इटावा में एग्रो मार्ट की आड़ में करोड़ों की ऑनलाइन ठगी का खुलासा, गैंग सरगना समेत 4 गिरफ्तार
रिपोर्ट – रोहित सिंह चौहान
इटावा: किसानों और कारोबारियों को बीज एवं अनाज उपलब्ध कराने का झांसा देकर कथित तौर पर ऑनलाइन ठगी करने वाले एक अंतरजनपदीय गैंग का इटावा पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गैंग के सरगना समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी एग्रो मार्ट के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को सरसों, मक्का समेत विभिन्न फसलों के बीज और अनाज उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाते थे। इसके बाद ग्राहकों से 50 से 60 प्रतिशत तक एडवांस भुगतान लेकर कथित रूप से धोखाधड़ी की जाती थी।
पुलिस के मुताबिक, मामले का खुलासा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर प्राप्त शिकायतों की जांच के बाद हुआ। इटावा के साइबर थाना और सिविल लाइन थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पांच कंप्यूटर, एक लैपटॉप, दो प्रिंटर, 13 मोबाइल फोन, करीब 2,000 विजिटिंग कार्ड, छह सिम कार्ड और एक कार बरामद करने का दावा किया है।
एग्रो मार्ट की आड़ में करते थे कथित ठगी
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी कृषि क्षेत्र से जुड़े कारोबार का भरोसा पैदा करने के लिए एग्रो मार्ट के नाम का इस्तेमाल करते थे। इसके जरिए किसानों और कारोबारियों से संपर्क किया जाता था। उन्हें सरसों, मक्का सहित अन्य कृषि उत्पादों के बीज और अनाज उपलब्ध कराने की बात कही जाती थी।
शुरुआत में ग्राहकों से उत्पाद, कीमत और सप्लाई से जुड़ी जानकारी साझा की जाती थी। इसके बाद कथित तौर पर कुल रकम का 50 से 60 प्रतिशत हिस्सा एडवांस के रूप में जमा कराने के लिए कहा जाता था। पुलिस का आरोप है कि भुगतान प्राप्त होने के बाद आरोपियों की ओर से या तो माल की आपूर्ति नहीं की जाती थी या फिर संपर्क से बचने का प्रयास किया जाता था।
इस तरह अलग-अलग राज्यों में मौजूद लोगों को कथित तौर पर निशाना बनाया गया। पुलिस के अनुसार, जांच में इस नेटवर्क से जुड़े कई मामलों की जानकारी सामने आई है।
NCRP पोर्टल पर शिकायत के बाद जांच
मामले की जांच राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर आगे बढ़ाई गई। साइबर अपराध से संबंधित शिकायतों की जांच के दौरान पुलिस को कथित ऑनलाइन ठगी के नेटवर्क के बारे में जानकारी मिली।
इसके बाद इटावा साइबर थाना और सिविल लाइन थाना पुलिस ने उपलब्ध डिजिटल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को आरोपियों के नेटवर्क और उनके कथित काम करने के तरीके से जुड़ी जानकारी मिली।
पुलिस ने इसके बाद संदिग्धों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई और उपलब्ध जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
मुख्य आरोपी के खिलाफ पांच मामले दर्ज
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मुख्य आरोपी प्रतीक सक्सेना भी शामिल है। पुलिस का दावा है कि प्रतीक सक्सेना के खिलाफ पहले से पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं।
इसके अलावा पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि कथित गैंग से जुड़े मामलों की शिकायतें कई राज्यों से मिली हैं। इनमें जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, बिहार, तेलंगाना, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों का उल्लेख किया गया है।
पुलिस का कहना है कि अलग-अलग राज्यों से सामने आए मामलों की जानकारी को जांच में शामिल किया जा रहा है। इससे यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गिरफ्तार आरोपियों का नेटवर्क कितना विस्तृत था और अब तक कितने लोगों के साथ कथित तौर पर धोखाधड़ी की गई।
कई राज्यों तक फैला नेटवर्क
इटावा पुलिस के मुताबिक, आरोपियों का कथित नेटवर्क अंतरजनपदीय स्तर पर सक्रिय था। अलग-अलग स्थानों के किसानों और कारोबारियों से संपर्क करने के लिए डिजिटल माध्यमों और अन्य संसाधनों का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, कृषि कारोबार से जुड़ी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लोगों से संपर्क किया जाता था। बीज और अनाज की मांग रखने वाले ग्राहकों को कथित तौर पर आकर्षित करने के बाद उनसे एडवांस भुगतान लिया जाता था।
कई राज्यों में शिकायतों के सामने आने के कारण पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य संभावित सदस्यों और इससे जुड़े लेनदेन की जानकारी जुटाने में लगी है। इसके साथ ही, यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपियों ने कथित तौर पर कितने बैंक खातों या डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल किया।
बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। इनमें पांच कंप्यूटर, एक लैपटॉप, दो प्रिंटर और 13 मोबाइल फोन शामिल हैं।
इसके अलावा पुलिस ने छह सिम कार्ड, करीब 2,000 विजिटिंग कार्ड और एक कार भी बरामद करने का दावा किया है। इतनी संख्या में विजिटिंग कार्ड मिलने को पुलिस जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इनके जरिए संभावित ग्राहकों से संपर्क किए जाने की जानकारी जुटाई जा सकती है।
बरामद मोबाइल फोन, कंप्यूटर और लैपटॉप की तकनीकी जांच भी की जा सकती है। इससे कथित ठगी से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड, संपर्कों, लेनदेन और अन्य जानकारियों का पता लगाने में पुलिस को मदद मिलने की संभावना है।
एडवांस भुगतान को बनाया कथित ठगी का आधार
पुलिस के अनुसार, आरोपियों का कथित तरीका ग्राहकों से पहले एडवांस भुगतान लेने पर आधारित था। बीज और अनाज की आपूर्ति के नाम पर ग्राहकों से कुल रकम का 50 से 60 प्रतिशत हिस्सा पहले जमा कराने के लिए कहा जाता था।
एडवांस भुगतान करने के बाद यदि उत्पाद की आपूर्ति नहीं होती थी, तो ग्राहक के लिए रकम वापस हासिल करना चुनौतीपूर्ण हो जाता था। पुलिस को मिली शिकायतों के आधार पर इस पूरे तरीके की जांच की जा रही है।
ऐसे मामलों में ऑनलाइन भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड महत्वपूर्ण साक्ष्य बन सकते हैं। इसलिए पुलिस द्वारा डिजिटल उपकरणों की जांच के साथ-साथ कथित लेनदेन की जानकारी जुटाई जा रही है।
किसानों और कारोबारियों से सतर्क रहने की अपील
कृषि क्षेत्र से जुड़े कारोबार में ऑनलाइन माध्यमों का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में किसानों और कारोबारियों के लिए किसी अनजान कंपनी या विक्रेता को एडवांस भुगतान करने से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच करना जरूरी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, किसी कंपनी की वेबसाइट, पंजीकरण, कार्यालय का पता, बैंक खाते और संपर्क विवरण की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करनी चाहिए। इसके अलावा, यदि कोई विक्रेता बाजार मूल्य से बहुत अलग कीमत या तुरंत भारी एडवांस भुगतान की मांग करता है, तो अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
ऑनलाइन धोखाधड़ी की स्थिति में संबंधित पोर्टल और पुलिस को तत्काल शिकायत देने से जांच में मदद मिल सकती है।
पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
इस मामले में इटावा के साइबर थाना और सिविल लाइन थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। पुलिस टीम ने तकनीकी जानकारी और शिकायतों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया।
एसएसपी इटावा बृजेश कुमार श्रीवास्तव की ओर से मामले की जानकारी दी गई। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और बरामद डिजिटल उपकरणों की जांच के आधार पर मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित नेटवर्क में और कितने लोग शामिल थे तथा विभिन्न राज्यों में सामने आई शिकायतों का आपस में क्या संबंध है।
आगे की जांच जारी
चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब मामले की आगे की जांच में जुटी है। बरामद कंप्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल फोन की जांच से कथित ऑनलाइन नेटवर्क से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की उम्मीद है।
इसके साथ ही, विभिन्न राज्यों में दर्ज मामलों और NCRP पर प्राप्त शिकायतों के बीच संबंध की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है, तो पुलिस उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई कर सकती है।
कुल मिलाकर, इटावा पुलिस ने एग्रो मार्ट की आड़ में किसानों और कारोबारियों से कथित ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले अंतर्जनपदीय गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों पर बीज और अनाज उपलब्ध कराने के नाम पर 50 से 60 प्रतिशत एडवांस लेने और कथित रूप से धोखाधड़ी करने का आरोप है। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की जांच के साथ अब पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य मामलों और संभावित आरोपियों की जानकारी जुटा रही है।

