औरैया के ततारपुर कला गांव में खेतों में पहुंचा मगरमच्छ , जानिए ग्रामीणों ने पकड़कर क्या किया
रिपोर्ट- अंजुमन तिवारी
औरैया: जनपद के ततारपुर कला गांव में उस समय ग्रामीणों में हलचल मच गई, जब घर के पास पानी भरे गड्ढे से निकलकर मगरमच्छ का एक बच्चा खेतों तक पहुंच गया। खेत में मगरमच्छ के बच्चे को देखकर ग्रामीणों ने सूझ-बूझ का परिचय दिया और उसे सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया। इसके बाद ग्रामीणों ने मगरमच्छ के बच्चे को बोरे में बंद कर दिया और बाद में उसे नदी में छोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार, यह मामला करीब तीन सप्ताह पहले उस समय सामने आया था, जब ततारपुर कला गांव में ग्रामीणों को घरों के आसपास पानी भरे एक गड्ढे में मगरमच्छ के बच्चे दिखाई देने की जानकारी मिली थी। ग्रामीणों ने मामले की सूचना वन विभाग को दी थी। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और मगरमच्छ के बच्चों को रेस्क्यू करने का प्रयास किया था।
हालांकि, इस दौरान सभी मगरमच्छ के बच्चों को पकड़ना आसान नहीं रहा। पानी से भरे गड्ढे और आसपास के क्षेत्र में उनके होने की जानकारी के बाद ग्रामीण भी सतर्क रहने लगे थे। इसी बीच मगरमच्छ का एक बच्चा गड्ढे से निकलकर आसपास के खेतों की ओर पहुंच गया।
खेत में मगरमच्छ का बच्चा दिखने से मची हलचल
खेत में मगरमच्छ का बच्चा दिखाई देने के बाद ग्रामीणों ने तत्काल आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद कई ग्रामीण मौके पर पहुंचे। स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने जल्दबाजी करने के बजाय सावधानी बरती और सूझ-बूझ के साथ मगरमच्छ के बच्चे को पकड़ने का प्रयास किया।
ग्रामीणों की कोशिश सफल रही और उन्होंने मगरमच्छ के बच्चे को पकड़ लिया। इसके बाद उसे एक बोरे में सुरक्षित तरीके से बंद कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि मगरमच्छ के बच्चे को पकड़ने के बाद उन्होंने राहत महसूस की, क्योंकि इससे गांव और आसपास के खेतों में काम करने वाले लोगों के बीच बनी चिंता कुछ कम हुई।
तीन सप्ताह पहले मिली थी मगरमच्छ के बच्चों की जानकारी
ग्रामीणों के मुताबिक, करीब तीन सप्ताह पहले गांव में घर के पास पानी भरे गड्ढे में मगरमच्छ के बच्चे होने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद ग्रामीणों ने वन विभाग को इसकी सूचना दी। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर मगरमच्छ के बच्चों को पकड़ने और सुरक्षित स्थान पर ले जाने का प्रयास किया था।
पानी वाले क्षेत्र में मगरमच्छ के बच्चों की मौजूदगी के कारण ग्रामीणों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई थी। खासतौर पर बच्चों और पशुओं को पानी भरे स्थानों के आसपास न जाने देने पर जोर दिया गया। हालांकि, इसके बाद भी एक मगरमच्छ का बच्चा पानी वाले स्थान से निकलकर खेतों तक पहुंच गया।
ग्रामीणों ने सुरक्षित तरीके से पकड़ा
खेतों में मगरमच्छ का बच्चा पहुंचने के बाद ग्रामीणों ने मिलकर उसे पकड़ने की कोशिश की। इस दौरान उन्होंने सावधानी बरती, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने। आखिरकार ग्रामीणों ने मगरमच्छ के बच्चे को पकड़ लिया और बोरे में बंद कर दिया।
मगरमच्छ के बच्चे के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। गांव में पहले से ही पानी भरे गड्ढे में मगरमच्छ के बच्चों की मौजूदगी को लेकर सतर्कता थी। ऐसे में खेतों तक एक बच्चे के पहुंचने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई थी।
नदी में छोड़ा गया मगरमच्छ का बच्चा
ग्रामीणों द्वारा मगरमच्छ के बच्चे को पकड़ने के बाद उसे नदी में छोड़ दिया गया। इस तरह मगरमच्छ के बच्चे को गांव और आबादी वाले क्षेत्र से दूर कर दिया गया। ग्रामीणों की इस पहल से खेतों में काम करने वाले लोगों को भी राहत मिली।
स्थानीय स्तर पर हुई इस घटना के बाद ग्रामीणों में वन्यजीवों को लेकर जागरूकता और सतर्कता की जरूरत भी सामने आई है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में किसी भी वन्यजीव को परेशान करने या उसके करीब जाने के बजाय संबंधित विभाग को सूचना देना अधिक सुरक्षित तरीका होता है।
वन विभाग की भूमिका अहम
गांव में मगरमच्छ के बच्चों की मौजूदगी सामने आने के बाद वन विभाग को पहले ही सूचना दी जा चुकी थी। ऐसे मामलों में वन विभाग की टीम वन्यजीव को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर उसके अनुकूल स्थान पर पहुंचाने का प्रयास करती है।
ततारपुर कला गांव में भी वन विभाग की टीम ने मगरमच्छ के बच्चों को पकड़ने का प्रयास किया था। इसके बावजूद एक बच्चा खेतों तक पहुंच गया। ग्रामीणों द्वारा उसे पकड़कर नदी में छोड़े जाने की घटना के बाद अब क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है।
ग्रामीणों में राहत, लेकिन सतर्कता जरूरी
मगरमच्छ के एक बच्चे के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत महसूस की है। हालांकि, पानी भरे गड्ढे और आसपास के इलाकों में अन्य मगरमच्छ के बच्चों की मौजूदगी की संभावना को देखते हुए ग्रामीणों के लिए सतर्क रहना जरूरी है।
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में पानी का फैलाव बढ़ने के कारण जलीय जीव कई बार अपने सामान्य स्थान से निकलकर खेतों या आबादी के नजदीक पहुंच जाते हैं। ऐसे में लोगों को बिना जानकारी के किसी भी जलीय क्षेत्र में जाने से बचना चाहिए।
फिलहाल ततारपुर कला गांव में मगरमच्छ के बच्चे के खेतों तक पहुंचने और फिर ग्रामीणों द्वारा उसे पकड़कर नदी में छोड़ने की घटना चर्चा में है। घटना के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। वहीं, वन्यजीवों की सुरक्षा और ग्रामीणों की सुरक्षा दोनों को ध्यान में रखते हुए ऐसे मामलों में वन विभाग को तत्काल सूचना देना जरूरी है।

