फर्रुखाबाद में डीसीएम की टक्कर से साइकिल सवार गार्ड की मौत, ड्यूटी जाते समय हुआ हादसा

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रिपोर्ट: हर्ष वर्मा

फर्रुखाबाद: ड्यूटी पर साइकिल से जा रहे एक सुरक्षा गार्ड की सड़क हादसे में मौत हो गई। शुक्रवार सुबह बघार अंडरपास के पास तेज रफ्तार डीसीएम ने उनकी साइकिल में पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर रूप से घायल गार्ड को पुलिस ने लोहिया अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हादसे में शामिल डीसीएम को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

मृतक की पहचान जहानगंज थाना क्षेत्र के पकरिया गांव निवासी मुकेश (52) पुत्र कैलाश चंद्र के रूप में हुई है। मुकेश ठंडी सड़क स्थित जिला उद्योग केंद्र में सुरक्षा गार्ड के पद पर तैनात थे। रोज की तरह शुक्रवार सुबह भी वह साइकिल से अपनी ड्यूटी के लिए घर से निकले थे। हालांकि, रास्ते में हुए हादसे के कारण वह ड्यूटी स्थल तक नहीं पहुंच सके।

बघार अंडरपास के पास हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब सात बजे मुकेश साइकिल से जिला उद्योग केंद्र की ओर जा रहे थे। वह बघार अंडरपास के पास पहुंचे ही थे कि पीछे से आ रहे तेज रफ्तार डीसीएम ने उनकी साइकिल में टक्कर मार दी।

टक्कर लगने के बाद मुकेश गंभीर रूप से घायल हो गए। सड़क पर हादसा होते देख आसपास से गुजर रहे राहगीरों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल मुकेश को उपचार के लिए लोहिया अस्पताल भेजा।

इसके बाद पुलिस ने दुर्घटना से संबंधित जानकारी जुटाई और हादसे में शामिल डीसीएम को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस अब दुर्घटना के कारणों और वाहन चालक की भूमिका की जांच कर रही है।

लोहिया अस्पताल में उपचार के दौरान मौत

हादसे में गंभीर रूप से घायल मुकेश को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू किया, लेकिन उनकी हालत गंभीर बनी रही। कुछ देर उपचार के बाद मुकेश ने दम तोड़ दिया।

मुकेश की मौत की सूचना जैसे ही उनके परिवार को मिली, घर में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। आसपास के लोगों और परिचितों ने भी परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

परिजनों के मुताबिक, मुकेश परिवार में सबसे बड़े भाई थे। उनके दो भाई हैं। मृतक के भाई संजय ने बताया कि तीन भाइयों में मुकेश सबसे बड़े थे, जबकि मनोज सबसे छोटे हैं। परिवार के लिए मुकेश की मौत बेहद दुखद और अचानक हुई घटना है।

तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

मुकेश अपने पीछे पत्नी मधु समेत तीन बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों को छोड़ गए हैं। परिवार के लिए उनकी मौत बड़ा सदमा है। ड्यूटी पर जाने के लिए घर से निकले मुकेश के वापस न लौटने से परिजनों में गहरा दुख है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, मुकेश जिला उद्योग केंद्र में सुरक्षा गार्ड के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। वह नियमित रूप से साइकिल से ड्यूटी पर आते-जाते थे। शुक्रवार की सुबह भी उनका सफर रोज की तरह ही शुरू हुआ था, लेकिन बघार अंडरपास के पास हुए सड़क हादसे ने परिवार की जिंदगी बदल दी।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।

वहीं, हादसे में शामिल डीसीएम को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। साथ ही घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि हादसे की परिस्थितियों को स्पष्ट किया जा सके।

पुलिस की जांच के बाद ही दुर्घटना के संबंध में आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल परिवार की ओर से घटना के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कराने की कार्रवाई की जा रही है।

सड़क सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल

इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। साइकिल और दोपहिया वाहन चालकों के लिए तेज रफ्तार भारी वाहनों से होने वाली टक्कर गंभीर खतरा बन सकती है। खासकर व्यस्त मार्गों और अंडरपास के आसपास वाहन चालकों को गति नियंत्रित रखने और यातायात नियमों का पालन करने की जरूरत होती है।

ऐसे हादसों को रोकने के लिए वाहन चालकों को सड़क पर आगे और पीछे चल रहे वाहनों का ध्यान रखना चाहिए। इसके अलावा, भारी वाहनों के चालकों को भी निर्धारित गति सीमा और यातायात नियमों का पालन करना जरूरी है।

फर्रुखाबाद में हुए इस हादसे में एक परिवार ने अपना सदस्य खो दिया। पुलिस की जांच के बाद दुर्घटना की वास्तविक वजह सामने आएगी। फिलहाल मुकेश के निधन से उनके गांव और परिवार में शोक का माहौल है।

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