अमरोहा में सावन के अंतिम सोमवार पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, डीएम डॉ. नितिन गौड़ ने किया जलाभिषेक

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रिपोर्ट – इक़बाल अंसारी 

अमरोहा: श्रावण मास के अंतिम सोमवार के पावन अवसर पर अमरोहा जनपद के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। सुबह से ही मंदिरों में भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया। इस दौरान प्रसिद्ध श्री वासुदेव तीर्थ स्थल पर भी श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या रही। जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ ने वासुदेव तीर्थ पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से जलाभिषेक किया और पूजा-अर्चना कर जिले की सुख-समृद्धि की कामना की।

सावन के अंतिम सोमवार को लेकर जिला प्रशासन की ओर से भी व्यापक तैयारियां की गई थीं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिले के प्रमुख शिव मंदिरों में साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और यातायात प्रबंधन के इंतजाम किए गए। इसके साथ ही मंदिर परिसरों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई।

वासुदेव तीर्थ पहुंचकर डीएम ने किया जलाभिषेक

श्रावण मास के अंतिम सोमवार पर जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ प्रसिद्ध श्री वासुदेव तीर्थ स्थल पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान शिव का जलाभिषेक किया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ मौजूद रही।

डीएम ने पूजा-अर्चना के बाद जिले में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए की गई व्यवस्थाओं की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि सावन के अंतिम सोमवार को देखते हुए प्रशासन की ओर से पहले से ही आवश्यक तैयारियां की गई थीं।

जिलाधिकारी के अनुसार, प्रशासन का उद्देश्य था कि शिवभक्तों को मंदिरों में दर्शन और पूजा-अर्चना के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसी को ध्यान में रखते हुए संबंधित विभागों को व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए गए थे।

प्रमुख शिवालयों में की गई विशेष व्यवस्थाएं

अमरोहा जिले में सावन के अंतिम सोमवार को लेकर प्रमुख शिवालयों में विशेष व्यवस्थाएं की गईं। मंदिर परिसरों और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।

वहीं, सुबह और शाम के समय श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए मंदिर परिसरों में उचित रोशनी की व्यवस्था भी की गई। इससे भक्तों को मंदिर तक पहुंचने और दर्शन करने में सुविधा मिल सके।

प्रशासन की ओर से संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि मंदिर परिसरों में सफाई व्यवस्था लगातार बनी रहे। जहां अधिक भीड़ हो, वहां अतिरिक्त कर्मचारियों की मदद से व्यवस्थाओं को सुचारु रखा जाए।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस रही अलर्ट

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिले में सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए। प्रमुख शिव मंदिरों के साथ-साथ संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया।

पुलिसकर्मियों को मंदिर परिसरों और आसपास के क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। भीड़ को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने और श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन कराने के लिए पुलिस टीम सक्रिय रही।

इसके अलावा, किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए रहे। आवश्यकता के अनुसार संबंधित अधिकारियों द्वारा मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया गया।

ट्रैफिक व्यवस्था पर भी रहा विशेष जोर

सावन के अंतिम सोमवार पर शिवालयों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के कारण यातायात व्यवस्था भी प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल रही। मंदिरों के आसपास और प्रमुख मार्गों पर यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस टीमों को तैनात किया गया।

श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए आवश्यक स्थानों पर यातायात प्रबंधन किया गया। इसके अलावा मंदिरों के आसपास अनावश्यक भीड़ और जाम की स्थिति न बने, इसके लिए भी पुलिसकर्मी लगातार सक्रिय रहे।

प्रशासन की कोशिश रही कि श्रद्धालुओं को मंदिर पहुंचने और पूजा के बाद वापस लौटने में किसी तरह की परेशानी न हो। इसी वजह से सुरक्षा व्यवस्था के साथ यातायात प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दिया गया।

श्रद्धालुओं में दिखा खास उत्साह

श्रावण मास का अंतिम सोमवार होने के कारण श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में भक्त सुबह से ही शिवालयों में पहुंचने लगे। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को जल, बेलपत्र और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर पूजा-अर्चना की।

मंदिरों में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। कई श्रद्धालु परिवार के साथ मंदिर पहुंचे, जबकि बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी पूजा-अर्चना के लिए शिवालयों में पहुंचे।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इसलिए इस महीने के अंतिम सोमवार पर भी भक्तों ने श्रद्धा के साथ भगवान शिव का पूजन किया।

प्रशासनिक अधिकारी लगातार लेते रहे व्यवस्थाओं का जायजा

अमरोहा में सावन के अंतिम सोमवार को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को लगातार व्यवस्थाओं पर नजर रखने के निर्देश दिए गए थे। मंदिर परिसरों में साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा के साथ-साथ यातायात व्यवस्था की भी निगरानी की गई।

जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ ने भी व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

इसके साथ ही मंदिरों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखने और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी ध्यान दिया गया। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता दी गई।

बुनियादी सुविधाओं पर प्रशासन का जोर

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किसी भी धार्मिक आयोजन में बुनियादी सुविधाओं का बेहतर होना जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए अमरोहा प्रशासन ने शिवालयों में पेयजल, सफाई और रोशनी की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया।

डीएम ने बताया कि संबंधित अधिकारियों को पहले ही आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद प्रशासनिक टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में व्यवस्थाओं की निगरानी करती रहीं।

इससे मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिली। साथ ही, भीड़ को व्यवस्थित तरीके से नियंत्रित करने में भी प्रशासन को सहयोग मिला।

सुरक्षित माहौल में दर्शन कराने की कोशिश

अमरोहा प्रशासन और पुलिस की प्राथमिकता रही कि सावन के अंतिम सोमवार पर श्रद्धालु सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल में भगवान शिव के दर्शन कर सकें। इसके लिए मंदिर परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ यातायात प्रबंधन को भी मजबूत किया गया।

प्रशासनिक अधिकारियों ने संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया। पुलिस बल की तैनाती के साथ मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा का भी ध्यान रखा गया।

इस दौरान प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से भी व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की गई। भीड़ अधिक होने की स्थिति में धैर्य रखने और पुलिस एवं प्रशासन के निर्देशों का पालन करने का संदेश दिया गया।

वासुदेव तीर्थ पर धार्मिक आस्था का केंद्र

श्री वासुदेव तीर्थ अमरोहा के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। सावन के दौरान यहां भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। अंतिम सोमवार पर भी मंदिर परिसर में भक्तों की अच्छी खासी भीड़ दिखाई दी।

डीएम डॉ. नितिन गौड़ ने यहां पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने जिले के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलें और किसी प्रकार की असुविधा न हो।

आस्था के साथ प्रशासनिक तैयारियां भी रहीं मजबूत

अमरोहा में सावन के अंतिम सोमवार का दिन धार्मिक आस्था और प्रशासनिक तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा। एक ओर जहां शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी, वहीं दूसरी ओर प्रशासन और पुलिस की टीमें व्यवस्थाओं को संभालने में जुटी रहीं।

साफ-सफाई, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था से लेकर सुरक्षा और यातायात प्रबंधन तक विभिन्न पहलुओं पर ध्यान दिया गया। इसके परिणामस्वरूप श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया।

कुल मिलाकर, सावन के अंतिम सोमवार पर अमरोहा के शिवालयों में भक्ति और आस्था का माहौल रहा। श्री वासुदेव तीर्थ पर जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। वहीं, जिलेभर में प्रशासन और पुलिस की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए।

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