लखनऊ में 3 दिवसीय आम महोत्सव का हुआ शुभारंभ, 800 से अधिक किस्मों के आम बने आकर्षण, किसानों को मिला सम्मान

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Digital UP News Desk 

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की बागवानी, कृषि और आम उत्पादकों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में शुक्रवार को तीन दिवसीय आम महोत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया और प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए आम उत्पादक किसानों को सम्मानित किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

महोत्सव में प्रदेशभर से लाई गई 800 से अधिक किस्मों के आम प्रदर्शित किए गए हैं। पारंपरिक किस्मों के साथ-साथ दुर्लभ और विशेष प्रजातियों ने भी आगंतुकों का ध्यान आकर्षित किया। इसके अलावा आम से तैयार विभिन्न खाद्य उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है। आयोजन आम जनता के लिए पूरी तरह निशुल्क रखा गया है और यह प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक खुला रहेगा।

मुख्यमंत्री ने किसानों को बताया प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की वास्तविक शक्ति उसके किसान हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत और समर्पण के कारण ही प्रदेश आज देश के प्रमुख फल उत्पादक राज्यों में अपनी अलग पहचान बना रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आम महोत्सव केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि किसानों के लिए अपनी उपज, गुणवत्ता और नवाचार को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का प्रभावी मंच है। इससे किसानों को नए बाजार, बेहतर खरीदार और निर्यात के अवसर प्राप्त होंगे।

800 से अधिक किस्मों ने मोहा आगंतुकों का मन

महोत्सव में प्रदर्शित आमों की विविधता इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता रही। यहां दशहरी, लंगड़ा, चौसा, अल्फांसो, नूरजहां, लालिमा, बनाना, याकूती सहित अनेक प्रसिद्ध और दुर्लभ किस्मों को प्रदर्शित किया गया है।

इस बार ‘मोदी मैंगो’ भी लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। आगंतुक विभिन्न किस्मों के बारे में विशेषज्ञों से जानकारी प्राप्त कर रहे हैं और उनकी विशेषताओं को भी समझ रहे हैं।

इसके साथ ही प्रदर्शनी में विभिन्न जिलों के बागवान अपनी उत्कृष्ट उपज का प्रदर्शन कर रहे हैं।

आम से बने उत्पादों की भी विशेष प्रदर्शनी

महोत्सव में केवल ताजे आम ही नहीं, बल्कि आम से तैयार किए गए विभिन्न उत्पाद भी प्रदर्शित किए गए हैं।

यहां आगंतुक आम का अचार, जूस, पल्प, अमावट, रसगुल्ला, जलेबी सहित कई मूल्य संवर्धित उत्पादों को देख और खरीद भी सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे उत्पाद किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, क्योंकि इससे कृषि उत्पादों का बेहतर व्यावसायिक उपयोग संभव होता है।

जीआई टैग से दशहरी आम को मिली वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि मलिहाबाद का दशहरी आम जीआई टैग मिलने के बाद वैश्विक स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है।

उन्होंने कहा कि जीआई टैग केवल उत्पाद की पहचान नहीं बढ़ाता, बल्कि उसकी गुणवत्ता और बाजार मूल्य को भी मजबूत करता है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश के अन्य बागवानी उत्पाद भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएंगे।

केमिकल-मुक्त उत्पादन पर दिया विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने किसानों से प्राकृतिक और सुरक्षित खेती को अपनाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में वही कृषि उत्पाद अधिक स्वीकार किए जाते हैं जो गुणवत्ता और सुरक्षा के मानकों पर खरे उतरते हैं। इसलिए उत्तर प्रदेश के कृषि उत्पादों को अधिक से अधिक केमिकल-मुक्त बनाने की दिशा में कार्य किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण उत्पादन से किसानों को बेहतर मूल्य मिलने की संभावना भी बढ़ती है।

एआई आधारित खेती और आधुनिक तकनीक को मिलेगा बढ़ावा

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कृषि क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से उत्पादन बढ़ाने, फसल की गुणवत्ता सुधारने और लागत कम करने में सहायता मिलेगी।

इसके साथ ही किसानों को नई तकनीकों के प्रति जागरूक बनाने के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

ई-कॉमर्स और निर्यात बढ़ाने पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को डिजिटल बाजारों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और वैश्विक निर्यात नेटवर्क से जुड़ने पर किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा।

इसके अलावा सरकार कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे का भी विस्तार कर रही है।

पैक हाउस और आधुनिक सुविधाओं का विस्तार

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश में आम उत्पादकों की सुविधा के लिए चार आधुनिक पैक हाउस स्थापित किए जा चुके हैं। इन केंद्रों के माध्यम से आम की ग्रेडिंग, पैकेजिंग और गुणवत्ता परीक्षण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि इससे निर्यात के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उत्पाद तैयार करने में सहायता मिलेगी।

किसानों को उपलब्ध कराए जाएंगे विशेष बैग

मुख्यमंत्री ने बताया कि आम के संरक्षण और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए किसानों को विशेष बैग उपलब्ध कराए जाएंगे। विशेषज्ञों के अनुसार, इन बैगों के उपयोग से फलों को कीटों और अन्य बाहरी प्रभावों से बचाने में मदद मिलती है, जिससे गुणवत्ता बेहतर बनी रहती है।

बायर्स-सेलर्स मीट से मिलेगा वैश्विक बाजार

महोत्सव के दौरान आयोजित होने वाली बायर्स-सेलर्स मीट को किसानों के लिए विशेष अवसर माना जा रहा है।

इस कार्यक्रम में देश और विदेश के खरीदारों तथा उत्पादकों के बीच सीधा संवाद होगा, जिससे व्यापारिक संभावनाओं का विस्तार हो सकेगा। सरकार का उद्देश्य किसानों को वैश्विक बाजार तक सीधी पहुंच उपलब्ध कराना है।

सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे आकर्षण का केंद्र

आम महोत्सव में कृषि और बागवानी के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है। इससे आगंतुकों को उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और कृषि परंपराओं को निकट से जानने का अवसर मिलेगा।

लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय आम महोत्सव उत्तर प्रदेश के आम उत्पादकों, बागवानी विशेषज्ञों और कृषि क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हो रहा है। 800 से अधिक किस्मों के आम, मूल्य संवर्धित उत्पाद, आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी और वैश्विक बाजार से जुड़ने के अवसर इस आयोजन को विशेष बना रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों को प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए गुणवत्ता, केमिकल-मुक्त उत्पादन, एआई आधारित खेती और निर्यात को बढ़ावा देने पर जोर दिया। ऐसे आयोजन न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं, बल्कि उत्तर प्रदेश के आम को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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