हमीरपुर में 33 स्कूलों और 2 आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण, लापरवाही पर कार्रवाई – जानिए किस पर
रिपोर्ट – मोहम्मद अकरम
हमीरपुर: जिलाधिकारी अभिषेक गोयल के निर्देश पर जनपद में प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालयों और आंगनवाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए सघन औचक निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य विद्यालयों में पठन-पाठन की गुणवत्ता, शिक्षकों की उपस्थिति, मध्याह्न भोजन की व्यवस्था और आंगनवाड़ी केंद्रों के संचालन को प्रभावी एवं पारदर्शी बनाए रखना है। इसी क्रम में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राकेश कुमार, डिप्टी कलेक्टर विकास यादव और सभी उप जिलाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में विद्यालयों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया।
इस निरीक्षण अभियान के दौरान जिले के 33 प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों और 2 आंगनवाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति, बच्चों की पढ़ाई, मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की स्थिति देखी। साथ ही, आंगनबाड़ी केंद्रों में उपलब्ध व्यवस्थाओं और संचालन की स्थिति का भी निरीक्षण किया गया।
मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता में मिली कमी
निरीक्षण के दौरान एक विद्यालय में मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित प्रधानाध्यापक और ग्राम प्रशासक के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने की कार्रवाई शुरू की है।
प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि बच्चों को उपलब्ध कराया जाने वाला मध्याह्न भोजन पौष्टिक, गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित मानकों के अनुरूप होना चाहिए। इसलिए भोजन की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों से जवाब मांगा जाएगा।
इसके अलावा, निरीक्षण टीम ने भोजन की व्यवस्था से जुड़े अन्य पहलुओं को भी देखा। इसमें भोजन की गुणवत्ता, वितरण व्यवस्था और विद्यालय में बच्चों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया गया।
एक शिक्षक एक सप्ताह से मिला अनुपस्थित
निरीक्षण के दौरान एक अन्य विद्यालय में एक शिक्षक पिछले करीब एक सप्ताह से बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाया गया। अधिकारी के मुताबिक संबंधित शिक्षक की अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया गया है। उसके खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति बच्चों की शिक्षा व्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। शिक्षक के अनुपस्थित रहने से पठन-पाठन प्रभावित होता है। इसलिए बिना सूचना के अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
अधिकांश विद्यालयों में व्यवस्थाएं संतोषजनक
निरीक्षण अभियान के दौरान अधिकांश विद्यालयों में व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। अधिकारियों के अनुसार निरीक्षण किए गए शेष विद्यालयों में सभी शिक्षक उपस्थित मिले और पठन-पाठन का कार्य नियमित रूप से संचालित होता पाया गया।
इसके साथ ही, इन विद्यालयों में बच्चों को दिए जा रहे मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता भी संतोषजनक मिली। इससे यह स्पष्ट हुआ कि कई विद्यालयों में निर्धारित व्यवस्थाओं का पालन किया जा रहा है।
प्रशासन की ओर से विद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने दायित्वों का नियमित रूप से निर्वहन करें और बच्चों की शिक्षा एवं सुविधाओं को प्राथमिकता दें।
आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं पर भी नजर
विद्यालयों के साथ-साथ निरीक्षण टीमों ने आंगनबाड़ी केंद्रों का भी जायजा लिया। प्रशासन की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है। बच्चों से जुड़ी सुविधाओं और केंद्रों के नियमित संचालन को लेकर भी अधिकारियों द्वारा जानकारी ली गई।
जिला प्रशासन का मानना है कि बच्चों के प्रारंभिक विकास और पोषण से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी है। इसलिए आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति की भी नियमित निगरानी की जा रही है।
शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर
मुख्य विकास अधिकारी अरुण कुमार सिंह ने निरीक्षण अभियान की प्रगति और सामने आए प्रमुख बिंदुओं की जानकारी देते हुए कहा कि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बच्चों की नियमित उपस्थिति और पौष्टिक मध्याह्न भोजन की व्यवस्था प्रशासन की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि निरीक्षण का उद्देश्य केवल कमियां तलाशना नहीं, बल्कि विद्यालयों में उपलब्ध व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना भी है। जहां कमियां सामने आती हैं, वहां संबंधित विभाग और अधिकारियों को आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाते हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस तरह निरीक्षण के माध्यम से प्रशासन विद्यालयों की वास्तविक स्थिति का लगातार आकलन कर रहा है।
लगातार जारी रहेगा औचक निरीक्षण
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विद्यालयों और आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। अधिकारियों द्वारा अलग-अलग क्षेत्रों में औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति देखी जाएगी।
इस दौरान विशेष रूप से शिक्षक उपस्थिति, पठन-पाठन, मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता और बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं पर ध्यान दिया जाएगा। वहीं, आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन और संबंधित व्यवस्थाओं की भी निगरानी की जाएगी।
दरअसल, सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसके लिए केवल योजनाएं बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन भी जरूरी है। ऐसे में नियमित निरीक्षण व्यवस्था की कमियों को समय रहते सामने लाने और उन्हें दूर करने में मददगार साबित हो सकता है।
हमीरपुर में चल रहे इस अभियान से एक ओर जहां विद्यालयों में व्यवस्थाओं की निगरानी मजबूत हो रही है, वहीं दूसरी ओर लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों से जवाबदेही भी तय की जा रही है। प्रशासन ने संकेत दिया है कि निरीक्षण के दौरान मिलने वाली कमियों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
कुल मिलाकर, 33 विद्यालयों और 2 आंगनवाड़ी केंद्रों के निरीक्षण के दौरान जहां अधिकांश स्थानों पर व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलीं, वहीं मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता और शिक्षक की अनुपस्थिति से जुड़े मामलों में कार्रवाई शुरू की गई है। जिला प्रशासन का यह अभियान आगे भी जारी रहने की उम्मीद है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और बाल विकास से जुड़ी सेवाओं की गुणवत्ता को और बेहतर बनाया जा सके।

