सीएसआईआर-आईएमएमटी ने उन्नत ई-लर्निंग केंद्र का किया उद्घाटन, कौशल विकास को मिलेगा नया आयाम

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Digital UP News Desk

भुवनेश्वर: वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद-खनिज तथा पदार्थ प्रौद्योगिकी संस्थान (CSIR-IMMT), भुवनेश्वर ने 27 जुलाई 2026 को वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) की समेकित कौशल पहल के तहत अपने उन्नत ई-लर्निंग केंद्र का उद्घाटन किया। यह केंद्र डिजिटल शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और कौशल विकास को बढ़ावा देने की दिशा में संस्थान की महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

उद्घाटन कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. विनय कुमार, वैज्ञानिक-जी एवं नोडल वैज्ञानिक, सीएसआईआर-समेकित कौशल पहल, सीएसआईआर-मानव संसाधन विकास केंद्र द्वारा वृक्षारोपण अभियान के साथ हुई। इसके बाद डॉ. विनय कुमार ने सीएसआईआर-आईएमएमटी के निदेशक डॉ. रामानुज नारायण की उपस्थिति में नवनिर्मित उन्नत ई-लर्निंग केंद्र का औपचारिक उद्घाटन किया।

डिजिटल शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

उन्नत ई-लर्निंग केंद्र की स्थापना का उद्देश्य आधुनिक तकनीक के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रशिक्षण संसाधनों को अधिक लोगों तक पहुंचाना है। उद्घाटन के बाद एस.एस. भटनागर हॉल में कौशल विकास बैठक आयोजित की गई। इसमें संस्थान के वैज्ञानिकों, शोध छात्रों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएसआईआर-आईएमएमटी के निदेशक डॉ. रामानुज नारायण ने कहा कि संस्थान आधुनिक शैक्षणिक और तकनीकी अवसंरचना के माध्यम से डिजिटल शिक्षा, नवाचार और कौशल विकास को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नया ई-लर्निंग केंद्र छात्रों, शोधकर्ताओं और उद्योग से जुड़े कर्मियों के लिए गुणवत्तापूर्ण अध्ययन एवं प्रशिक्षण संसाधनों की पहुंच बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि बदलते तकनीकी और औद्योगिक परिवेश में केवल पारंपरिक शिक्षा पर्याप्त नहीं है। इसलिए, लगातार सीखने और नई तकनीकों के अनुरूप अपने कौशल को विकसित करने की आवश्यकता है। इसी दिशा में ई-लर्निंग केंद्र एक उपयोगी मंच के रूप में काम कर सकता है।

प्रशिक्षण कार्यक्रमों को मिलेगी नई गति

सीएसआईआर-आईएमएमटी के वैज्ञानिक-एफ और कौशल विकास समन्वयक डॉ. संतोष कुमार बेहरा ने सीएसआईआर-समेकित कौशल पहल के तहत संस्थान द्वारा किए जा रहे कौशल विकास कार्यों का विस्तृत अवलोकन प्रस्तुत किया।

उन्होंने बताया कि संस्थान की ओर से विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों, उद्योग-उन्मुख पाठ्यक्रमों और क्षमता निर्माण गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों से देश के अलग-अलग हिस्सों के विद्यार्थी, पेशेवर और शोधकर्ता लाभान्वित हुए हैं।

उन्होंने कहा कि उद्योग की जरूरतों और तकनीकी क्षेत्र में हो रहे बदलावों को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रमों को लगातार विकसित किया जाना जरूरी है। ऐसे में नया ई-लर्निंग केंद्र प्रशिक्षण गतिविधियों को अधिक व्यवस्थित, तकनीक आधारित और व्यापक बनाने में मदद करेगा।

तकनीक आधारित शिक्षा पर जोर

कार्यक्रम में सीएसआईआर-आईएमएमटी की वैज्ञानिक-जी, मुख्य वैज्ञानिक एवं मानव संसाधन अध्यक्ष डॉ. त्रुप्ती दास ने तकनीक-समर्थित शिक्षा, मानव संसाधन विकास और निरंतर ज्ञानार्जन के महत्व पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि आज के समय में तकनीकी बदलाव तेजी से हो रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और पेशेवरों के लिए नई जानकारी और तकनीकी कौशल हासिल करते रहना आवश्यक है। इसके साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तकनीक आधारित शिक्षा के माध्यम से उभरती औद्योगिक और अनुसंधान संबंधी चुनौतियों के लिए सक्षम कार्यबल तैयार किया जा सकता है।

इस प्रकार, ई-लर्निंग केंद्र केवल ऑनलाइन पाठ्यक्रमों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ज्ञान और कौशल के निरंतर विकास के लिए एक व्यापक मंच के रूप में उपयोग किया जा सकता है।

रोजगार और नवाचार के लिए कौशल विकास जरूरी

सीएसआईआर-आईएमएमटी के वैज्ञानिक-जी एवं प्रमुख डॉ. एल. डी. बेसरा ने कौशल विकास कार्यक्रमों की उपयोगिता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बेहतर कौशल युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ नवाचार को भी प्रोत्साहित करता है।

उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों और उद्योगों के बीच मौजूद कौशल संबंधी अंतर को कम करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनके अनुसार, विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को ऐसी व्यावहारिक एवं तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराना जरूरी है, जो भविष्य की औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप हो।

डॉ. बेसरा ने कहा कि निरंतर कौशल उन्नयन एक सक्षम और भविष्य के लिए तैयार कार्यबल के निर्माण की बुनियाद है। इसलिए, प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण को शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जाना चाहिए।

राष्ट्रीय स्तर पर कौशल विकास का लक्ष्य

मुख्य संबोधन में डॉ. विनय कुमार ने सीएसआईआर-समेकित कौशल पहल के व्यापक दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य तकनीक-समर्थित शिक्षा, डिजिटल लर्निंग और उद्योग-केंद्रित कौशल विकास के लिए एक मजबूत राष्ट्रीय पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना है।

उन्होंने सीएसआईआर-आईएमएमटी द्वारा उन्नत ई-लर्निंग केंद्र स्थापित करने के प्रयासों की सराहना की। साथ ही उम्मीद जताई कि यह केंद्र ऑनलाइन प्रशिक्षण, मिश्रित ज्ञानार्जन कार्यक्रमों, वेबिनार, कार्यशालाओं और सहयोगात्मक ज्ञान-साझाकरण गतिविधियों के लिए प्रभावी मंच बनेगा।

डिजिटल माध्यमों की मदद से प्रशिक्षण कार्यक्रमों की पहुंच को संस्थान की भौगोलिक सीमा से आगे बढ़ाया जा सकता है। परिणामस्वरूप, अलग-अलग क्षेत्रों के विद्यार्थी, शोधकर्ता और उद्योग से जुड़े पेशेवर इन संसाधनों का लाभ उठा सकेंगे।

भविष्य के लिए तैयार होगा कुशल कार्यबल

नव-उद्घाटित ई-लर्निंग केंद्र को आधुनिक डिजिटल अवसंरचना से सुसज्जित किया गया है। इसका उद्देश्य सीएसआईआर-समेकित कौशल पहल के तहत उच्च गुणवत्ता वाले ऑनलाइन और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के संचालन को मजबूत करना है।

केंद्र के माध्यम से संस्थान भविष्य में विभिन्न प्रकार के डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर सकता है। इसके अलावा, वेबिनार, ऑनलाइन व्याख्यान, मिश्रित शिक्षण कार्यक्रम, तकनीकी कार्यशालाएं और विशेषज्ञों के साथ ज्ञान-साझाकरण जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

इस पहल से शिक्षा और उद्योग के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को आधुनिक तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप अपने कौशल को विकसित करने का अवसर मिलेगा।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. मनिष कुमार, वैज्ञानिक-एफ ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।