाया जाएगा। ऐसे में चुनाव लड़ने के इच्छुक अधिवक्ताओं के लिए नामांकन की अवधि महत्वपूर्ण होगी।
चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के साथ-साथ निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करने पर भी ध्यान दिया जाएगा। नामांकन से लेकर मतदान तक की पूरी प्रक्रिया बार के निर्धारित चुनावी प्रावधानों के अनुसार आगे बढ़ेगी।
17 सितंबर को हाईकोर्ट क्रिकेट मैदान में मतदान
बार चुनाव के लिए मतदान की तारीख भी तय कर दी गई है। 17 सितंबर को हाईकोर्ट क्रिकेट मैदान पर वोटिंग होगी। इस चुनाव में बड़ी संख्या में अधिवक्ता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।
कुल 11,485 मतदाताओं के नाम मतदान सूची में शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं के कारण मतदान दिवस पर व्यापक व्यवस्था किए जाने की संभावना है। चुनाव प्रबंधन से जुड़े पदाधिकारी मतदान प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने की तैयारी करेंगे।
मतदान के बाद मतगणना और परिणाम से संबंधित प्रक्रिया निर्धारित चुनावी कार्यक्रम के अनुसार पूरी की जाएगी।
11,485 मतदाता करेंगे मतदान
हाईकोर्ट बार चुनाव में इस बार कुल 11,485 मतदाता मतदान करेंगे। इतनी बड़ी मतदाता संख्या चुनाव को महत्वपूर्ण बनाती है। प्रत्येक मतदाता अपने पसंदीदा प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान कर सकेगा।
महिला आरक्षण लागू होने के कारण इस बार महिला अधिवक्ताओं की चुनावी भागीदारी पर भी विशेष नजर रहेगी। आरक्षित पदों पर महिला प्रत्याशियों के सामने आने से बार की नेतृत्व व्यवस्था में नए प्रतिनिधित्व की संभावना बनी है।
इसके साथ ही चुनाव में विभिन्न पदों के लिए प्रत्याशियों के बीच मुकाबला भी देखने को मिलेगा। हालांकि, अंतिम स्थिति नामांकन प्रक्रिया पूरी होने और प्रत्याशियों की सूची सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
उपाध्यक्ष और कोषाध्यक्ष के पद पर महिलाओं को मौका
महिला आरक्षण के तहत बार में दो उपाध्यक्ष पद और एक कोषाध्यक्ष पद महिला प्रत्याशियों के लिए निर्धारित किया गया है। यह पहली बार है जब चुनावी व्यवस्था में इस तरह का आरक्षण लागू किया जा रहा है।
उपाध्यक्ष और कोषाध्यक्ष जैसे पद बार एसोसिएशन के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में इन पदों पर महिला अधिवक्ताओं की भागीदारी बढ़ने से निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भूमिका मजबूत होने की उम्मीद है।
इसके अलावा संयुक्त सचिव के एक पद पर भी महिला प्रत्याशी का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है। इससे बार के प्रशासनिक कामकाज में महिला अधिवक्ताओं की भागीदारी और बढ़ेगी।
गवर्निंग काउंसिल के 15 में पांच पद महिलाओं के लिए
बार की गवर्निंग काउंसिल में कुल 15 पद होते हैं। इस बार इनमें से पांच पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। यह प्रावधान महिला अधिवक्ताओं को बार की नीति और प्रशासनिक निर्णयों में अधिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
गवर्निंग काउंसिल बार से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय लेने में भूमिका निभाती है। इसलिए इसमें महिला सदस्यों की संख्या बढ़ने से बार की कार्यप्रणाली में महिलाओं की भागीदारी और प्रभाव दोनों बढ़ सकते हैं।
महिला अधिवक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण बदलाव
हाईकोर्ट बार चुनाव में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू किए जाने को महिला अधिवक्ताओं के प्रतिनिधित्व की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। लंबे समय से विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाता रहा है। इसी क्रम में बार की चुनावी व्यवस्था में महिलाओं को आरक्षित प्रतिनिधित्व मिलना भी अहम है।
इस व्यवस्था से महिला अधिवक्ताओं को चुनाव लड़ने और बार के महत्वपूर्ण पदों पर अपनी भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा। साथ ही, इससे बार की निर्णय प्रक्रिया में महिला दृष्टिकोण को अधिक स्थान मिलने की संभावना है।
चुनावी प्रक्रिया पर रहेगी नजर
नामांकन फार्म मिलने की प्रक्रिया 28 अगस्त तक चलेगी। इसके बाद चुनावी कार्यक्रम के अनुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। वहीं, 17 सितंबर को मतदान के लिए हाईकोर्ट क्रिकेट मैदान को निर्धारित किया गया है।
चूंकि इस चुनाव में 11,485 मतदाता मतदान करेंगे, इसलिए चुनाव प्रबंधन के सामने मतदान को सुचारु और व्यवस्थित तरीके से कराने की चुनौती भी रहेगी। हालांकि, चुनाव से जुड़े पदाधिकारी निर्धारित नियमों और व्यवस्थाओं के अनुसार मतदान कराने की तैयारी करेंगे।
कुल मिलाकर, इस बार प्रयागराज हाईकोर्ट बार चुनाव महिला प्रतिनिधित्व के लिहाज से खास होने जा रहा है। पहली बार 33 प्रतिशत आरक्षण के तहत महिलाओं को उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष, संयुक्त सचिव और गवर्निंग काउंसिल में प्रतिनिधित्व मिलेगा। वहीं, 17 सितंबर को होने वाला मतदान चुनावी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण होगा। अब सभी की नजरें नामांकन प्रक्रिया और मैदान में उतरने वाले प्रत्याशियों पर रहेंगी।

