दिल्ली में पुलिसकर्मियों पर हमला: बाइक जब्ती को लेकर विवाद, मिर्च पाउडर और डंडों से किया हमला
Digital UP News Desk
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। भलस्वा डेयरी थाना क्षेत्र में मोटरसाइकिल को पुलिस थाने में रखने को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते तनावपूर्ण हो गया। आरोप है कि मोटरसाइकिल मालिक और उसके परिवार से जुड़े कुछ लोगों ने गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों को घेर लिया और उनकी आंखों में मिर्च पाउडर डालकर लाठी-डंडों तथा ईंटों से हमला कर दिया। घटना में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक, घटना के दौरान एक 17 वर्षीय किशोर को मौके से पकड़ा गया, जबकि अन्य आरोपी वहां से फरार हो गए। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी बताए जा रहे सुनील उर्फ पंकज के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
बिना उचित दस्तावेज वाली मोटरसाइकिल मिली
जानकारी के अनुसार, भलस्वा डेयरी पुलिस स्टेशन में तैनात बीट स्टाफ के हेड कांस्टेबल दिनेश और हेड कांस्टेबल राजेश जनता विहार और मुकुंदपुर इलाके में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान पुलिसकर्मियों ने चेकिंग के दौरान एक ऐसी मोटरसाइकिल को रोका, जिसके दस्तावेजों को लेकर पुलिस को संदेह था।
पुलिस ने नियमों के तहत मोटरसाइकिल को थाने में जमा कराने की कार्रवाई की। बताया गया है कि वाहन को डीपी एक्ट की संबंधित धारा के तहत पुलिस स्टेशन लाया गया था। इसके बाद पुलिसकर्मी अपनी नियमित ड्यूटी के लिए दोबारा इलाके में लौट गए।
हालांकि, कुछ समय बाद मोटरसाइकिल मालिक और उसके परिवार से जुड़े लोगों ने पुलिसकर्मियों को रास्ते में रोक लिया। आरोप है कि समूह ने मोटरसाइकिल को थाने ले जाने की कार्रवाई पर आपत्ति जताई और पुलिसकर्मियों से बहस शुरू कर दी।
विवाद के बाद अचानक बढ़ा तनाव
पुलिस के अनुसार, दोपहर करीब 3:30 बजे विवाद ने अचानक गंभीर रूप ले लिया। आरोप है कि समूह में शामिल कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। इस दौरान उनकी आंखों में मिर्च पाउडर डाल दिया गया। इसके बाद लाठी-डंडों और ईंटों से हमला किए जाने की बात सामने आई है।
हमले की सूचना मिलने के बाद पुलिसकर्मियों की सहायता के लिए हेड कांस्टेबल टीनू भी मौके पर पहुंचे। आरोप है कि उनके साथ भी मारपीट की गई। इस घटना में तीनों पुलिसकर्मियों को चोटें आईं। इनमें हेड कांस्टेबल दिनेश के सिर में चोट लगने की जानकारी सामने आई है।
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। पुलिसकर्मियों को तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई। अधिकारियों के मुताबिक, घायल पुलिसकर्मियों की हालत फिलहाल स्थिर है।
मौके से एक किशोर पकड़ा गया
घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मौके से 17 वर्षीय किशोर को पकड़ लिया। पुलिस की ओर से उसे किशोर न्याय कानून के तहत आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित प्रक्रिया में शामिल किया गया है। वहीं, घटना में शामिल अन्य लोगों के मौके से फरार होने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। घटनास्थल और आसपास के इलाके में उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है, ताकि हमले में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके।
इसके अलावा, पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के समय मौके पर कितने लोग मौजूद थे और किस व्यक्ति की क्या भूमिका रही। जांच के आधार पर आगे आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य आरोपी पर पहले से दर्ज हैं कई मामले
पुलिस जांच में सामने आया है कि फरार आरोपियों में शामिल बताए जा रहे सुनील उर्फ पंकज का आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है। पुलिस के अनुसार, वह इलाके में बैड कैरेक्टर यानी BC के तौर पर दर्ज है। उसके खिलाफ पहले से करीब पांच आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
इन मामलों में दो मामले एनडीपीएस एक्ट से संबंधित बताए गए हैं। इसके अलावा उसके खिलाफ अन्य आपराधिक मामलों में भी कार्रवाई हो चुकी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मौजूदा घटना में उसकी क्या भूमिका रही और हमले में शामिल अन्य लोग कौन हैं।
पुलिस ने शुरू की जांच
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने घटना की जांच तेज कर दी है। जांच टीम घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों को जुटाने के साथ-साथ प्रत्यक्षदर्शियों से भी जानकारी ले रही है। इसके अलावा, पुलिस फरार आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश देने की तैयारी कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था से जुड़े किसी भी मामले में नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाती है। यदि किसी व्यक्ति को पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति होती है तो उसके लिए कानूनी प्रक्रिया उपलब्ध है। पुलिसकर्मियों पर हमला करना कानून के तहत गंभीर मामला है।
वाहन जब्ती से शुरू हुआ विवाद
पूरी घटना की शुरुआत एक मोटरसाइकिल को थाने में जमा कराने की कार्रवाई से हुई। पुलिस का कहना है कि चेकिंग के दौरान वाहन के दस्तावेज सही नहीं पाए जाने के कारण उसे नियमानुसार थाने लाया गया था। इसके बाद वाहन मालिक और उसके परिवार से जुड़े लोगों ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया।
पहले बातचीत और विवाद की स्थिति बनी, लेकिन बाद में मामला कथित हमले तक पहुंच गया। पुलिस अब घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि विवाद किस तरह बढ़ा और हमले में प्रत्येक आरोपी की भूमिका क्या थी।
फिलहाल पुलिस ने एक किशोर को पकड़ लिया है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश जारी है। अधिकारियों के अनुसार, मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

