औरैया में गेस्ट हाउस के अंदर मिला 15 फीट लंबा अजगर, वन विभाग की टीम ने सुरक्षित किया रेस्क्यू
रिपोर्ट – अंजुमन तिवारी
औरैया: बेला-बिधूना मार्ग के मनुआ पुरवा क्षेत्र में उस समय हलचल मच गई, जब एक गेस्ट हाउस के अंदर करीब 15 फीट लंबा विशाल अजगर दिखाई दिया। सुबह गेस्ट हाउस खोलने पहुंचे संचालक शीलू श्रीवास्तव की नजर जैसे ही अजगर पर पड़ी, उन्होंने तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
काफी मशक्कत के बाद वन विभाग की टीम ने अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया। इसके बाद उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाने की तैयारी की गई, जहां उसे उसके प्राकृतिक वातावरण के अनुकूल स्थान पर छोड़े जाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। घटना के दौरान किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है।
गेस्ट हाउस खोलने पहुंचे संचालक ने देखा अजगर
जानकारी के अनुसार, मनुआ पुरवा स्थित गेस्ट हाउस के संचालक शीलू श्रीवास्तव सुबह प्रतिष्ठान खोलने पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी नजर परिसर के अंदर मौजूद एक विशाल अजगर पर पड़ी। अजगर को देखकर उन्होंने तत्काल सतर्कता बरती और वन विभाग को इसकी जानकारी दी।
अजगर की लंबाई करीब 15 फीट बताई गई। गेस्ट हाउस जैसे स्थान पर इतना बड़ा अजगर मिलने की सूचना के बाद आसपास के लोगों में भी उत्सुकता बढ़ गई। हालांकि, संचालक ने किसी तरह का जोखिम लेने के बजाय वन विभाग की टीम को सूचना देना उचित समझा।
सूचना मिलने के बाद वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद अजगर को सुरक्षित तरीके से पकड़ने के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया।
वन विभाग की टीम ने शुरू किया रेस्क्यू अभियान
वन विभाग की टीम के मौके पर पहुंचने के बाद अजगर को सुरक्षित पकड़ने की प्रक्रिया शुरू हुई। बड़े आकार के अजगर को देखते हुए टीम ने सावधानीपूर्वक अभियान चलाया, ताकि उसे किसी तरह की चोट न पहुंचे और आसपास मौजूद लोगों की सुरक्षा भी बनी रहे।
रेस्क्यू के दौरान टीम के सदस्यों ने समन्वय के साथ काम किया। काफी प्रयास के बाद अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया गया। इसके बाद उसे गेस्ट हाउस परिसर से बाहर निकाला गया।
रेस्क्यू अभियान में अन्नू भदौरिया, गजेंद्र सिंह, आरक्षी इकरार खान और विनय कुमार समेत वन विभाग की टीम के सदस्य मौजूद रहे। टीम की सतर्कता और सावधानी के कारण अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया जा सका।
किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं
घटना के दौरान किसी व्यक्ति के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है। गेस्ट हाउस में अजगर मिलने के बाद संचालक ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी, जिससे स्थिति को नियंत्रित तरीके से संभालने में मदद मिली।
वन्यजीवों के रिहायशी या व्यावसायिक परिसरों में पहुंचने की स्थिति में उन्हें खुद पकड़ने या उनके करीब जाने के बजाय विशेषज्ञों को सूचना देना अधिक सुरक्षित माना जाता है। इस घटना में भी इसी तरह वन विभाग की टीम को सूचना दी गई और प्रशिक्षित कर्मचारियों ने रेस्क्यू की जिम्मेदारी संभाली।
इससे न केवल लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई, बल्कि अजगर को भी बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला जा सका।
सुरक्षित स्थान पर छोड़े जाने की तैयारी
रेस्क्यू किए जाने के बाद अजगर को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की तैयारी की जा रही है। वन विभाग की टीम का प्रयास है कि उसे ऐसे स्थान पर छोड़ा जाए, जहां उसके लिए प्राकृतिक वातावरण उपलब्ध हो और वह सुरक्षित रूप से रह सके।
वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में वापस पहुंचाना संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जाता है। ऐसे मामलों में रेस्क्यू के बाद वन विभाग की टीम स्थान और परिस्थितियों का आकलन करती है, ताकि वन्यजीव को उपयुक्त स्थान पर छोड़ा जा सके।
इस मामले में भी अजगर को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करने के बाद उसके लिए उपयुक्त स्थान तलाशने की प्रक्रिया की जा रही है।
बारिश के मौसम में बढ़ जाती है वन्यजीवों की गतिविधि
बारिश और मानसून के दौरान कई वन्यजीव अपने प्राकृतिक आवास से बाहर निकलकर आसपास के क्षेत्रों में पहुंच जाते हैं। पानी भरने या रहने की जगह में बदलाव के कारण सांप और अन्य सरीसृप कई बार मानव बस्तियों, खेतों या खाली भवनों के आसपास दिखाई दे सकते हैं।
ऐसे में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने की जरूरत होती है। खासकर बंद पड़े कमरों, गोदामों, झाड़ियों और लंबे समय से इस्तेमाल नहीं किए गए स्थानों में प्रवेश करते समय सावधानी बरतना जरूरी है।
यदि किसी परिसर में सांप या कोई अन्य वन्यजीव दिखाई देता है, तो उसे खुद पकड़ने की कोशिश करने के बजाय संबंधित वन विभाग या प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना देना बेहतर होता है।
गेस्ट हाउस में अजगर मिलने से बढ़ी सतर्कता
गेस्ट हाउस के अंदर अजगर मिलने की सूचना के बाद आसपास के क्षेत्र में भी लोगों की नजर इस घटना पर बनी रही। हालांकि, वन विभाग की टीम ने समय रहते मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाल लिया।
अजगर के सुरक्षित रेस्क्यू के बाद गेस्ट हाउस परिसर में मौजूद लोगों को भी राहत मिली। वहीं, इस घटना के बाद परिसर और आसपास के स्थानों की जांच किए जाने की आवश्यकता भी सामने आई, ताकि किसी अन्य वन्यजीव की मौजूदगी की संभावना को देखा जा सके।
रेस्क्यू टीम ने जिस तरह सावधानी के साथ अजगर को पकड़ा, उससे यह भी स्पष्ट हुआ कि बड़े वन्यजीवों को संभालने के लिए प्रशिक्षित लोगों की आवश्यकता होती है।
वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता जरूरी
अजगर जैसे वन्यजीव पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। इसलिए इनके मानव आबादी के करीब आने की स्थिति में सुरक्षा के साथ-साथ वन्यजीव संरक्षण को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
इस तरह की घटनाओं में वन विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। प्रशिक्षित टीम वन्यजीव को सुरक्षित तरीके से पकड़ने के साथ-साथ उसे उचित स्थान पर छोड़ने की प्रक्रिया भी पूरी करती है।
लोगों की जागरूकता भी इसमें अहम भूमिका निभाती है। यदि किसी व्यक्ति को कोई वन्यजीव दिखाई देता है, तो उसके साथ छेड़छाड़ न करते हुए तत्काल संबंधित विभाग को सूचना देना चाहिए।
टीम की मौजूदगी से सफल हुआ रेस्क्यू
मनुआ पुरवा के गेस्ट हाउस में करीब 15 फीट लंबे अजगर के मिलने की सूचना पर वन विभाग की टीम ने तेजी से कार्रवाई की। अन्नू भदौरिया, गजेंद्र सिंह, आरक्षी इकरार खान और विनय कुमार समेत टीम के सदस्यों ने रेस्क्यू अभियान में भाग लिया।
कड़ी मशक्कत और सावधानी के बाद अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया गया। इसके बाद उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाने की तैयारी की गई। इस दौरान किसी व्यक्ति को नुकसान नहीं पहुंचा।
कुल मिलाकर, औरैया के बेला-बिधूना मार्ग स्थित मनुआ पुरवा में गेस्ट हाउस के अंदर विशाल अजगर मिलने की घटना से लोगों में उत्सुकता जरूर बढ़ी, लेकिन वन विभाग की तत्परता के कारण स्थिति को सुरक्षित तरीके से संभाल लिया गया। करीब 15 फीट लंबे अजगर को रेस्क्यू कर लिया गया है और अब उसे उपयुक्त प्राकृतिक स्थान पर छोड़े जाने की तैयारी की जा रही है। यह घटना एक बार फिर बताती है कि वन्यजीवों के मानव आबादी के करीब आने पर बिना घबराए विशेषज्ञों को सूचना देना और प्रशिक्षित टीम की मदद लेना सबसे सुरक्षित तरीका है।

