कानपुर देहात में सैलून संचालक से मारपीट का आरोप, पुलिस पर कार्रवाई में देरी और समझौते का दबाव बनाने का आरोप
रिपोर्ट- विशाल मिश्रा
कानपुर देहात। मंगलपुर थाना क्षेत्र के कंचौसी मोड़, झींझक में एक सैलून संचालक ने कुछ लोगों पर दुकान में घुसकर मारपीट और गाली-गलौज करने का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि घटना के संबंध में उसने मंगलपुर थाने में शिकायत की, लेकिन मुकदमा दर्ज होने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इसके साथ ही पीड़ित ने पुलिस पर समझौते का दबाव बनाने का भी आरोप लगाया है।
पीड़ित सैलून संचालक जीत सविता, पुत्र श्याम प्रकाश, के मुताबिक उसकी कंचौसी मोड़ झींझक के पास सैलून की दुकान है। उसने बताया कि 21 अगस्त की शाम उसकी दुकान के सामने तीन-चार लोग आपस में विवाद कर रहे थे। काफी देर तक उनके बीच कहासुनी और झगड़ा चलता रहा। बाद में सभी लोग वहां से चले गए।
पीड़ित के अनुसार, घटना के बाद उसे लगा कि मामला शांत हो गया है। हालांकि, उसका आरोप है कि बीती रात वही लोग दोबारा उसकी दुकान पर पहुंचे। इस दौरान कथित तौर पर उसके साथ गाली-गलौज की गई और मारपीट शुरू कर दी गई। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उसे बचाने के लिए आगे आए।
आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
सैलून संचालक ने आरोप लगाया कि मारपीट की घटना में रिंकू यादव, रुस्तम यादव और विभान यादव समेत अन्य लोग शामिल थे। पीड़ित का दावा है कि उसके साथ मारपीट के बाद उसने मामले की शिकायत मंगलपुर थाने में की।
पीड़ित के अनुसार, शिकायत के बाद काफी समय बीतने पर पुलिस ने उसकी रिपोर्ट दर्ज की। उसका आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बावजूद संबंधित आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई है। इस वजह से वह खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है और मामले में जल्द कार्रवाई की मांग कर रहा है।
पुलिस पर समझौते का दबाव बनाने का आरोप
पीड़ित ने पुलिस पर एक और गंभीर आरोप लगाया है। उसका कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद भी आरोपियों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसके बजाय उस पर समझौता करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
पीड़ित का कहना है कि वह मामले में निष्पक्ष कार्रवाई चाहता है। उसने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और शिकायत में नामजद लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
आसपास के लोगों ने बचाया
पीड़ित के मुताबिक, जब उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की जा रही थी, तब आसपास मौजूद लोगों ने घटना को देखा। इसके बाद लोग उसकी मदद के लिए पहुंचे। इससे स्थिति को संभालने में मदद मिली। पीड़ित ने कहा कि यदि आसपास के लोग समय पर नहीं पहुंचते तो स्थिति और बिगड़ सकती थी।
घटना के बाद स्थानीय स्तर पर भी मामले को लेकर चर्चा है। सैलून संचालक का कहना है कि वह अपनी दुकान पर काम करता है और किसी विवाद में शामिल नहीं होना चाहता। इसके बावजूद उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई।
कार्रवाई को लेकर उठ रहे सवाल
मामले में पीड़ित द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, पुलिस की ओर से इस पूरे प्रकरण पर आधिकारिक रूप से क्या कहा गया है, यह स्पष्ट रूप से सामने नहीं आया है। इसलिए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
कानूनी तौर पर किसी भी आरोपी को दोषी साबित करने से पहले जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होना आवश्यक है। ऐसे में पुलिस की जांच इस मामले में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
पीड़ित ने अधिकारियों से लगाई न्याय की गुहार
पीड़ित जीत सविता ने अधिकारियों से मामले में निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। उसका कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद भी कार्रवाई आगे नहीं बढ़ने से उसे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उसने यह भी कहा कि वह किसी दबाव में समझौता नहीं करना चाहता और चाहता है कि पूरे मामले की जांच तथ्यों के आधार पर हो। पीड़ित ने उच्च अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई कराने की अपील की है।

