UP Rain Alert: यूपी में भारी बारिश से हाहाकार, 46 जिलों में अलर्ट; मेरठ-मुजफ्फरनगर में जलभराव, नदियां उफान पर
Digital UP News Desk
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मानसूनी बारिश का दौर लगातार जारी है। मंगलवार सुबह से प्रदेश के कई जिलों में रुक-रुककर बारिश हो रही है। मेरठ, संभल, बिजनौर और मुजफ्फरनगर समेत करीब 10 शहरों में बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि सड़कें और गलियां तालाब में तब्दील हो गईं। वहीं, कई घरों और दुकानों में करीब एक फीट तक पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के 46 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें कुछ जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। आगरा में विशेष रूप से भारी बारिश की आशंका है। दूसरी ओर, पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही तेज बारिश का असर उत्तर प्रदेश की नदियों पर भी दिखाई दे रहा है। गंगा और यमुना समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बसे इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
मेरठ और संभल में बारिश से जलभराव
मंगलवार सुबह हुई बारिश के बाद मेरठ और संभल के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। लगातार बारिश के कारण गलियों और कॉलोनियों में पानी भर गया। कई स्थानों पर पानी घरों और दुकानों के अंदर तक पहुंच गया। स्थानीय लोगों को रोजमर्रा के काम के लिए भी पानी से होकर गुजरना पड़ा।
बारिश के कारण निचले इलाकों में सबसे अधिक परेशानी देखने को मिली। जल निकासी की व्यवस्था प्रभावित होने के चलते कई जगहों पर सड़कें पानी में डूबी नजर आईं। इससे वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई। लोगों ने प्रशासन से जलभराव वाले इलाकों में तत्काल पानी निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की।
मुजफ्फरनगर में कांवड़ रूट पर 2 से 3 फीट पानी
मुजफ्फरनगर में तेज बारिश के बाद हालात और चुनौतीपूर्ण हो गए। शहर के प्रमुख कांवड़ रूट और शिव चौक पर करीब 2 से 3 फीट तक पानी भर गया। बारिश के बीच प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
डीएम उमेश मिश्रा और एसएसपी संजय वर्मा खुद घुटनों तक भरे पानी में उतरे और जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों को पानी की निकासी तेज करने और लोगों को राहत पहुंचाने के निर्देश दिए।
कांवड़ यात्रा के दौरान इन रास्तों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए जलभराव प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। ऐसे में प्रशासन की ओर से लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
लखनऊ समेत कई इलाकों में बूंदाबांदी
राजधानी लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में भी मंगलवार को मौसम बदला हुआ नजर आया। कई इलाकों में बूंदाबांदी हुई। हालांकि, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों की तुलना में यहां बारिश की तीव्रता कम रही।
मौसम में बदलाव के चलते लोगों को उमस से कुछ राहत मिली है। हालांकि, लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव की समस्या उत्पन्न होने की आशंका बनी हुई है। प्रशासन और स्थानीय निकायों के सामने नालियों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को सुचारु रखना महत्वपूर्ण चुनौती है।
46 जिलों में बारिश का अलर्ट
प्रदेश में मानसून की सक्रियता को देखते हुए मंगलवार को 46 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इनमें कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। आगरा में भारी बारिश की आशंका के चलते लोगों को मौसम को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
बारिश के दौरान लोगों को अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी जा रही है। इसके अलावा नदी और नालों के आसपास रहने वाले लोगों को भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
पहाड़ों की बारिश से उफान पर यूपी की नदियां
उत्तर प्रदेश में केवल बारिश ही परेशानी का कारण नहीं बनी है। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही जोरदार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। गंगा और यमुना के किनारे बसे कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात दिखाई देने लगे हैं।
वाराणसी में गंगा नदी का पानी घाटों की सीढ़ियों तक पहुंच गया है। कई घाटों के संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं। बताया गया है कि शहर के सभी 84 घाटों को आपस में जोड़ने वाले रास्तों पर भी पानी भर गया है।
जलस्तर बढ़ने के कारण काशी विश्वनाथ मंदिर के छह द्वारों में से मुख्य काशी विश्वनाथ मंदिर घाट यानी गंगा द्वार को बंद कर दिया गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन की ओर से विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
मथुरा-वृंदावन में भी बढ़ा यमुना का जलस्तर
मथुरा में यमुना नदी का पानी घाटों की सीढ़ियों तक पहुंच गया है। इससे नदी किनारे के क्षेत्रों में लोगों की चिंता बढ़ गई है। वहीं, वृंदावन में प्रसिद्ध केशी घाट का परिक्रमा मार्ग भी जलमग्न हो गया है।
धार्मिक नगरी होने के कारण वृंदावन और मथुरा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में नदी और घाटों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन की ओर से भी नदी के आसपास जाने वाले लोगों पर नजर रखी जा रही है।
बिजनौर और फर्रुखाबाद में बाढ़ का असर
बिजनौर और फर्रुखाबाद में बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ का असर दिखाई दे रहा है। गंगा नदी का पानी कई स्थानों पर हाईवे के ऊपर से बहने लगा है। इसके अलावा आसपास की कई सड़कें भी पानी में डूब गई हैं।
ग्रामीण इलाकों में स्थिति और कठिन हो गई है। कई गांवों में आवागमन के लिए नावों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। जलभराव और बाढ़ के कारण लोगों को जरूरी सामान लाने-ले जाने में भी परेशानी हो रही है।
प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों पर नजर रखी जा रही है। नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि होने की स्थिति में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
सहारनपुर में सैलाब से कई रास्ते प्रभावित
सहारनपुर में भी भारी बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तेज बारिश के बाद गंडराव नदी और शाकंभरी मंदिर के पास बहने वाली बरसाती नदी में सैलाब आ गया। पानी का बहाव बढ़ने के कारण शाकंभरी मंदिर के प्रवेश द्वार के पास करीब दो फीट तक पानी भर गया।
तेज बहाव का असर मिर्जापुर क्षेत्र में भी दिखाई दिया, जहां रपटा पुल क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद नदी का पानी दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे के ऊपर से बहने लगा। हाईवे पर पानी आने से यातायात प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
ऐसे में स्थानीय प्रशासन के लिए लोगों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गई है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे तेज बहाव वाले पानी और क्षतिग्रस्त पुलों के आसपास जाने से बचें।
अगले कुछ घंटों में भी सतर्क रहने की जरूरत
उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता के बीच आने वाले घंटों में भी कई जिलों में बारिश जारी रहने की संभावना है। एक तरफ शहरों में जलभराव की समस्या सामने आ रही है, वहीं दूसरी ओर नदियों के बढ़ते जलस्तर ने नदी किनारे बसे क्षेत्रों की चिंता बढ़ा दी है।
इस स्थिति में प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती है। शहरों में जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाए रखना और ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी करना जरूरी है। इसके साथ ही, प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव व्यवस्था को तैयार रखना भी महत्वपूर्ण है।
फिलहाल मेरठ, संभल, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, फर्रुखाबाद, सहारनपुर, वाराणसी और मथुरा समेत कई जिलों में बारिश और बढ़ते जलस्तर का असर दिखाई दे रहा है। 46 जिलों में जारी बारिश अलर्ट के बीच लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।

