बिजनौर में सावन के आखिरी सोमवार पर पुलिस अलर्ट, ड्रोन से कांवड़ मार्ग की निगरानी
रिपोर्ट – ताबिश मिर्जा
बिजनौर: सावन के आखिरी सोमवार को लेकर बिजनौर पुलिस ने जिले में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण में शिवभक्तों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम 24 घंटे ड्यूटी पर तैनात रहकर कांवड़ मार्गों, प्रमुख स्थानों और संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी कर रही है।
एक महीने से चल रही सावन कांवड़ यात्रा के अंतिम सोमवार को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। खासतौर पर मंडावली, नजीबाबाद, नगीना और धामपुर थाना क्षेत्रों से गुजरने वाले कांवड़ मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके साथ ही ड्रोन कैमरों के माध्यम से भी लगातार निगरानी की जा रही है।
सावन के आखिरी सोमवार पर पुलिस पूरी तरह अलर्ट
सावन का अंतिम सोमवार शिवभक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए मंदिरों और शिवालयों में पहुंचते हैं। वहीं, कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार और अन्य गंगातटीय क्षेत्रों से जल लेकर लौटने वाले कांवड़िए भी अपने गंतव्य की ओर आगे बढ़ते हैं।
ऐसे में बिजनौर पुलिस ने यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां की हैं। पुलिसकर्मियों को कांवड़ मार्गों पर लगातार तैनात किया गया है। इसके अलावा प्रमुख चौराहों, बाजारों, धार्मिक स्थलों और कांवड़ियों की आवाजाही वाले मार्गों पर भी निगरानी बढ़ाई गई है।
पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार के नेतृत्व में अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। वहीं, थाना स्तर पर पुलिस टीमों को अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
ड्रोन कैमरों से कांवड़ मार्ग पर निगरानी
बिजनौर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था में तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। मंडावली, नजीबाबाद, नगीना और धामपुर थाना क्षेत्रों में कांवड़ मार्गों पर ड्रोन कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही है।
ड्रोन के माध्यम से भीड़ की स्थिति और मार्गों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। इससे पुलिस को बड़े क्षेत्र पर निगरानी रखने में मदद मिल रही है। किसी स्थान पर भीड़ अधिक होने या यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति में पुलिस टीम समय रहते आवश्यक कदम उठा सकती है।
इसके अलावा पुलिसकर्मी जमीनी स्तर पर भी लगातार ड्यूटी कर रहे हैं। इस तरह तकनीकी निगरानी और पुलिस की प्रत्यक्ष मौजूदगी के जरिए कांवड़ यात्रा को व्यवस्थित रखने का प्रयास किया जा रहा है।
24 घंटे ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी
सावन की कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी लगातार बनी हुई है। यात्रा के अंतिम सोमवार पर भी पुलिस टीम दिन-रात अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रही है।
कांवड़ मार्गों पर तैनात पुलिसकर्मी शिवभक्तों की सुरक्षा के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को भी सुचारु बनाए रखने में जुटे हैं। इसके लिए अलग-अलग स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है।
पुलिस अधिकारियों का जोर इस बात पर है कि कांवड़ियों को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके साथ ही स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को भी यातायात व्यवस्था में सहयोग करने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
पुलिस ने सेवा के लिए लगाए शिविर
बिजनौर पुलिस की भूमिका केवल सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं है। कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस टीम की ओर से शिवभक्तों की सेवा के लिए खाने-पीने के शिविर भी लगाए जा रहे हैं।
इन शिविरों के माध्यम से कांवड़ियों को भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिसकर्मियों द्वारा सुरक्षा के साथ सेवा का यह प्रयास श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
कांवड़ यात्रा जैसे बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान पुलिस की जिम्मेदारी कई स्तरों पर होती है। एक ओर जहां कानून-व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है, वहीं दूसरी ओर श्रद्धालुओं की सुविधा और यातायात प्रबंधन पर भी ध्यान देना पड़ता है। बिजनौर पुलिस इसी संतुलन के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाने का प्रयास कर रही है।
शिवभक्तों ने पुलिस व्यवस्था की सराहना की
कांवड़ मार्गों पर की गई सुरक्षा व्यवस्था को देखकर कई शिवभक्तों ने पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना की है। श्रद्धालुओं का कहना है कि मार्गों पर पुलिस की मौजूदगी से उन्हें सुरक्षा का भरोसा मिल रहा है।
कांवड़ियों के अनुसार, पुलिसकर्मी जगह-जगह तैनात दिखाई दे रहे हैं और जरूरत पड़ने पर सहायता भी कर रहे हैं। वहीं, ड्रोन से निगरानी जैसी व्यवस्था से भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भरोसा बढ़ा है।
श्रद्धालुओं ने पुलिस के सेवा भाव की भी प्रशंसा की। उनका कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सहायता और सेवा में भी जुटे हुए हैं।
एसपी कृष्ण कुमार के नेतृत्व में तैयारियां
बिजनौर पुलिस की इस पूरी व्यवस्था की निगरानी पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार के नेतृत्व में की जा रही है। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
एसपी की टीम लगातार विभिन्न थाना क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रख रही है। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर पुलिस अधिकारियों द्वारा भी कांवड़ मार्गों का निरीक्षण किया जा रहा है।
पुलिस की कोशिश है कि सावन के अंतिम सोमवार पर श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु रहे और कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो। इसके लिए सुरक्षा, यातायात और सेवा—तीनों पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है।
सेवा और सुरक्षा का संदेश
बिजनौर पुलिस की ओर से की गई व्यवस्थाएं यह दिखाती हैं कि बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान पुलिस की भूमिका केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रहती। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ उनकी सुविधा का ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
सावन के आखिरी सोमवार पर कांवड़ यात्रा अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। ऐसे में पुलिस की सतर्कता और बढ़ गई है। मंडावली से लेकर नजीबाबाद, नगीना और धामपुर तक कांवड़ मार्गों पर पुलिसकर्मी तैनात हैं। वहीं, ड्रोन कैमरों से निगरानी और सेवा शिविरों के जरिए श्रद्धालुओं की मदद की जा रही है।
बिजनौर पुलिस का संदेश साफ है—सुरक्षा के साथ सेवा और कर्तव्य के प्रति पूरी प्रतिबद्धता। एसपी कृष्ण कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम लगातार अपनी जिम्मेदारी निभा रही है। शिवभक्तों की ओर से मिल रही सराहना पुलिसकर्मियों के लिए भी उत्साह बढ़ाने वाली है।
सावन के अंतिम सोमवार पर प्रशासन और पुलिस की यह सक्रियता न केवल कांवड़ यात्रा को व्यवस्थित बनाने में मदद करती है, बल्कि श्रद्धालुओं के बीच सुरक्षा और सहयोग का भरोसा भी मजबूत करती है। अब पुलिस की प्राथमिकता यही है कि कांवड़ यात्रा का अंतिम चरण शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से पूरा हो।

