कानपुर के 40 दुकान चौराहे पर धंसा नाला, दुकानों में घुसा पानी; व्यापारियों ने इस तरह से किया विरोध प्रदर्शन
रिपोर्ट – सर्वेश सोनू शर्मा
कानपुर: कानपुर दक्षिण के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र किदवई नगर स्थित 40 दुकान चौराहे पर सड़क के बीचों-बीच करीब 30 फीट लंबा हिस्सा नाला धंसने से जल निकासी की समस्या गंभीर हो गई है। नाला क्षतिग्रस्त होने के कारण आसपास का पूरा क्षेत्र जलमग्न हो गया। वहीं, पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से कई व्यापारियों की दुकानों में करीब दो-दो फीट तक पानी भर गया। इससे व्यापारियों के कारोबार के साथ-साथ आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
समस्या से नाराज किदवई नगर उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों और व्यापारियों ने मौके पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने पानी में खड़े होकर नाले की स्थिति को लेकर अपनी नाराजगी जताई। इसके बाद व्यापारी जल संस्थान कार्यालय, जोन-3, बाबा कुटी पहुंचे और वहां भी प्रदर्शन करते हुए अधिकारियों से नाले की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की।
40 दुकान चौराहे पर नाला धंसने से बढ़ी परेशानी
किदवई नगर से यशोदा नगर की ओर जाने वाली सड़क पर 40 दुकान चौराहा एक प्रमुख बाजार क्षेत्र है। यहां बड़ी संख्या में दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं। ऐसे में सड़क के बीचों-बीच नाला धंसने से यातायात और जल निकासी दोनों प्रभावित हो गए हैं।
व्यापारियों के अनुसार, नाला करीब 30 फीट के हिस्से में क्षतिग्रस्त हुआ है। इसके कारण बारिश या आसपास जमा होने वाला पानी बाहर निकलने के बजाय बाजार की ओर फैल रहा है। धीरे-धीरे पानी दुकानों के अंदर तक पहुंच जाता है।
व्यापारियों का कहना है कि कई दुकानों में करीब दो फीट तक पानी भरने से सामान को नुकसान होने की आशंका बनी रहती है। इसके अलावा ग्राहक भी बाजार में आने से बचते हैं, जिससे व्यापार प्रभावित होता है।
पानी में खड़े होकर व्यापारियों ने जताया विरोध
समस्या से नाराज व्यापारियों ने नाले के आसपास एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने पानी में खड़े होकर प्रशासन और संबंधित विभागों के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई। प्रदर्शन का नेतृत्व किदवई नगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष कमल उत्तम और वरिष्ठ महामंत्री राजकुमार गुप्ता ने किया।
व्यापारियों ने कहा कि लंबे समय से जल निकासी से जुड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नाले के क्षतिग्रस्त होने के कारण स्थिति और गंभीर हो गई है। ऐसे में केवल अस्थायी समाधान के बजाय नाले की स्थायी मरम्मत जरूरी है।
व्यापारियों ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से समस्या का तत्काल समाधान कराने की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि जब तक नाले की मरम्मत नहीं होती, तब तक बाजार के व्यापारियों और आम जनता को इसी तरह परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
जल संस्थान कार्यालय पहुंचकर सौंपा मुद्दा
मौके पर प्रदर्शन के बाद व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल जल संस्थान कार्यालय जोन-3, बाबा कुटी पहुंचा। यहां व्यापारियों ने अधिकारियों के सामने अपनी समस्या रखी और नाले की मरम्मत कराने की मांग की।
व्यापारियों ने कहा कि किदवई नगर का 40 दुकान चौराहा कानपुर दक्षिण के प्रमुख बाजारों में शामिल है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में व्यापारी, ग्राहक और राहगीर आते-जाते हैं। ऐसे में सड़क के बीच नाला क्षतिग्रस्त होने से किसी भी समय दुर्घटना की स्थिति बन सकती है।
व्यापार मंडल ने संबंधित विभाग से मांग की कि नाले की तकनीकी जांच कराकर जल्द से जल्द निर्माण कार्य कराया जाए। इसके साथ ही जल निकासी की वैकल्पिक व्यवस्था भी की जाए, ताकि दुकानों और सड़क पर पानी जमा न हो।
दुकानों में पानी भरने से व्यापार प्रभावित
व्यापारियों के अनुसार, नाले की समस्या के कारण गंदा पानी बाजार में फैल जाता है। कई बार पानी दुकानों के अंदर तक पहुंच जाता है। इससे दुकानदारों को अपने सामान को सुरक्षित रखने में काफी परेशानी होती है।
व्यापारियों का कहना है कि दुकानों में पानी भरने से केवल व्यापार प्रभावित नहीं होता, बल्कि साफ-सफाई और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं भी पैदा होती हैं। गंदा पानी लंबे समय तक जमा रहने से दुर्गंध और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
इसके अलावा बाजार में आने वाले ग्राहकों को भी पानी से होकर गुजरना पड़ता है। इससे बाजार की सामान्य गतिविधियां प्रभावित होती हैं। व्यापारियों ने मांग की है कि जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए संबंधित विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई करे।
सड़क पर गड्ढे से दुर्घटना का खतरा
व्यापारियों ने नाले की क्षतिग्रस्त स्थिति को लेकर एक और गंभीर चिंता जताई है। उनका कहना है कि नाले के टूटने और सड़क पर बने गड्ढे के कारण वाहन चालकों के लिए परेशानी पैदा हो रही है।
विशेष रूप से बारिश और जलभराव के दौरान गड्ढे की स्थिति स्पष्ट दिखाई नहीं देती। ऐसे में दोपहिया और चार पहिया वाहन चालकों को परेशानी हो सकती है। व्यापारियों ने इसे देखते हुए नाले की मरम्मत के साथ-साथ सड़क को भी व्यवस्थित तरीके से ठीक कराने की मांग की है।
व्यापारियों का कहना है कि बाजार में रोजाना बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही होती है। इसलिए सड़क और नाले की खराब स्थिति को लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
जल निगम और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल
व्यापारियों ने जल निकासी की समस्या को लेकर जल निगम और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि संबंधित विभागों की ओर से समय रहते उचित कार्रवाई नहीं होने के कारण समस्या बढ़ती जा रही है।
हालांकि, नाले के निर्माण और मरम्मत से संबंधित जिम्मेदारी किस विभाग की है, इसे लेकर प्रशासनिक स्तर पर स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है। व्यापारियों की मांग है कि जल संस्थान, जल निगम और नगर निगम आपसी समन्वय के साथ मौके का निरीक्षण करें और स्थायी समाधान निकालें।
व्यापारियों ने कहा कि विभागों के बीच जिम्मेदारी को लेकर किसी तरह का भ्रम नहीं होना चाहिए। जनता और व्यापारियों को राहत देने के लिए जल्द कार्रवाई जरूरी है।
व्यापार मंडल ने रखी स्थायी समाधान की मांग
किदवई नगर उद्योग व्यापार मंडल ने मांग की है कि 40 दुकान चौराहे पर क्षतिग्रस्त नाले का निर्माण तत्काल कराया जाए। इसके साथ ही जल निकासी की क्षमता की भी जांच की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
व्यापारियों का कहना है कि केवल पानी निकाल देने या अस्थायी रूप से गड्ढे को भरने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। नाले की संरचना को ठीक तरीके से दुरुस्त करना जरूरी है।
इसके अलावा सड़क की स्थिति सुधारने, गड्ढे को सुरक्षित तरीके से भरने और जल निकासी व्यवस्था को सुचारू बनाने की मांग भी की गई है।
प्रदर्शन में ये व्यापारी रहे मौजूद
विरोध प्रदर्शन में व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के अलावा बड़ी संख्या में स्थानीय व्यापारी शामिल रहे। इनमें रामराज फल वाले, सनी वर्मा, अमित सिंह, संजय सिंह, लाला भाई, मोहम्मद नसीम, पंकज गुप्ता, महेश भाई, बाबू भाई, मोहम्मद शमीम, लकी अली, अमित गुप्ता, राजन गुप्ता और प्रेम कश्यप सहित अन्य व्यापारी मौजूद रहे।
व्यापारियों ने एकजुट होकर नाले की मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था सुधारने की मांग की। उनका कहना है कि जब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक व्यापारियों और स्थानीय लोगों की परेशानी बनी रहेगी।
अब अधिकारियों की कार्रवाई पर नजर
40 दुकान चौराहे पर नाला धंसने और जलभराव की समस्या को लेकर व्यापारियों ने संबंधित अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचा दी है। अब व्यापारियों और स्थानीय लोगों की नजर इस बात पर है कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण कर कब तक मरम्मत का काम शुरू करते हैं।
यदि नाले की मरम्मत और जल निकासी व्यवस्था जल्द ठीक की जाती है तो बाजार के व्यापारियों और आम जनता को राहत मिल सकती है। वहीं, भविष्य में जलभराव की समस्या से बचने के लिए नाले की क्षमता और संरचना की भी समीक्षा करना जरूरी होगा।
फिलहाल व्यापार मंडल ने स्पष्ट किया है कि बाजार की मूलभूत सुविधाओं को लेकर व्यापारियों की आवाज उठाई जाती रहेगी। व्यापारियों की मांग है कि 40 दुकान चौराहे की समस्या को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए, ताकि बाजार में कारोबार सामान्य रूप से संचालित हो सके और आम लोगों को भी परेशानी न उठानी पड़े।

