प्रयागराज में 2000 छात्रों ने हॉस्टल छोड़ा, तख्त-बिस्तर पानी में डूबे और जलभराव से खाने-पीने का संकट

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Digital UP News Desk

प्रयागराज में लगातार बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई है। इसका असर अब छात्रावासों में रहने वाले छात्रों पर भी दिखाई देने लगा है। हॉस्टलों में पानी भरने, कमरों में रखे सामान और बिस्तरों के प्रभावित होने तथा खाने-पीने की व्यवस्था बिगड़ने के कारण बड़ी संख्या में छात्र शहर छोड़कर अपने घरों की ओर जाने लगे हैं। बताया जा रहा है कि अलग-अलग हॉस्टलों से करीब 2,000 छात्रों के पलायन की स्थिति बन गई है।

छात्रों का कहना है कि बारिश के कारण कई हॉस्टलों में रोजमर्रा की जिंदगी मुश्किल हो गई है। कहीं कमरों तक पानी पहुंच गया है तो कहीं हॉस्टल परिसर में गंदगी और जलभराव के कारण बाहर निकलना भी चुनौती बन गया है। इसके अलावा भोजन और पीने के पानी की उपलब्धता प्रभावित होने से छात्रों की परेशानी और बढ़ गई है।

हॉस्टल में डूबे बिस्तर और तख्त

प्रयागराज के जॉर्जटाउन जैसे पॉश इलाके में भी जलभराव ने छात्रों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। एक छात्र ने अपनी स्थिति बताते हुए कहा कि उसके हॉस्टल में पानी भर गया है और तख्त तक डूब गए हैं। ऐसे हालात में हॉस्टल में रहना मुश्किल हो गया है। छात्र के मुताबिक, उसके हॉस्टल से ही 35 से 40 छात्र अपने घरों के लिए रवाना हो चुके हैं।

छात्रों का कहना है कि समस्या केवल पानी भरने तक सीमित नहीं है। पानी जमा होने के बाद आसपास गंदगी फैल रही है, जिससे हॉस्टल का वातावरण भी प्रभावित हो रहा है। वहीं, लगातार बारिश के कारण सामान्य आवाजाही पर भी असर पड़ा है। ऐसे में जिन छात्रों के घर प्रयागराज या आसपास के जिलों में हैं, वे सुरक्षित रहने के लिए घर लौटने को प्राथमिकता दे रहे हैं।

खाने-पीने की व्यवस्था भी प्रभावित

जलभराव के बीच छात्रों के सामने सबसे बड़ी समस्याओं में भोजन और पीने के पानी की व्यवस्था भी शामिल है। कई छात्रों के अनुसार, बारिश और जलभराव के कारण खाने-पीने की चीजें आसानी से उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। स्थिति इतनी कठिन हो गई है कि कुछ छात्रों को चाय तक के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

दरअसल, हॉस्टलों में रहने वाले अधिकतर छात्र रोजाना की जरूरतों के लिए आसपास की दुकानों, भोजनालयों और अन्य सेवाओं पर निर्भर रहते हैं। लेकिन बारिश के कारण बाजार और सड़कें प्रभावित होने पर यह व्यवस्था भी बाधित हो जाती है। परिणामस्वरूप छात्रों को भोजन, दूध, चाय और अन्य जरूरी सामान जुटाने में परेशानी होने लगी है।

शहर छोड़कर घर जा रहे छात्र

बारिश के कारण पैदा हुई परिस्थितियों के बीच प्रयागराज के अलग-अलग इलाकों में रहने वाले छात्र अब शहर छोड़कर अपने घरों की ओर जा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि जब तक बारिश और जलभराव की स्थिति सामान्य नहीं होती, तब तक हॉस्टल में रहना मुश्किल हो सकता है।

जॉर्जटाउन के अलावा दूसरे इलाकों में रहने वाले छात्रों के बीच भी ऐसी ही स्थिति सामने आने की बात कही जा रही है। कई छात्र अपने सामान के साथ बसों, ट्रेनों और निजी वाहनों के जरिए घर जाने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, लगातार बारिश और जलभराव के कारण शहर से बाहर निकलने के लिए परिवहन व्यवस्था का इस्तेमाल करना भी आसान नहीं है।

पॉश इलाकों में भी जलभराव से चिंता

प्रयागराज में जलभराव की समस्या ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि अगर शहर के पॉश माने जाने वाले इलाकों में भी पानी भर रहा है, तो दूसरे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की स्थिति कैसी होगी। जॉर्जटाउन जैसे इलाके में हॉस्टलों के प्रभावित होने से छात्रों और उनके परिवारों की चिंता बढ़ गई है।

छात्रों का कहना है कि जलभराव के साथ-साथ सफाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। लंबे समय तक पानी जमा रहने से सड़कों और गलियों में गंदगी फैल रही है। इसलिए छात्रों की मांग है कि जलनिकासी की व्यवस्था को जल्द बेहतर किया जाए और हॉस्टलों के आसपास साफ-सफाई कराई जाए।

छात्र बोले- सामान्य जीवन प्रभावित

हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के लिए बारिश ने पढ़ाई और रोजमर्रा की गतिविधियों को भी प्रभावित किया है। कई छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की तैयारी के लिए प्रयागराज में रहते हैं। शहर में बड़ी संख्या में छात्र विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी करते हैं और हॉस्टल तथा निजी कमरों में रहकर पढ़ाई करते हैं।

ऐसे में लगातार बारिश और जलभराव का असर सीधे उनकी पढ़ाई पर भी पड़ रहा है। छात्रों का कहना है कि कमरे और हॉस्टल परिसर प्रभावित होने के कारण शांत माहौल में पढ़ाई करना संभव नहीं रह गया है। इसके अलावा भोजन और आवश्यक सामान की समस्या अलग से बनी हुई है।

परिवार भी छात्रों को वापस बुला रहे

जलभराव की खबरें सामने आने के बाद कई छात्रों के परिवार भी उन्हें घर लौटने की सलाह दे रहे हैं। खासकर उन छात्रों के परिजन चिंतित हैं, जिनके बच्चे निचले इलाकों में स्थित हॉस्टलों में रह रहे हैं। परिवारों का कहना है कि जब परिस्थितियां सामान्य हो जाएंगी, तब छात्र दोबारा प्रयागराज लौट सकते हैं।

हालांकि, घर लौटने वाले छात्रों के सामने यात्रा की समस्या भी बनी हुई है। लगातार बारिश के कारण कई रास्तों पर पानी जमा है और यातायात प्रभावित हुआ है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में छात्र उपलब्ध साधनों के जरिए अपने घर जाने की कोशिश कर रहे हैं।

प्रशासन के सामने जलनिकासी बड़ी चुनौती

प्रयागराज में बारिश के बाद जलभराव की स्थिति प्रशासन के लिए भी चुनौती बन गई है। शहर के जिन इलाकों में पानी जमा हुआ है, वहां जलनिकासी व्यवस्था को सुचारु करना जरूरी है। खासकर छात्रावासों और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास पानी की निकासी प्राथमिकता के आधार पर किए जाने की जरूरत है।

इसके साथ ही, हॉस्टलों में रहने वाले छात्रों की आवश्यक जरूरतों पर भी ध्यान देना जरूरी है। यदि लंबे समय तक जलभराव बना रहता है, तो भोजन, पेयजल, बिजली, स्वच्छता और आवागमन जैसी सुविधाओं पर दबाव बढ़ सकता है। इसलिए छात्रों का कहना है कि प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत और सफाई व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए।

बारिश थमने और हालात सामान्य होने का इंतजार

फिलहाल प्रयागराज में छात्र बारिश और जलभराव से राहत मिलने का इंतजार कर रहे हैं। जिन छात्रों ने घर लौटने का फैसला किया है, वे हालात सामान्य होने के बाद वापस आने की बात कह रहे हैं। वहीं, हॉस्टलों में रुके छात्रों को उम्मीद है कि जल्द ही पानी की निकासी और सफाई की व्यवस्था बेहतर होगी।

प्रयागराज में छात्रों का बड़े पैमाने पर हॉस्टल छोड़ना यह बताता है कि लगातार बारिश का असर केवल सड़कों और यातायात तक सीमित नहीं है। इसका प्रभाव शिक्षा, आवास और रोजमर्रा की सुविधाओं पर भी पड़ रहा है। ऐसे में जलनिकासी, स्वच्छता और जरूरी सेवाओं को बहाल करना सबसे महत्वपूर्ण है, ताकि छात्रों को पढ़ाई के लिए सुरक्षित और सामान्य वातावरण मिल सके।

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