कटनी में वरिष्ठ आयकर अधिकारी मानवेंद्र प्रताप सिंह की मौत, बंद कमरे में मिला शव
Digital UP News Desk
बाराबंकी: मध्य प्रदेश के कटनी जिले में आयकर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान वरिष्ठ आयकर अधिकारी मानवेंद्र प्रताप सिंह के रूप में हुई है। वह मूलरूप से उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के रहने वाले थे और कटनी में आयकर विभाग में तैनात थे। गुरुवार रात उनकी मौत हो गई। शुक्रवार सुबह उनका शव माधवनगर थाना क्षेत्र के बरगवां स्थित आयकर विभाग के रेस्ट हाउस के बंद कमरे में मिला।
पुलिस को अधिकारी के कमरे से किसी तरह का सुसाइड नोट नहीं मिला है। साथ ही, शुरुआती जांच में उनके शरीर पर चोट के निशान भी नहीं पाए गए हैं। ऐसे में फिलहाल मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है।
कमरे से नहीं मिली कोई प्रतिक्रिया, कर्मचारियों को हुई चिंता
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह सरकारी वाहन चालक मानवेंद्र प्रताप सिंह के कमरे पर कार की चाबी लेने पहुंचा था। चालक ने कमरे का दरवाजा खटखटाया और कई बार बेल बजाई, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने और कमरे के भीतर से किसी तरह की गतिविधि नजर नहीं आने पर कर्मचारियों को चिंता हुई।
इसके बाद कर्मचारियों ने मामले की सूचना माधवनगर थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने कमरे का दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन जब अंदर से कोई जवाब नहीं मिला तो दरवाजा तोड़कर पुलिसकर्मी कमरे में दाखिल हुए।
कमरे के अंदर अधिकारी बिस्तर पर अचेत अवस्था में पड़े मिले। जांच के दौरान पुलिस ने उन्हें मृत पाया। इसके बाद मौके पर आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई और घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तथा मृतक के परिजनों को दी गई।
शरीर पर चोट के निशान नहीं, सुसाइड नोट भी नहीं मिला
पुलिस की शुरुआती जांच में कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। इसके अलावा अधिकारी के शरीर पर भी किसी प्रकार के चोट के निशान नहीं मिले हैं। इसलिए पुलिस फिलहाल हर पहलू को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।
प्रारंभिक स्तर पर कुछ लोगों की ओर से मौत को हार्ट अटैक या अचानक स्वास्थ्य संबंधी समस्या से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, पुलिस ने अभी मौत का कारण आधिकारिक तौर पर स्पष्ट नहीं किया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति अधिक स्पष्ट हो पाएगी।
इस मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस सभी परिस्थितियों की जांच कर रही है। कमरे की स्थिति, अधिकारी के अंतिम समय की गतिविधियां और उनसे संपर्क में रहे लोगों से जुड़ी जानकारी भी जांच का हिस्सा हो सकती है।
2024-25 में कटनी में हुई थी पोस्टिंग
बताया गया है कि मानवेंद्र प्रताप सिंह की पोस्टिंग वर्ष 2024-25 में आयकर विभाग के कटनी कार्यालय में हुई थी। कटनी में कार्यभार संभालने के बाद वह माधवनगर क्षेत्र के बरगवां स्थित आयकर विभाग के गेस्ट हाउस में रह रहे थे।
नौकरी के सिलसिले में वह कटनी में अकेले रहते थे, जबकि उनका परिवार उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में रहता था। मानवेंद्र प्रताप सिंह शादीशुदा थे। उनके अचानक निधन की खबर मिलने के बाद परिवार में शोक का माहौल है।
परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है और उनके कटनी पहुंचने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पुलिस के अनुसार, परिजनों की मौजूदगी में आगे की कानूनी कार्रवाई पूरी की जाएगी।
बाराबंकी के रहने वाले थे मानवेंद्र प्रताप सिंह
मानवेंद्र प्रताप सिंह मूलरूप से बाराबंकी जिले के निलालडिया असंदा क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं। वह विजेंद्र प्रताप सिंह के बेटे थे। सरकारी सेवा में होने के कारण उन्हें अपने परिवार से दूर कटनी में रहकर विभागीय जिम्मेदारियां निभानी पड़ रही थीं।
परिजनों के लिए उनकी इस तरह अचानक मौत की खबर बेहद परेशान करने वाली है। हालांकि, मौत की परिस्थितियों को लेकर अभी पुलिस की जांच जारी है। इसलिए किसी भी संभावित कारण को अंतिम रूप से सही मानना जल्दबाजी होगी।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से साफ होगी मौत की वजह
माधवनगर थाना प्रभारी शैलेंद्र सिंह यादव के मुताबिक, मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचना दे दी है। परिजनों के कटनी पहुंचने के बाद शव का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट इस मामले में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। रिपोर्ट से यह पता चल सकेगा कि अधिकारी की मौत किसी प्राकृतिक कारण से हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी। पुलिस घटनास्थल से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
फिलहाल पुलिस ने किसी प्रकार की आपराधिक घटना की पुष्टि नहीं की है। वहीं, कमरे में सुसाइड नोट नहीं मिलने और शरीर पर चोट के निशान न होने के कारण जांच अधिकारियों के लिए पोस्टमॉर्टम और अन्य तथ्यों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है।
परिवार और विभाग में शोक का माहौल
वरिष्ठ आयकर अधिकारी की मौत की खबर से उनके परिवार और विभागीय सहयोगियों में शोक का माहौल है। मानवेंद्र प्रताप सिंह कटनी में आयकर विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनके सहकर्मियों के लिए भी यह घटना अचानक और दुखद बताई जा रही है।
फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता घटना की परिस्थितियों को समझना और मौत की वास्तविक वजह का पता लगाना है। इसके लिए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के साथ-साथ आवश्यक जांच की जाएगी। यदि जांच के दौरान कोई नया तथ्य सामने आता है तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे मामले में अभी तक पुलिस की ओर से किसी साजिश या आपराधिक गतिविधि की पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए आधिकारिक रिपोर्ट आने तक मौत की वजह को लेकर किसी तरह का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
सुसाइड नोट बरामद
कटनी में वरिष्ठ आयकर अधिकारी मानवेंद्र प्रताप सिंह की बंद कमरे में मौत ने कई सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, शुरुआती जांच में न तो किसी तरह के चोट के निशान मिले हैं और न ही कोई सुसाइड नोट बरामद हुआ है। ऐसे में मौत का सही कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं है।
पुलिस ने परिजनों को सूचना देकर जांच शुरू कर दी है। अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के निष्कर्ष से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अधिकारी की मौत किस वजह से हुई। फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे की कार्रवाई कर रही है।

