फतेहपुर में सड़क सुरक्षा पर डीएम-एसपी ने की बैठक, हेलमेट और सीट बेल्ट को लेकर दिए यह निर्देश

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रिपोर्ट – राम चंद्र सैनी 

फतेहपुर: जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा गांधी सभागार में सड़क सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की संयुक्त अध्यक्षता जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स और पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने की। इस दौरान सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों के पालन और दुर्घटना संभावित स्थानों पर सुरक्षा उपायों को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में अधिकारियों ने सड़क पर होने वाले नियमों के उल्लंघन और लापरवाही के मामलों पर चिंता जताई। इसके साथ ही संबंधित विभागों को यातायात नियमों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने और बिना सीट बेल्ट चार पहिया वाहन चलाने वालों के खिलाफ नियमानुसार प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी।

हेलमेट और सीट बेल्ट पर विशेष निगरानी

बैठक में सड़क सुरक्षा के सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में हेलमेट और सीट बेल्ट के इस्तेमाल को रखा गया। अधिकारियों ने निर्देश दिया कि दोपहिया वाहन चलाने वाले सभी लोग अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनें। वहीं, चार पहिया वाहन चालकों और यात्रियों को भी सीट बेल्ट का इस्तेमाल करना सुनिश्चित करना होगा।

इसके लिए यातायात पुलिस और संबंधित विभागों को नियमित चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों का कहना है कि हेलमेट और सीट बेल्ट जैसे सुरक्षा उपाय दुर्घटना की स्थिति में गंभीर चोट के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए इनके इस्तेमाल को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाने के साथ नियमों का पालन भी सुनिश्चित करना जरूरी है।

अवैध पार्किंग पर चलेगा अभियान

बैठक में सड़क किनारे होने वाली अवैध पार्किंग को भी गंभीरता से लिया गया। अधिकारियों ने कहा कि मुख्य मार्गों और व्यस्त क्षेत्रों में बेतरतीब तरीके से वाहन खड़े होने से यातायात प्रभावित होता है। इसके अलावा, ऐसे स्थानों पर जाम और सड़क दुर्घटना की स्थिति भी बन सकती है।

इसी को देखते हुए अवैध पार्किंग के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। सड़क किनारे नियम विरुद्ध खड़े वाहनों को हटाने के साथ संबंधित वाहन चालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया।

अधिकारियों ने यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करने पर भी जोर दिया।

नशे में वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई

सड़क सुरक्षा बैठक में नशे की हालत में वाहन चलाने के मामलों को लेकर भी सख्त रुख अपनाया गया। अधिकारियों ने निर्देश दिया कि शराब या अन्य नशीले पदार्थों का सेवन कर वाहन चलाने वालों पर विशेष निगरानी रखी जाए।

ऐसे वाहन चालकों की जांच के लिए संवेदनशील और प्रमुख मार्गों पर चेकिंग बढ़ाने को कहा गया है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों ने माना कि नशे में वाहन चलाना सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है। इसलिए ऐसे मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने और नियमित जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।

दुर्घटना संभावित स्थानों पर सुरक्षा उपाय

जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले में चिन्हित दुर्घटना संभावित स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाए। इसके लिए आवश्यक स्थानों पर साइनेज, स्पीड ब्रेकर और रिफ्लेक्टर लगाने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस या किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। बल्कि इसमें प्रशासन, संबंधित विभागों और आम नागरिकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।

जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क पर सुरक्षित आवागमन के लिए लोगों को यातायात नियमों का पालन करना चाहिए। साथ ही, प्रशासन को भी ऐसे स्थानों की पहचान कर आवश्यक सुधार करने होंगे जहां दुर्घटना की आशंका अधिक रहती है।

स्कूल-कॉलेजों में चलेगा जागरूकता अभियान

बैठक में सड़क सुरक्षा को लेकर जनजागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि स्कूल, कॉलेज और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर यातायात नियमों के प्रति जागरूकता अभियान चलाए जाएं।

इन अभियानों के माध्यम से लोगों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करने जैसे सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक किया जा सकता है।

इसके अलावा, युवाओं और विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के नियमों की जानकारी देने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों का मानना है कि बचपन और युवावस्था से ही यातायात नियमों के प्रति जागरूकता विकसित होने से सड़क सुरक्षा की संस्कृति को मजबूत किया जा सकता है।

संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ेगी चेकिंग

पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने बैठक में यातायात पुलिस को संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त ड्यूटी लगाने और चेकिंग बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों से कहा कि प्रमुख मार्गों, व्यस्त चौराहों और दुर्घटना संभावित स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाए। इसके साथ ही वाहन चालकों को यातायात नियमों के पालन के लिए जागरूक भी किया जाए।

उन्होंने कहा कि प्रवर्तन कार्रवाई के साथ जनजागरूकता भी जरूरी है। केवल चालान करने से सड़क सुरक्षा के लक्ष्य को पूरी तरह हासिल नहीं किया जा सकता। इसलिए पुलिस और प्रशासन को लोगों को नियमों के प्रति लगातार जागरूक करना होगा।

विभागों को 15 दिन में उपाय लागू करने के निर्देश

बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को सड़क सुरक्षा से जुड़े उपायों को निर्धारित समय में लागू करने के निर्देश दिए गए। सभी संबंधित विभागों को अपने-अपने स्तर पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए 15 दिनों के भीतर सुरक्षा उपाय लागू करने को कहा गया।

इसमें सड़क की स्थिति से जुड़े सुधार, संकेतक लगाने, रिफ्लेक्टर और स्पीड ब्रेकर की व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और जागरूकता अभियान जैसे कार्य शामिल हैं।

प्रशासन की ओर से इन कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी की जा सकती है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि बैठक में दिए गए निर्देशों पर समयबद्ध तरीके से अमल हो रहा है।

कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में क्षेत्राधिकारी यातायात, यातायात निरीक्षक समेत लोक निर्माण विभाग (PWD), परिवहन, स्वास्थ्य और नगर पालिका के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

सड़क सुरक्षा एक बहु-विभागीय विषय होने के कारण बैठक में विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों पर चर्चा की गई। सड़क निर्माण और रखरखाव से लेकर यातायात प्रवर्तन, स्वास्थ्य सेवाओं और नगर क्षेत्र में यातायात प्रबंधन तक सभी पहलुओं पर समन्वय की आवश्यकता बताई गई।

अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने विभाग से संबंधित सड़क सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता के साथ लागू करें।

नागरिकों की भूमिका भी अहम

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं है। आम नागरिकों की भूमिका भी इसमें उतनी ही महत्वपूर्ण है। वाहन चलाते समय नियमों का पालन करना और दूसरों की सुरक्षा का ध्यान रखना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है।

दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनना चाहिए, जबकि चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट का इस्तेमाल अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए। इसके अलावा, वाहन चलाते समय गति नियंत्रित रखना और यातायात संकेतों का पालन करना भी जरूरी है।

फतेहपुर में आयोजित इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करना और यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाना रहा। प्रशासन ने हेलमेट और सीट बेल्ट के पालन से लेकर अवैध पार्किंग, नशे में वाहन चलाने और दुर्घटना संभावित स्थानों पर सुरक्षा उपायों तक कई बिंदुओं पर निर्देश दिए हैं।

अब इन निर्देशों को जमीन पर लागू करने की जिम्मेदारी संबंधित विभागों की है। अगले 15 दिनों में सुरक्षा उपायों को लागू किए जाने के निर्देश के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिले में सड़क सुरक्षा व्यवस्था में कितना सुधार आता है। वहीं, आम नागरिकों से भी यातायात नियमों का पालन कर प्रशासन के प्रयासों में सहयोग करने की अपेक्षा की गई है।