बांदा के मवई बुजुर्ग के झण्डा देवी मंदिर मार्ग की जर्जर हालत से ग्रामीण परेशान, सड़क निर्माण की उठी मांग
रिपोर्ट – शैलेन्द्र शानू वर्मा
बांदा: जनपद की सदर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत मवई बुजुर्ग स्थित प्रसिद्ध झण्डा देवी मंदिर तक जाने वाले मुख्य मार्ग की जर्जर स्थिति स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के लिए लगातार परेशानी का कारण बनी हुई है। सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढे, उखड़ी हुई सतह और बारिश के दौरान जमा होने वाला पानी आवागमन को कठिन बना रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क की मरम्मत नहीं होने के कारण हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। ऐसे में उन्होंने संबंधित विभाग और प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण एवं मरम्मत कराने की मांग की है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, झण्डा देवी मंदिर क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसके बावजूद मंदिर तक पहुंचने वाला मार्ग बदहाल स्थिति में है, जिससे लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
जगह-जगह गड्ढों से बाधित हो रहा आवागमन
ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर मार्ग पर कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं। सड़क की ऊपरी परत टूटने के कारण वाहन चालकों को बेहद सावधानी के साथ गुजरना पड़ता है।
इसके अलावा पैदल चलने वाले लोगों को भी कठिनाई होती है। विशेष रूप से सुबह और शाम के समय जब श्रद्धालुओं और ग्रामीणों की आवाजाही अधिक रहती है, तब समस्या और बढ़ जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
बारिश में और बढ़ जाती है समस्या
ग्रामीणों के अनुसार, मानसून के दौरान मार्ग की स्थिति और अधिक खराब हो जाती है। बारिश का पानी गड्ढों में भर जाने से सड़क की वास्तविक स्थिति दिखाई नहीं देती, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
कई स्थानों पर कीचड़ जमा होने के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष परेशानी उठानी पड़ती है।
श्रद्धालुओं को भी उठानी पड़ रही कठिनाई
झण्डा देवी मंदिर स्थानीय क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक स्थल माना जाता है। यहां आसपास के गांवों के अलावा दूर-दराज क्षेत्रों से भी श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। हालांकि, मंदिर तक जाने वाला मार्ग खराब होने के कारण श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान असुविधा का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि धार्मिक स्थल तक पहुंचने वाले मार्ग की स्थिति बेहतर होना आवश्यक है ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
स्कूली बच्चों और बुजुर्गों पर अधिक असर
ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग का उपयोग केवल मंदिर आने-जाने वाले लोग ही नहीं बल्कि आसपास रहने वाले परिवार भी प्रतिदिन करते हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और दैनिक कार्यों के लिए निकलने वाले लोगों को भी खराब सड़क के कारण परेशानी होती है।
बारिश के मौसम में कई बार बच्चों को कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
दोपहिया वाहन चालकों के लिए बढ़ा जोखिम
स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क की खराब स्थिति के कारण कई बार दोपहिया वाहन फिसलने की घटनाएं भी सामने आई हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार किसी गंभीर दुर्घटना की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि फिसलने के कारण कुछ लोग चोटिल हुए हैं।
ऐसी परिस्थितियों में सड़क की समय पर मरम्मत को आवश्यक बताया जा रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार
गांव के लोगों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से मांग की है कि सड़क की वर्तमान स्थिति का निरीक्षण कराया जाए। उन्होंने कहा कि यदि जल्द मरम्मत और निर्माण कार्य शुरू कराया जाए तो लोगों को राहत मिल सकती है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की समस्या लंबे समय से बनी हुई है और अब इसका स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।
बेहतर सड़क से मिलेगा विकास को भी बढ़ावा
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि सड़क की स्थिति सुधरने से केवल श्रद्धालुओं को ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र को लाभ मिलेगा। बेहतर सड़क होने से आवागमन आसान होगा, ग्रामीणों की दैनिक गतिविधियां सुचारु रहेंगी और स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
इसके अलावा आपातकालीन सेवाओं और अन्य सरकारी सुविधाओं की पहुंच भी अधिक प्रभावी हो सकेगी।
जनप्रतिनिधियों से भी अपेक्षा
ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी इस समस्या के समाधान के लिए पहल करने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर सड़क निर्माण कार्य को प्राथमिकता दी जाए, तो समस्या का समाधान शीघ्र हो सकता है।
लोगों ने उम्मीद जताई कि जनप्रतिनिधि और प्रशासन इस मुद्दे पर सकारात्मक कदम उठाएंगे।
ग्रामीण विकास में सड़क की अहम भूमिका
स्थानीय लोगों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कें केवल आवागमन का साधन नहीं होती, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और स्थानीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ भी होती हैं। ऐसे में धार्मिक और सार्वजनिक महत्व वाले मार्गों का समय-समय पर रखरखाव आवश्यक माना जाता है।
सड़क की बेहतर स्थिति से दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होती है और लोगों का जीवन अधिक सुविधाजनक बनता है।
बांदा के मवई बुजुर्ग स्थित झण्डा देवी मंदिर तक जाने वाले मार्ग की जर्जर स्थिति स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। सड़क पर गड्ढे, जलभराव और कीचड़ के कारण आवागमन प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र सड़क निर्माण एवं मरम्मत की मांग की है ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। अब सभी की नजर संबंधित विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

