वाराणसी एयरपोर्ट का रनवे अचानक बंद, दिल्ली समेत 3 फ्लाइट डायवर्ट; यात्रियों में मची अफरा-तफरी

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Digital UP News Desk

वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, बाबतपुर पर मंगलवार दोपहर अचानक विमानों का संचालन प्रभावित हो गया। रनवे में गड़बड़ी की सूचना मिलने के बाद एयरपोर्ट प्रशासन ने तत्काल रनवे को बंद कर दिया। इसके बाद वाराणसी आने वाली कई उड़ानों को दूसरे एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट करना पड़ा, जबकि कुछ विमानों को उनके मूल स्थान से ही वाराणसी के लिए रवाना नहीं किया गया।

रनवे बंद होने की वजह से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। एयरपोर्ट पर मौजूद यात्रियों और उनके परिजनों के बीच उड़ानों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही। वहीं, एयरलाइंस के काउंटरों पर यात्रियों की भीड़ जमा हो गई। लोग लगातार अपनी फ्लाइट की स्थिति जानने के लिए एयरलाइन कर्मचारियों से जानकारी लेते रहे।

दिल्ली से आई इंडिगो की फ्लाइट हवा में लगाती रही चक्कर

रनवे में गड़बड़ी के कारण दिल्ली से वाराणसी पहुंची इंडिगो की फ्लाइट 6E5025 को लैंडिंग की अनुमति नहीं मिल सकी। बताया गया कि यह विमान करीब आधे घंटे तक वाराणसी के हवाई क्षेत्र में चक्कर लगाता रहा। हालांकि, रनवे संचालन के लिए उपलब्ध नहीं होने के कारण विमान को बाद में अयोध्या डायवर्ट कर दिया गया।

इसी तरह अहमदाबाद से वाराणसी आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6E-6805 को भी लखनऊ की ओर डायवर्ट किया गया। नवी मुंबई से वाराणसी आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6E-2442 को भी लखनऊ भेज दिया गया।

इसके अलावा अयोध्या, दिल्ली और लखनऊ से वाराणसी के लिए उड़ान भरने वाली तीन फ्लाइट्स को वहीं रोक दिया गया। इस तरह रनवे बंद होने का असर वाराणसी आने और यहां से जाने वाली दोनों तरह की उड़ानों पर पड़ा।

एयरपोर्ट पर यात्रियों की बढ़ी परेशानी

फ्लाइट्स डायवर्ट होने की जानकारी मिलने के बाद वाराणसी एयरपोर्ट पर यात्रियों के बीच परेशानी बढ़ गई। कई यात्री अपने परिजनों को लेने एयरपोर्ट पहुंचे थे, लेकिन उड़ान के डायवर्ट होने की जानकारी मिलने के बाद उन्हें काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।

कई लोग एयरलाइंस के काउंटर पर पहुंचकर अपनी फ्लाइट के बारे में जानकारी लेते दिखाई दिए। वहीं, कुछ यात्री लगातार फोन पर एयरलाइन अधिकारियों और अपने परिवार के सदस्यों से संपर्क करते रहे।

डायवर्ट की गई उड़ानों के यात्रियों के परिजन भी काफी चिंतित नजर आए। वे फोन के जरिए यात्रियों से संपर्क कर उनकी स्थिति और आगे की यात्रा के बारे में जानकारी लेते रहे। हालांकि, एयरपोर्ट प्रशासन की ओर से यात्रियों को स्थिति सामान्य होने के बाद उड़ानों के संचालन की जानकारी देने की बात कही गई।

पायलट ने ATC को दी थी रनवे में गड़बड़ी की जानकारी

वाराणसी एयरपोर्ट के निदेशक पुनीत गुप्ता के मुताबिक, मंगलवार दोपहर एक विमान के लैंड होने के बाद पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल यानी ATC को रनवे पर गड़बड़ी के बारे में जानकारी दी।

सूचना मिलते ही एयरपोर्ट की तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और रनवे का निरीक्षण शुरू किया गया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रनवे पर विमानों की लैंडिंग और टेकऑफ रोक दिया गया।

इसके बाद जो विमान पहले से वाराणसी के हवाई क्षेत्र में पहुंच चुके थे, उन्हें दूसरे एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट किया गया। वहीं, जिन उड़ानों ने वाराणसी के लिए उड़ान नहीं भरी थी, उन्हें संबंधित एयरपोर्ट पर ही रोक दिया गया।

इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य विमानों के सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करना था। एयरपोर्ट प्रशासन की टीम ने रनवे की स्थिति का निरीक्षण करने के बाद सफाई और आवश्यक सुधार का काम शुरू किया।

रनवे पर निर्माण कार्य के दौरान आया सामान

एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता ने बताया कि वाराणसी एयरपोर्ट पर इन दिनों रनवे के विस्तार का काम चल रहा है। इसी वजह से रात के समय रनवे को बंद रखा जाता है और निर्माण कार्य किया जाता है। दिन में विमानों का संचालन किया जाता है।

उन्होंने बताया कि रात में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान कुछ सामान रनवे पर आ गया था। इसके बाद उसे हटाने और रनवे की सफाई का काम शुरू किया गया। रनवे की पूरी तरह सफाई और जांच होने के बाद ही विमानों का संचालन दोबारा शुरू किया जाना था।

हालांकि, एयरपोर्ट प्रशासन ने शुरुआत में दोपहर करीब 3 बजे से उड़ानों का संचालन बहाल होने की संभावना जताई थी। लेकिन निर्धारित समय तक सफाई और जांच का काम पूरा नहीं हो सका। इसके चलते 3 बजे के बाद भी विमानों की लैंडिंग शुरू नहीं हो पाई।

जल्द संचालन बहाल करने में जुटी टीम

एयरपोर्ट प्रशासन के मुताबिक, रनवे को जल्द से जल्द विमानों के संचालन के लिए तैयार करने का काम किया जा रहा है। इसके लिए संबंधित टीमों को मौके पर लगाया गया है।

रनवे की सफाई पूरी होने के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि विमानों के संचालन के लिए रनवे पूरी तरह सुरक्षित हो। इसके बाद ही लैंडिंग और टेकऑफ की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

यात्रियों को सलाह दी गई कि वे एयरपोर्ट पहुंचने से पहले अपनी संबंधित एयरलाइन से फ्लाइट की स्थिति की जानकारी लेते रहें। क्योंकि रनवे बंद रहने की स्थिति में उड़ानों के समय में बदलाव, देरी या डायवर्जन की स्थिति बन सकती है।

2,870 करोड़ रुपये से हो रहा वाराणसी एयरपोर्ट का विस्तार

वाराणसी का लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट आने वाले समय में और अधिक आधुनिक सुविधाओं से लैस होने जा रहा है। एयरपोर्ट के विस्तार का काम करीब 2,870 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है।

इस परियोजना के तहत एयरपोर्ट पर नई और बड़ी टर्मिनल बिल्डिंग का निर्माण किया जा रहा है। इसके पूरा होने के बाद एयरपोर्ट की यात्री क्षमता में वृद्धि होने की उम्मीद है। साथ ही यात्रियों को पहले के मुकाबले बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

एयरपोर्ट विस्तार परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रनवे का विस्तार भी है। मौजूदा करीब 2,750 मीटर लंबे रनवे को बढ़ाकर 4,000 मीटर से अधिक किया जा रहा है। इससे बड़े विमानों के संचालन को बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।

देश का पहला रनवे अंडरपास भी बनेगा

वाराणसी एयरपोर्ट विस्तार परियोजना में एक और महत्वपूर्ण सुविधा विकसित की जा रही है। यहां देश का पहला रनवे अंडरपास यानी टनल बनाए जाने की योजना है।

इस परियोजना के पूरा होने के बाद एयरपोर्ट का बुनियादी ढांचा और मजबूत होगा। साथ ही भविष्य में बढ़ते हवाई यातायात को संभालने में भी मदद मिलेगी।

हालांकि, मंगलवार को रनवे में आई गड़बड़ी के कारण कुछ समय के लिए विमानों का संचालन प्रभावित हुआ। एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और रनवे की पूरी तरह जांच एवं सफाई के बाद ही उड़ानों का संचालन बहाल किया जाएगा।

यात्रियों से एयरलाइन से अपडेट लेने की अपील

रनवे बंद होने के कारण मंगलवार को जिन यात्रियों की उड़ान प्रभावित हुई, उन्हें एयरलाइन से संपर्क कर अपनी फ्लाइट की नई स्थिति जानने की जरूरत पड़ी। डायवर्ट की गई उड़ानों के यात्रियों को भी आगे की यात्रा के संबंध में संबंधित एयरलाइन से जानकारी लेने को कहा गया।

फिलहाल एयरपोर्ट प्रशासन की टीम रनवे की सफाई और निरीक्षण के काम में जुटी हुई थी। उड़ानों का संचालन कब पूरी तरह सामान्य होगा, यह रनवे की स्थिति और सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

इस घटना ने एक बार फिर यह दिखाया कि एयरपोर्ट पर निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा और संचालन के बीच संतुलन कितना महत्वपूर्ण है। वाराणसी एयरपोर्ट के विस्तार से भविष्य में यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है, लेकिन निर्माण अवधि के दौरान ऐसी परिचालन संबंधी चुनौतियों पर लगातार निगरानी रखना भी जरूरी है।

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