कानपुर में बेटे की चाहत में SDO ने रची बच्चा चोरी की साजिश, ANM को 5 लाख रुपये देने का था लालच
Digital UP News Desk
कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से बच्चा चोरी के एक मामले में चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। घाटमपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से नवजात बच्चे को चोरी करने की कोशिश के मामले में पुलिस ने हमीरपुर के मौदहा में तैनात बिजली विभाग के एक उपखंड अधिकारी (SDO) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी SDO पर बेटे की चाहत में बच्चा चोरी की साजिश रचने और इसके लिए एक ANM को पांच लाख रुपये देने का लालच देने का आरोप है।
पुलिस की जांच में सामने आया कि बच्चा चोरी की कोशिश करने वाली महिला से पूछताछ के दौरान बिजली विभाग के SDO आरके वर्मा का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए आरोपी SDO को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, आरके वर्मा मूल रूप से कानपुर के घाटमपुर क्षेत्र का रहने वाला है और पिछले करीब छह महीने से हमीरपुर जिले के मौदहा स्थित बिजली विभाग के सब स्टेशन में तैनात था।
10 मई को हुई थी बच्चा चोरी की कोशिश
यह पूरा मामला 10 मई 2026 का है। घाटमपुर थाना क्षेत्र के बम्हौरी गांव निवासी अवनीश किसान हैं। उनकी 22 वर्षीय पत्नी मंजू को प्रसव के लिए 10 मई को घाटमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। उसी दिन शाम को मंजू ने एक बेटे को जन्म दिया। इसके बाद मां और नवजात को अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड में भर्ती कर दिया गया।
परिजनों के मुताबिक, रात करीब 10 बजे एक महिला अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड में पहुंची। वह काफी देर तक वहां मौजूद रही और खुद को अस्पताल की नर्स बताकर वार्ड में मौजूद महिलाओं से बातचीत करती रही। इसी दौरान उसने जांच करने की बात कहते हुए मंजू के नवजात बच्चे को गोद में उठा लिया।
मंजू कुछ समझ पाती, उससे पहले ही महिला बच्चे को लेकर वार्ड से बाहर निकलने लगी। हालांकि, मां को महिला की गतिविधियों पर शक हो गया। उसने तत्काल शोर मचाया और परिवार के लोगों को इसकी जानकारी दी।
मां के शोर मचाने पर पकड़ी गई महिला
मंजू की आवाज सुनकर उसके पति अवनीश और अस्पताल में मौजूद गार्ड सक्रिय हो गए। महिला जैसे ही बच्चे को लेकर अस्पताल के गेट की ओर बढ़ी, परिजनों और गार्ड ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। शुरुआती पूछताछ में महिला ने अपना नाम गीता देवी बताया। उसने अपने पति का नाम विनोद कुमार बताया और खुद को बांदा जिले के बबेरू थाना क्षेत्र के अनुवान गांव का निवासी बताया।
जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि आरोपी महिला इससे पहले कई बार अस्पताल आ चुकी थी। वह कथित तौर पर एक सप्ताह में पांच से छह बार जच्चा-बच्चा वार्ड में पहुंचती थी। इस दौरान वह गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों से बातचीत करती और उनका हालचाल पूछती थी। इससे उसे अस्पताल की व्यवस्था और वार्ड में आने-जाने की गतिविधियों की जानकारी मिल गई थी।
पूछताछ में सामने आया SDO का नाम
घटना के बाद पुलिस ने महिला से विस्तार से पूछताछ की। जांच आगे बढ़ने पर कथित बच्चा चोरी की कोशिश के पीछे एक बड़े षड्यंत्र की आशंका सामने आई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान हमीरपुर के मौदहा में तैनात बिजली विभाग के SDO आरके वर्मा का नाम सामने आया।
इसके बाद पुलिस ने मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच शुरू की। पुलिस के मुताबिक, आरके वर्मा कानपुर के घाटमपुर क्षेत्र का रहने वाला है। उसके परिवार में दो बेटियां हैं और वह कथित तौर पर बेटे की इच्छा रखता था। इसी चाहत के चलते उसने नवजात बच्चे को चोरी कराने की योजना बनाई।
पांच लाख रुपये में तय हुआ था सौदा
पुलिस के अनुसार, SDO आरके वर्मा ने ANM गीता देवी को बच्चा चोरी करने के बदले पांच लाख रुपये देने का लालच दिया था। आरोप है कि इसी रकम के बदले नवजात बच्चे को अस्पताल से बाहर निकालने की योजना बनाई गई थी।
हालांकि, योजना उस समय विफल हो गई जब बच्चे की मां ने महिला को बच्चे के साथ बाहर जाते हुए देख लिया। इसके बाद शोर मचने पर अस्पताल के लोगों और परिजनों ने महिला को पकड़ लिया। इस तरह नवजात बच्चा सुरक्षित बच गया।
पुलिस की जांच में SDO का नाम सामने आने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया। पुलिस ने आरोपी अधिकारी की भूमिका की जांच की और इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया।
9 अगस्त को SDO को किया गया गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक, मामले में आरोपी बिजली विभाग के SDO आरके वर्मा को 9 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वहीं, बच्चा चोरी की कोशिश के मामले में पहले गिरफ्तार की गई ANM गीता देवी को भी पुलिस ने न्यायिक हिरासत में भेजा था।
पुलिस ने इस मामले में अपहरण और मानव तस्करी समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। साथ ही, पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस घटना में आरोपी महिला और SDO के अलावा कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।
अस्पताल में कई बार आने की बात आई सामने
पुलिस की जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि आरोपी महिला घटना से पहले कई बार घाटमपुर CHC पहुंची थी। वह जच्चा-बच्चा वार्ड में जाकर महिलाओं से बातचीत करती थी। खुद को नर्स बताकर वह अस्पताल में सामान्य रूप से घूमती थी।
ऐसे में पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि अस्पताल में उसकी आवाजाही कैसे होती रही और क्या उसने बच्चा चोरी की कोशिश से पहले अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी जुटाई थी। हालांकि, इन सभी पहलुओं पर पुलिस की जांच जारी है।
बेटे की चाहत बनी साजिश की वजह
इस मामले में पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, आरोपी SDO के दो बेटियां हैं और कथित तौर पर वह बेटे की चाहत रखता था। इसी इच्छा को पूरा करने के लिए उसने बच्चा चोरी कराने का प्रयास किया। पुलिस का दावा है कि इसी उद्देश्य से उसने ANM को पांच लाख रुपये देने की बात कही थी।
यह मामला एक बार फिर यह सवाल उठाता है कि परिवार में बेटे और बेटी को लेकर भेदभाव की मानसिकता किस तरह गंभीर समस्याओं को जन्म दे सकती है। बेटा या बेटी, दोनों ही परिवार के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में बच्चों को लेकर किसी भी तरह का भेदभाव सामाजिक स्तर पर चिंता का विषय है।
पुलिस की जांच जारी
फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बच्चा चोरी की इस कथित योजना में आरोपियों की भूमिका कितनी थी और इसके पीछे कोई अन्य व्यक्ति या गिरोह तो सक्रिय नहीं था।
साथ ही, पुलिस अस्पताल में आरोपी महिला की पहले की गतिविधियों और SDO के साथ उसके संपर्क की भी पड़ताल कर रही है। मामले में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर के घाटमपुर CHC से सामने आया यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि नवजात को अस्पताल से बाहर ले जाने की कोशिश समय रहते पकड़ ली गई। मां की सतर्कता और परिजनों की तत्परता के कारण बच्चा सुरक्षित बच गया। वहीं, पुलिस की आगे की जांच से इस कथित साजिश से जुड़े अन्य पहलुओं के सामने आने की उम्मीद है।

