भैरव घाट में ताऊ के अंतिम संस्कार में युवक गंगा में डूबा, तलाश में जुटे गोताखोर

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रिपोर्ट- विक्की रघुवंशी

कानपुर: शहर के भैरव घाट पर रविवार को उस समय परिवार में कोहराम मच गया, जब अपने ताऊ के अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे मयंक चौरसिया गंगा में डूब गए। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिवार के सदस्य गंगा के किनारे हाथ-पैर धो रहे थे। इसी दौरान मयंक गंगा में नहाने के लिए उतर गए और तेज बहाव की चपेट में आने के बाद बह गए। देखते ही देखते वह गंगा की धारा में लापता हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद पुलिस और जल पुलिस की टीम सक्रिय हुई। मयंक की तलाश के लिए जल पुलिस के दो स्टीमर और छह गोताखोरों की टीम को लगाया गया। टीम ने गंगा के आसपास संभावित स्थानों पर तलाश शुरू की। देर तक खोजबीन के बावजूद मयंक का पता नहीं चल सका।

अंतिम संस्कार के बाद हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मयंक चौरसिया अपने ताऊ के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए भैरव घाट पहुंचे थे। परिवार के लोग अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करने के बाद गंगा के किनारे मौजूद थे। इसी दौरान परिवार के कुछ सदस्य गंगा में हाथ-पैर धो रहे थे।

बताया जा रहा है कि इसी बीच मयंक भी गंगा में नहाने के लिए उतर गए। गंगा में पानी का बहाव तेज होने के कारण वह अचानक असंतुलित हो गए और धारा की चपेट में आ गए। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन तेज बहाव के चलते वह देखते ही देखते पानी में आगे निकल गए।

घटना के बाद वहां मौजूद परिवार के लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस और जल पुलिस के जवान मौके पर पहुंचे तथा बचाव एवं तलाश अभियान शुरू किया।

दो स्टीमर और छह गोताखोरों की टीम लगी

मयंक चौरसिया की तलाश के लिए जल पुलिस ने विशेष अभियान शुरू किया। पुलिस की ओर से जल पुलिस के दो स्टीमर और छह गोताखोरों को तलाश में लगाया गया। गोताखोरों की टीम ने गंगा के संभावित हिस्सों में खोजबीन की, जबकि स्टीमर के माध्यम से नदी के आसपास के क्षेत्र को भी खंगाला गया।

इसके साथ ही पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों से घटना के संबंध में जानकारी जुटाई। परिवार के सदस्यों से भी घटना का पूरा विवरण लिया गया, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मयंक गंगा में किस स्थान से उतरे थे और किस दिशा में बहाव के साथ गए।

तेज बहाव के कारण तलाश अभियान में टीम को चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद जल पुलिस और गोताखोर लगातार मयंक की तलाश में जुटे रहे।

परिवार में मचा कोहराम

घटना की जानकारी फैलते ही मयंक के परिवार में मातम का माहौल बन गया। जिस परिवार में कुछ देर पहले ताऊ के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हुई थी, वहां अचानक एक और दुखद घटना होने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

परिवार के लोग लगातार मयंक के मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं। मौके पर मौजूद रिश्तेदार और परिचित भी तलाश अभियान के दौरान घटनास्थल पर डटे रहे। पुलिस और जल पुलिस की टीम की ओर से भी लगातार खोजबीन की जा रही है।

एक ही परिवार में लगातार दो दुखद घटनाओं से माहौल बेहद भावुक हो गया। अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे लोगों को इस घटना ने झकझोर दिया।

गंगा में बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव के बीच सावधानी जरूरी

गंगा घाटों पर इन दिनों बड़ी संख्या में लोग धार्मिक अनुष्ठान, अंतिम संस्कार और अन्य कार्यों के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में नदी के जलस्तर और बहाव को लेकर विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। कई बार घाट के किनारे पानी शांत दिखाई देता है, लेकिन नदी के बीच या कुछ दूरी पर बहाव काफी तेज हो सकता है।

विशेषज्ञों और प्रशासन की ओर से भी आम तौर पर लोगों से अपील की जाती है कि वे नदी में उतरते समय निर्धारित सुरक्षित स्थानों का ही इस्तेमाल करें। खासकर तेज बहाव वाले क्षेत्रों में नहाने या पानी के भीतर अधिक आगे जाने से बचना चाहिए।

भैरव घाट की इस घटना ने एक बार फिर गंगा घाटों पर सुरक्षा को लेकर सतर्कता की आवश्यकता को सामने ला दिया है। परिवार के सदस्य अंतिम संस्कार के बाद गंगा किनारे मौजूद थे और इसी दौरान यह घटना हो गई।

पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की

घटना के बाद पुलिस और जल पुलिस की टीम ने तलाश अभियान तेज कर दिया। पुलिस की प्राथमिकता मयंक चौरसिया का पता लगाना है। इसके लिए गोताखोरों और स्टीमर की मदद ली जा रही है।

साथ ही, इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए लोगों को गंगा में उतरते समय सावधानी बरतने की जरूरत है। घाट पर मौजूद लोगों को नदी की स्थिति और बहाव को देखते हुए ही आगे बढ़ना चाहिए। बच्चों, बुजुर्गों और ऐसे लोगों को विशेष रूप से नदी से दूर रखना चाहिए, जिन्हें तैरना नहीं आता।

प्रशासन की ओर से घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था और लोगों को जागरूक करने के प्रयास किए जाते हैं, लेकिन नदी में उतरने वाले प्रत्येक व्यक्ति की व्यक्तिगत सतर्कता भी बेहद महत्वपूर्ण है।

तलाश अभियान जारी

फिलहाल मयंक चौरसिया की तलाश के लिए जल पुलिस की टीम अभियान चला रही है। दो स्टीमर और छह गोताखोरों की मदद से गंगा में संभावित स्थानों पर खोजबीन की जा रही है। पुलिस की टीम घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटा रही है।

परिवार के लोग मयंक के मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं। वहीं, घटना के बाद भैरव घाट पर मौजूद लोगों में भी चिंता का माहौल है।

 

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