श्रावस्ती में पुलिस चौकी प्रभारियों का बड़ा फेरबदल, जानिए किन तेज-तर्रार दरोगाओं को मिली नई जिम्मेदारी
रिपोर्ट- सूर्य प्रकाश शुक्ला
श्रावस्ती: जिले की पुलिस व्यवस्था में शुक्रवार को बड़ा फेरबदल किया गया है। पुलिस चौकी प्रभारियों के स्तर पर किए गए इस बदलाव के तहत कई दरोगाओं को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जबकि कुछ चौकी प्रभारियों को पुलिस लाइन भेजा गया है। इस फेरबदल में पुलिस लाइन में तैनात रहे अधिकारियों को भी अलग-अलग चौकियों की जिम्मेदारी दी गई है।
पुलिस विभाग की ओर से किए गए बदलाव के अनुसार अमित प्रताप सिंह को भंगहा चौकी का प्रभारी बनाया गया है। इससे पहले वह पुलिस लाइन में तैनात थे। वहीं सिद्धार्थ जायसवाल को बंठिहवा चौकी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा संतोष कुमार को जोखवा बाजार चौकी का प्रभारी बनाया गया है।
इसी क्रम में विनायक सिंह को जमुनहा चौकी की कमान दी गई है। जबकि शैलेन्द्र कुमार सोनकर को असनहरिया चौकी भेजा गया है। विभागीय फेरबदल के तहत चंदन प्रजापति का भी स्थानांतरण किया गया है। वहीं विशाल शुक्ला को लक्ष्मन नगर चौकी का नया प्रभारी बनाया गया है।
कई चौकियों पर बदले गए प्रभारी
पुलिस प्रशासन की ओर से किए गए इस बदलाव में चंद्रशेखर प्रजापति को चंद्रखा बुजुर्ग चौकी की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं संदीप कुमार को रमवापुर चौकी का प्रभारी बनाया गया है। इसके साथ ही गुलाबचंद्र चौधरी को सेमगढ़ा चौकी की कमान सौंपी गई है।
इस फेरबदल के बाद जिले की कई पुलिस चौकियों पर नए प्रभारी नजर आएंगे। माना जा रहा है कि चौकी स्तर पर जिम्मेदारियों में बदलाव का उद्देश्य पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाना तथा स्थानीय स्तर पर कानून-व्यवस्था की निगरानी को मजबूत करना है। हालांकि, अधिकारियों की ओर से फेरबदल के पीछे विस्तृत कारणों की जानकारी अलग से सामने नहीं आई है।
कुछ चौकी प्रभारी पुलिस लाइन भेजे गए
फेरबदल में केवल नई तैनाती ही नहीं हुई है, बल्कि कुछ मौजूदा चौकी प्रभारियों को पुलिस लाइन भी भेजा गया है। भंगहा चौकी प्रभारी रामभवन प्रजापति को पुलिस लाइन भेजा गया है। इसी तरह बंठिहवा चौकी प्रभारी जयवेन्द्र कुमार को भी पुलिस लाइन में तैनात किया गया है।
इसके अलावा सत्यजीत और जितेंद्र कुमार वर्मा को भी पुलिस लाइन भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। इस तरह जिले में चौकी प्रभारियों के स्तर पर व्यापक बदलाव किया गया है।
स्थानीय पुलिसिंग पर रहेगा फोकस
चौकी प्रभारी पुलिस व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, शिकायतों पर प्राथमिक स्तर पर कार्रवाई, गश्त व्यवस्था और स्थानीय लोगों से समन्वय जैसे कार्यों में चौकी प्रभारियों की अहम जिम्मेदारी होती है। ऐसे में नई तैनाती के बाद संबंधित क्षेत्रों में पुलिसिंग की कार्यप्रणाली में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
विशेष रूप से ग्रामीण और सीमावर्ती इलाकों में चौकी स्तर की पुलिस व्यवस्था काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे क्षेत्रों में स्थानीय विवाद, यातायात व्यवस्था, बाजारों की निगरानी और आम नागरिकों की शिकायतों का त्वरित निस्तारण पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल रहता है। इसलिए चौकी प्रभारियों के स्थानांतरण और नई जिम्मेदारी को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नई जिम्मेदारियों के साथ बढ़ेगी जवाबदेही
नई तैनाती के बाद संबंधित अधिकारियों के सामने अपने-अपने क्षेत्र में पुलिस व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने की जिम्मेदारी होगी। इसके साथ ही स्थानीय नागरिकों के साथ बेहतर संवाद और शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण पर भी जोर रहने की उम्मीद है।
दरअसल, पुलिस चौकी किसी भी थाना क्षेत्र में आम नागरिकों के लिए पुलिस से संपर्क का महत्वपूर्ण केंद्र होती है। ऐसे में चौकी प्रभारी की कार्यशैली का सीधा असर स्थानीय पुलिस व्यवस्था पर पड़ता है। नए अधिकारियों की तैनाती के बाद उनके सामने क्षेत्र की स्थिति को समझने और पुलिसिंग को प्रभावी बनाने की चुनौती होगी।
फेरबदल के बाद पुलिस महकमे में हलचल
श्रावस्ती में हुए इस फेरबदल के बाद पुलिस महकमे में भी हलचल बढ़ गई है। एक ओर कई अधिकारियों को नई जगह जिम्मेदारी मिली है, वहीं दूसरी ओर कुछ अधिकारियों को पुलिस लाइन भेजा गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में नई तैनाती वाले अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर विभागीय स्तर के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर भी नजर रहेगी।
कुल मिलाकर, श्रावस्ती में पुलिस चौकी प्रभारियों के स्तर पर किए गए इस बदलाव में कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। अमित प्रताप सिंह, सिद्धार्थ जायसवाल, संतोष कुमार, विनायक सिंह, शैलेन्द्र कुमार सोनकर, विशाल शुक्ला, चंद्रशेखर प्रजापति, संदीप कुमार और गुलाबचंद्र चौधरी को अलग-अलग चौकियों की जिम्मेदारी मिली है। वहीं रामभवन प्रजापति, जयवेन्द्र कुमार, सत्यजीत और जितेंद्र कुमार वर्मा को पुलिस लाइन भेजा गया है।

