आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर ED का छापा, 6 गाड़ियों में पहुंची टीम; दस्तावेजों की जांच जारी

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Digital UP News Desk

रामपुर: समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान से जुड़ी मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी एक बार फिर जांच एजेंसियों की कार्रवाई के चलते चर्चा में है। बुधवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी परिसर में छापेमारी की। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब 7 बजे छह गाड़ियों से ईडी के करीब 15 अधिकारी विश्वविद्यालय परिसर पहुंचे। इसके बाद टीम ने अलग-अलग स्थानों पर दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी।

ईडी की कार्रवाई के दौरान यूनिवर्सिटी परिसर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई। मौके पर 100 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। सुरक्षा बलों की मौजूदगी के बीच ईडी अधिकारी विश्वविद्यालय से जुड़े दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड को खंगाल रहे हैं। हालांकि, तलाशी पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जांच के दौरान एजेंसी को क्या जानकारी या दस्तावेज मिले हैं।

जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े 10 ठिकानों पर कार्रवाई

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईडी की यह कार्रवाई केवल रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसी ने आजम खान, मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी से जुड़े उत्तर प्रदेश के रामपुर और सहारनपुर के साथ-साथ दिल्ली में भी कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया है। कुल मिलाकर करीब 10 स्थानों पर कार्रवाई की जानकारी सामने आई है।

बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई धनशोधन यानी मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी जांच के तहत की जा रही है। ईडी की टीम वित्तीय रिकॉर्ड, दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। एजेंसी की कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत चल रही जांच से जुड़ी बताई गई है।

सुबह-सुबह पहुंची ईडी की टीम

बुधवार सुबह जौहर यूनिवर्सिटी परिसर में ईडी की टीम के पहुंचने के बाद वहां प्रशासनिक और सुरक्षा गतिविधियां बढ़ गईं। स्थानीय स्तर पर भी इस कार्रवाई को लेकर हलचल देखी गई। छह वाहनों से पहुंची टीम में करीब 15 अधिकारियों के शामिल होने की जानकारी है। अधिकारियों ने परिसर के भीतर जाकर रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच शुरू की।

वहीं, किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए यूनिवर्सिटी के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, सुरक्षा व्यवस्था के लिए 100 से अधिक पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद हैं। तलाशी अभियान के दौरान अधिकारियों की गतिविधियों और परिसर में प्रवेश को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई।

वित्तीय रिकॉर्ड की जांच पर जोर

ईडी की जांच का मुख्य फोकस वित्तीय लेनदेन और उससे संबंधित दस्तावेजों पर बताया जा रहा है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड में क्या जानकारी दर्ज है और विभिन्न लेनदेन का स्वरूप क्या रहा है।

इसके अलावा, जांच टीम डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही है। हालांकि, तलाशी अभियान अभी जारी है और ईडी की ओर से कार्रवाई पूरी होने तक किसी निष्कर्ष की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसलिए जांच के दौरान बरामद दस्तावेजों या संभावित साक्ष्यों के बारे में फिलहाल किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

पहले भी विवादों में रही है जौहर यूनिवर्सिटी

मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी लंबे समय से रामपुर की राजनीति और प्रशासनिक मामलों के केंद्र में रही है। यह यूनिवर्सिटी आजम खान से जुड़ी प्रमुख संस्थाओं में मानी जाती है और पिछले कुछ वर्षों में इसके भूमि, निर्माण तथा वित्तीय मामलों को लेकर कई विवाद सामने आए हैं।

इसी साल जुलाई में रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) से जुड़े मामले में यूनिवर्सिटी परिसर की कई इमारतों के निर्माण को लेकर कार्रवाई की खबरें सामने आई थीं। बाद में इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया के तहत राहत और सुनवाई से जुड़ी खबरें भी आईं। इसलिए ईडी की मौजूदा कार्रवाई ने जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर चल रही कानूनी और प्रशासनिक चर्चाओं को एक बार फिर तेज कर दिया है।

आजम खान से जुड़े मामलों में बढ़ी जांच

सपा नेता आजम खान पिछले कई वर्षों से अलग-अलग कानूनी मामलों का सामना कर रहे हैं और वर्तमान में जेल में बंद हैं। उनके खिलाफ चल रही विभिन्न जांचों और कानूनी प्रक्रियाओं के बीच जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ी ईडी की कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बुधवार की कार्रवाई में रामपुर के अलावा सहारनपुर और दिल्ली के ठिकानों को भी शामिल किए जाने की जानकारी सामने आई है। इससे संकेत मिलता है कि जांच एजेंसी यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े ट्रस्ट की गतिविधियों को व्यापक स्तर पर देख रही है।

क्या-क्या खंगाल रही है टीम?

ईडी की टीम यूनिवर्सिटी परिसर में उपलब्ध रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच कर रही है। इनमें वित्तीय लेनदेन से संबंधित कागजात, संस्थागत रिकॉर्ड और डिजिटल सामग्री शामिल हो सकती है। हालांकि, एजेंसी की तलाशी पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि जांच में किन दस्तावेजों या रिकॉर्ड को महत्वपूर्ण माना गया है।

ऐसे मामलों में जांच एजेंसी दस्तावेजों के माध्यम से वित्तीय लेनदेन की कड़ियों को समझने का प्रयास करती है। इसके बाद संबंधित लोगों और संस्थाओं से जुड़े रिकॉर्ड का मिलान किया जा सकता है। फिलहाल जौहर यूनिवर्सिटी में भी इसी तरह की जांच प्रक्रिया जारी रहने की जानकारी है।

पुलिस की तैनाती से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

ईडी की कार्रवाई को देखते हुए यूनिवर्सिटी के आसपास पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई है। 100 से अधिक पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में परिसर की सुरक्षा व्यवस्था संभाली जा रही है। इसका उद्देश्य तलाशी अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी तरह की अव्यवस्था को रोकना है।

वहीं, यूनिवर्सिटी के भीतर ईडी अधिकारी अपनी जांच में जुटे हुए हैं। सुरक्षा कारणों से परिसर में आने-जाने वालों पर भी निगरानी रखी जा रही है। कार्रवाई पूरी होने तक स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।

जांच पूरी होने के बाद तस्वीर होगी साफ

फिलहाल ईडी की कार्रवाई जारी है और एजेंसी की ओर से तलाशी के अंतिम परिणामों की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि टीम को जांच के दौरान क्या-क्या मिला या आगे किस तरह की कार्रवाई की जाएगी।

हालांकि, रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी समेत करीब 10 ठिकानों पर एक साथ तलाशी से यह जरूर स्पष्ट है कि ईडी मामले की व्यापक जांच कर रही है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि तलाशी अभियान पूरा होने के बाद एजेंसी की ओर से क्या जानकारी सार्वजनिक की जाती है और जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।

कुल मिलाकर, बुधवार सुबह शुरू हुई यह कार्रवाई आजम खान, मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामलों में जांच के लिहाज से अहम मानी जा रही है। फिलहाल अधिकारियों की टीम दस्तावेजों और रिकॉर्ड की पड़ताल में जुटी है, जबकि यूनिवर्सिटी के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है। जांच के आधिकारिक निष्कर्ष सामने आने के बाद ही इस कार्रवाई की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

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