बिजनौर के किरतपुर में गर्भवती युवती की मौत, पुलिस की निष्पक्ष जांच है जारी – जानिए कहाँ का है मामला
रिपोर्ट – ताबिश मिर्जा
बिजनौर: किरतपुर थाना क्षेत्र में गर्भवती युवती की मौत के मामले को लेकर बिजनौर पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस का कहना है कि पूरे प्रकरण की संवेदनशीलता के साथ निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जांच की जा रही है। वहीं, मामले को लेकर सामने आ रही विभिन्न चर्चाओं और अफवाहों के बीच पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और मेडिकल साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, 18 अगस्त को थाना किरतपुर में दिनेश कुमार ने अपनी बेटी सोनी की ससुराल पक्ष के लोगों पर लापरवाही के कारण उसकी मौत होने का आरोप लगाया था। शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और क्षेत्राधिकारी नजीबाबाद आकाशा गौतम के स्तर से जांच शुरू की गई।
पुलिस के अनुसार, अब तक की जांच में सोनी के व्यक्तिगत और वैवाहिक जीवन से जुड़े कुछ तथ्य भी सामने आए हैं। हालांकि, पुलिस का कहना है कि इन तथ्यों के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले मेडिकल रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है।
परिजनों की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
18 अगस्त को किरतपुर थाने में सोनी के पिता दिनेश कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने अपनी बेटी की ससुराल वालों पर लापरवाही का आरोप लगाया था। मामला सामने आते ही पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ऐसे मामलों में सभी पक्षों की बात सुनना और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करना जरूरी होता है। इसी क्रम में पुलिस ने घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों को जुटाना शुरू किया। साथ ही, युवती के उपचार से संबंधित जानकारी और मेडिकल दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि किसी भी पक्ष द्वारा लगाए गए आरोप को अंतिम तथ्य मानने के बजाय पूरे मामले की जांच वैज्ञानिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है।
एक साल पहले किया था प्रेम विवाह
पुलिस की अब तक की जांच में सामने आया है कि सोनी ने करीब एक वर्ष पहले अपने परिजनों की इच्छा के खिलाफ अतुल नाम के युवक से प्रेम विवाह किया था। पुलिस के अनुसार, दोनों अलग-अलग जातियों से संबंधित बताए जा रहे हैं।
विवाह से जुड़े इस पहलू को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि विवाह का यह तथ्य अपने आप में युवती की मौत के कारणों को साबित नहीं करता। इसलिए मामले से जुड़े अन्य सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गर्भावस्था के दौरान युवती का उपचार कहां-कहां हुआ और प्रसव के समय उसकी स्वास्थ्य स्थिति कैसी थी। इसके लिए संबंधित अस्पतालों से उपचार संबंधी रिकॉर्ड और अन्य जरूरी जानकारी जुटाई जा रही है।
निजी अस्पताल में चल रहा था इलाज
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान सोनी का इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा था। प्रसव के दौरान उसकी हालत बिगड़ने पर चिकित्सकों ने उसे बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर किया था।
परिजनों के अनुसार, युवती को हायर सेंटर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की।
पुलिस का कहना है कि युवती की मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि मेडिकल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी। इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी भी तरह की अटकल या निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है।
पुलिस ने कराया पोस्टमार्टम
घटना के बाद पुलिस ने तत्काल आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट को मामले की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है। इसके अलावा युवती के उपचार से संबंधित मेडिकल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले में उपलब्ध मेडिकल साक्ष्यों को ध्यानपूर्वक देखा जा रहा है। इसके साथ ही घटनाक्रम से जुड़े लोगों से जानकारी लेकर पूरे मामले की कड़ियों को समझने का प्रयास किया जा रहा है।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह पता लगाना है कि युवती की मौत किन परिस्थितियों में हुई और क्या किसी स्तर पर लापरवाही या अन्य कोई कानूनी पहलू सामने आता है।
सभी तथ्यों की गहनता से जांच
क्षेत्राधिकारी नजीबाबाद आकाशा गौतम के स्तर से मामले की जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान शिकायतकर्ता के आरोपों के साथ-साथ दूसरे पक्ष से जुड़े तथ्यों को भी देखा जा रहा है।
इसके अलावा युवती के उपचार की परिस्थितियों, प्रसव के दौरान बिगड़ी तबीयत, अस्पताल से रेफर किए जाने और रास्ते में हुई मौत सहित पूरे घटनाक्रम को क्रमवार तरीके से जांचा जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि किसी भी मामले में निष्पक्ष जांच के लिए सभी उपलब्ध साक्ष्यों को एक साथ देखना आवश्यक होता है। इसी आधार पर पुलिस इस मामले में भी आगे बढ़ रही है।
अफवाहों पर भरोसा न करने की अपील
मामले को लेकर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि के किसी भी तरह की जानकारी या अफवाह पर भरोसा न करें। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया अथवा अन्य माध्यमों से सामने आने वाली अपुष्ट सूचनाओं के बजाय जांच में सामने आने वाले प्रमाणिक तथ्यों को ही आधार बनाया जाना चाहिए।
पुलिस की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि मामले में पारदर्शिता बनाए रखते हुए उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है। इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।
तथ्यों के आधार पर होगी विधिक कार्रवाई
बिजनौर पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल साक्ष्य और जांच के दौरान सामने आने वाले अन्य तथ्यों का परीक्षण किया जा रहा है। यदि जांच में किसी व्यक्ति की कानूनी जिम्मेदारी सामने आती है तो उसके खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, यदि जांच में लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं होती है तो उस स्थिति को भी तथ्यों के आधार पर स्पष्ट किया जाएगा। पुलिस का मुख्य उद्देश्य पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने लाना है।
इस संबंध में पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जांच किसी पूर्व निर्धारित निष्कर्ष के आधार पर नहीं, बल्कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। इससे मामले में पारदर्शिता बनी रहेगी और किसी भी पक्ष के साथ अन्याय की स्थिति उत्पन्न नहीं होगी।
पुलिस की जांच पर टिकी नजर
किरतपुर क्षेत्र में गर्भवती युवती की मौत के इस मामले में अब पोस्टमार्टम और मेडिकल साक्ष्यों के साथ-साथ अन्य जांच बिंदुओं पर पुलिस की नजर है। मृतका के पिता की शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है, वहीं युवती के उपचार और प्रसव के दौरान उत्पन्न परिस्थितियों को भी जांच में शामिल किया गया है।
फिलहाल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में किसी भी तरह की जल्दबाजी नहीं की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर ही अंतिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे प्रकरण में पुलिस ने संवेदनशीलता, निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ जांच आगे बढ़ाने की बात कही है। ऐसे में अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की वास्तविक स्थिति सामने आने की उम्मीद है।

