कानपुर में जर्जर डॉट नालों का होगा सर्वे, NDMA टीम ने आरबीआई नाले का किया निरीक्षण
रिपोर्ट – विक्की रघुवंशी
कानपुर: शहर में जर्जर हो चुके डॉट नालों के लगातार धंसने और उनसे जुड़ी समस्याओं को देखते हुए शासन ने इनके तकनीकी सर्वे की प्रक्रिया शुरू कराई है। इसी क्रम में शुक्रवार को नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) के माध्यम से गठित टीम ने कानपुर के किदवई नगर क्षेत्र स्थित आरबीआई नाले का सर्वे किया। टीम ने मौके पर पहुंचकर नाले की वर्तमान स्थिति का निरीक्षण किया और उससे जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जानकारी जुटाई।
सर्वे के दौरान टीम का नेतृत्व श्रीनिवास राव ने किया। उनके साथ स्थानीय पार्षद अवधेश त्रिपाठी और नगर निगम के अभियंता भी मौजूद रहे। टीम ने नाले की संरचना, मौजूदा स्थिति और आसपास के क्षेत्र से जुड़े पहलुओं का जायजा लिया। अधिकारियों के मुताबिक, इस सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर आगे जर्जर डॉट नालों की मरम्मत और सुधार के लिए प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे।
जर्जर डॉट नालों की स्थिति का लिया जा रहा जायजा
कानपुर शहर के कई इलाकों में पुराने डॉट नाले लंबे समय से जल निकासी व्यवस्था का हिस्सा रहे हैं। समय बीतने के साथ इन नालों की संरचना कमजोर होने और कुछ स्थानों पर इनके धंसने की समस्या सामने आती रही है। ऐसे में इनके मौजूदा हालात का तकनीकी आकलन करना जरूरी माना जा रहा है।
इसी को ध्यान में रखते हुए शासन के स्तर से सर्वे की प्रक्रिया शुरू की गई है। सर्वे के दौरान यह देखा जा रहा है कि नालों की वर्तमान स्थिति क्या है, किन हिस्सों में मरम्मत की आवश्यकता है और किन स्थानों पर संरचनात्मक सुधार की जरूरत पड़ सकती है।
शुक्रवार को किदवई नगर स्थित आरबीआई नाले का निरीक्षण इसी प्रक्रिया का हिस्सा रहा। टीम ने मौके पर पहुंचकर नाले की स्थिति को देखा और आवश्यक जानकारियां जुटाईं।
श्रीनिवास राव के नेतृत्व में टीम ने किया सर्वे
आरबीआई नाले के सर्वे के लिए पहुंची टीम का नेतृत्व श्रीनिवास राव ने किया। उनके साथ नगर निगम के संबंधित अभियंता और क्षेत्रीय पार्षद अवधेश त्रिपाठी भी मौजूद रहे।
सर्वे के दौरान टीम ने नाले के आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया। इसके साथ ही नाले की संरचना और वर्तमान स्थिति से संबंधित जानकारी भी जुटाई गई। तकनीकी टीम की ओर से किए जा रहे इस सर्वे का उद्देश्य केवल मौजूदा स्थिति का निरीक्षण करना ही नहीं, बल्कि भविष्य में आवश्यक सुधार कार्यों के लिए आधार तैयार करना भी है।
इसके बाद सर्वे में जुटाई गई जानकारी का तकनीकी स्तर पर अध्ययन किया जाएगा। रिपोर्ट तैयार होने के बाद संबंधित विभाग के स्तर पर आगे की कार्ययोजना तय की जाएगी।
आरबीआई नाले का किया गया निरीक्षण
किदवई नगर स्थित आरबीआई नाला शहर की जल निकासी व्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में इसकी स्थिति का सर्वे कराया जाना स्थानीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान टीम ने नाले के विभिन्न हिस्सों को देखा। साथ ही आसपास की परिस्थितियों का भी जायजा लिया गया। नगर निगम के अभियंताओं ने टीम को नाले से जुड़ी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई।
सर्वे के दौरान तकनीकी दृष्टि से नाले की स्थिति को समझने का प्रयास किया गया, ताकि आगे मरम्मत या पुनर्निर्माण से संबंधित निर्णय तथ्यों के आधार पर लिया जा सके।
इस तरह सर्वे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जा सकेगा कि किन स्थानों पर किस प्रकार के सुधार कार्य की आवश्यकता है।
सर्वे रिपोर्ट के आधार पर बनेंगे मरम्मत के प्रस्ताव
नगर निगम और संबंधित अधिकारियों के अनुसार, सर्वे के बाद तैयार होने वाली रिपोर्ट को आगे की कार्रवाई का आधार बनाया जाएगा। रिपोर्ट में सामने आने वाले तकनीकी तथ्यों के आधार पर जर्जर डॉट नालों की मरम्मत के प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे।
इस प्रक्रिया में नालों की वर्तमान स्थिति, संरचनात्मक मजबूती और जल निकासी से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखा जाएगा। इसके अलावा, जहां आवश्यक होगा वहां मरम्मत या अन्य तकनीकी उपायों के प्रस्ताव भी तैयार किए जा सकते हैं।
दरअसल, किसी भी बड़े मरम्मत कार्य से पहले संबंधित ढांचे की वास्तविक स्थिति का तकनीकी आकलन जरूरी होता है। इसी उद्देश्य से यह सर्वे कराया जा रहा है, ताकि आगे होने वाले कार्यों की योजना व्यवस्थित तरीके से बनाई जा सके।
नगर निगम अभियंताओं की भी रही मौजूदगी
सर्वे के दौरान नगर निगम के अभियंता भी टीम के साथ मौजूद रहे। स्थानीय स्तर पर नाले से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने में नगर निगम की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
अभियंताओं ने टीम के साथ मौके की स्थिति का निरीक्षण किया और आवश्यक जानकारियां साझा कीं। इससे सर्वे टीम को स्थानीय परिस्थितियों को समझने में मदद मिली।
इसके अलावा, क्षेत्रीय पार्षद अवधेश त्रिपाठी की मौजूदगी से स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली समस्याओं और क्षेत्र से जुड़े पहलुओं को भी टीम के सामने रखने का अवसर मिला।
इस प्रकार सर्वे के दौरान तकनीकी और स्थानीय दोनों स्तरों की जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया।
जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर
शहर में नालों की स्थिति सीधे तौर पर जल निकासी व्यवस्था से जुड़ी होती है। ऐसे में जर्जर नालों का समय पर तकनीकी परीक्षण और आवश्यक मरम्मत शहर की व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकती है।
डॉट नालों के संबंध में कराया जा रहा सर्वे इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सर्वे के बाद यदि किसी नाले में संरचनात्मक समस्या सामने आती है तो उसके लिए आवश्यक सुधार कार्य की योजना बनाई जा सकेगी।
इसके साथ ही, भविष्य में नालों की स्थिति को लेकर सामने आने वाली समस्याओं को कम करने के लिए भी तकनीकी सुझावों पर विचार किया जा सकता है।
पुराने नालों की स्थिति का तकनीकी आकलन जरूरी
कानपुर जैसे बड़े शहर में पुराने जल निकासी ढांचे का नियमित निरीक्षण महत्वपूर्ण है। समय के साथ किसी भी संरचना में बदलाव आ सकता है। इसलिए पुराने नालों की स्थिति का तकनीकी आकलन करके आवश्यकतानुसार मरम्मत करना उपयोगी रहेगा।
इसी क्रम में शासन के माध्यम से NDMA के सहयोग से सर्वे कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य नालों की वास्तविक स्थिति का आंकलन करना और उसके आधार पर आगे की योजना तैयार करना है।
सर्वे रिपोर्ट आने के बाद संबंधित विभागों के सामने यह स्पष्ट हो सकेगा कि किन नालों को प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत की आवश्यकता है और किन स्थानों पर अन्य तकनीकी उपाय किए जाने की जरूरत है।
आगे अन्य डॉट नालों का भी हो सकता है सर्वे
आरबीआई नाले के निरीक्षण के बाद आगे अन्य जर्जर डॉट नालों का भी सर्वे किए जाने की संभावना है। हालांकि, किन-किन नालों को अगले चरण में शामिल किया जाएगा, यह संबंधित विभाग की कार्ययोजना और सर्वे कार्यक्रम के आधार पर तय होगा।
यदि सर्वे के दौरान किसी नाले की स्थिति में सुधार की आवश्यकता सामने आती है तो उसकी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद संबंधित नाले के लिए मरम्मत का प्रस्ताव बनाया जा सकेगा।
इस पूरी प्रक्रिया में तकनीकी रिपोर्ट की भूमिका महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि इसी के आधार पर आगे के कार्यों की प्राथमिकता तय की जाएगी।
रिपोर्ट आने के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
फिलहाल किदवई नगर स्थित आरबीआई नाले का सर्वे पूरा किया गया है। सर्वे के दौरान जुटाई गई जानकारी का अध्ययन करने के बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके आधार पर आगे मरम्मत और सुधार कार्यों के प्रस्ताव तैयार किए जाने हैं।
कुल मिलाकर, कानपुर में जर्जर डॉट नालों की स्थिति का तकनीकी सर्वे कराए जाने से इनके सुधार की दिशा में आगे की योजना बनाने में मदद मिलेगी। शुक्रवार को श्रीनिवास राव के नेतृत्व में NDMA टीम द्वारा आरबीआई नाले का निरीक्षण इसी प्रक्रिया का हिस्सा रहा। अब सर्वे रिपोर्ट के आधार पर संबंधित नालों की मरम्मत और सुधार के प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे।

