IIT छात्रा प्रकरण के आरोपित एसीपी मोहसिन खान को मिली नई तैनाती, जानिए अब कहां का संभालेंगे पदभार 

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रिपोर्ट – विकास चौहान 

लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग की हाल ही में जारी तबादला सूची में एसीपी मोहसिन खान को नई तैनाती दी गई है। लगभग 19 माह पहले आईआईटी कानपुर की एक शोध छात्रा द्वारा लगाए गए दुष्कर्म के आरोप के बाद उन्हें निलंबित कर मुख्यालय से संबद्ध किया गया था। अब 125 क्षेत्राधिकारी (सीओ) स्तर के अधिकारियों के तबादलों की सूची में उनका नाम शामिल करते हुए उन्हें साइबर क्राइम मुख्यालय में तैनात किया गया है।

यह तबादला ऐसे समय हुआ है जब मामले से संबंधित न्यायिक और विभागीय प्रक्रियाएं अभी भी जारी हैं। पुलिस विभाग की ओर से जारी आदेश के बाद मोहसिन खान की नई तैनाती प्रशासनिक और सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गई है। हालांकि, यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि उनके विरुद्ध दर्ज मामला न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है और किसी भी आरोप पर अंतिम निष्कर्ष न्यायालय के निर्णय के बाद ही माना जाएगा।

19 माह बाद मिली नई जिम्मेदारी

उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा 2 जुलाई को जारी तबादला सूची में कुल 125 क्षेत्राधिकारी (सीओ) स्तर के अधिकारियों के स्थानांतरण किए गए हैं। इसी सूची में एसीपी मोहसिन खान को साइबर क्राइम मुख्यालय में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।

पुलिस विभाग के प्रशासनिक आदेश के अनुसार, सभी स्थानांतरित अधिकारियों को शीघ्र अपने नए कार्यस्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला 13 दिसंबर 2024 का है, जब कानपुर स्थित आईआईटी की एक शोध छात्रा ने मोहसिन खान के विरुद्ध दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस विभाग ने प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से कानपुर से हटाकर लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध कर दिया था।

इसके बाद वे लंबे समय तक पुलिस महानिदेशक (डीजी) कार्यालय से संबद्ध रहे।

न्यायिक और विभागीय प्रक्रिया जारी

मोहसिन खान से जुड़ा मामला वर्तमान में न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। इसके साथ ही विभागीय स्तर पर भी आवश्यक कार्रवाई और प्रक्रिया जारी है। पुलिस विभाग की ओर से इस संबंध में समय-समय पर प्रशासनिक निर्णय लिए जाते रहे हैं।

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी आपराधिक मामले में आरोप लगना और दोष सिद्ध होना दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। इसलिए अंतिम निष्कर्ष न्यायालय के निर्णय के बाद ही माना जाता है।

तबादला सूची में अन्य अधिकारियों के भी हुए स्थानांतरण

उत्तर प्रदेश पुलिस की इसी तबादला सूची में कई अन्य अधिकारियों के भी स्थानांतरण किए गए हैं।

सूची के अनुसार—

  • सीओ जीआरपी दुष्यंत कुमार सिंह का तबादला हाथरस किया गया है।
  • सीओ मनोज कुमार सिंह को अयोध्या में नई तैनाती मिली है।
  • सीओ एलआईयू संजय कुमार राय का स्थानांतरण चंदौली किया गया है।

पुलिस विभाग के अनुसार, यह नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है।

प्रशासनिक तबादले की प्रक्रिया

विशेषज्ञों के अनुसार, पुलिस विभाग में समय-समय पर प्रशासनिक आवश्यकताओं, कार्य की जरूरतों और संगठनात्मक व्यवस्था के आधार पर अधिकारियों के तबादले किए जाते हैं।

हालांकि, जिन अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय या न्यायिक मामले लंबित होते हैं, उनके संबंध में लिए गए प्रशासनिक निर्णयों पर सार्वजनिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा होती रहती है।

चर्चा का विषय बनी नई तैनाती

मोहसिन खान की नई तैनाती के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

सोशल मीडिया और विभिन्न सार्वजनिक मंचों पर लोग इस प्रशासनिक निर्णय पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। हालांकि, पुलिस विभाग ने स्थानांतरण आदेश को नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत जारी किया है।

कानूनी प्रक्रिया का महत्व

कानूनी जानकारों का कहना है कि किसी भी आरोपी के मामले में न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने तक उसे दोषी नहीं माना जा सकता। भारतीय न्याय व्यवस्था में प्रत्येक व्यक्ति को निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार प्राप्त है और अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर दिया जाता है।

इसी कारण समाचारों में ऐसे मामलों की रिपोर्टिंग करते समय आरोप और न्यायिक स्थिति के बीच स्पष्ट अंतर बनाए रखना आवश्यक होता है।

पुलिस विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था

उत्तर प्रदेश पुलिस समय-समय पर अधिकारियों की कार्यक्षमता, प्रशासनिक आवश्यकताओं और विभिन्न इकाइयों की जरूरतों के अनुसार स्थानांतरण करती रहती है।

साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए साइबर क्राइम मुख्यालय में भी अनुभवी अधिकारियों की नियुक्ति की जाती है ताकि डिजिटल अपराधों की जांच और रोकथाम को और प्रभावी बनाया जा सके। हालांकि, इस मामले में स्थानांतरण का आधार विभागीय आदेश के अनुसार प्रशासनिक है।

आगे क्या होगा?

मोहसिन खान से संबंधित आपराधिक और विभागीय मामलों की कार्रवाई पूर्व निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार जारी रहेगी। यदि न्यायालय या विभागीय जांच में कोई नया निर्णय आता है, तो उसके अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल उनका स्थानांतरण आदेश प्रभावी हो चुका है और उन्हें साइबर क्राइम मुख्यालय में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।

आईआईटी कानपुर की शोध छात्रा द्वारा दर्ज कराए गए मामले में आरोपित रहे एसीपी मोहसिन खान को लगभग 19 माह बाद उत्तर प्रदेश पुलिस की नई तबादला सूची में साइबर क्राइम मुख्यालय में तैनाती दी गई है।

यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब मामले से जुड़ी न्यायिक और विभागीय प्रक्रियाएं अभी भी जारी हैं। इसलिए इस मामले में अंतिम निष्कर्ष न्यायालय और संबंधित विभागीय जांच के परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

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