एटा में कथित जातिगत टिप्पणी के ऑडियो पर हुआ विवाद, विभिन्न समाजों ने कार्रवाई की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन
रिपोर्ट – नन्द कुमार
एटा: जनपद में मिरहची नगर पंचायत से जुड़ा एक कथित ऑडियो सामने आने के बाद सामाजिक स्तर पर विवाद गहरा गया है। ऑडियो में नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि पर कुछ समुदायों के प्रति कथित रूप से आपत्तिजनक और जातिसूचक टिप्पणियां करने का आरोप लगाया गया है। इस घटना के बाद यादव समाज और पाल समाज के लोगों ने विरोध दर्ज कराते हुए जिला मुख्यालय पहुंचकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के नाम ज्ञापन सौंपा तथा मामले में विधिक कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि संबंधित मामले में निष्पक्ष जांच कर प्राथमिकी दर्ज की जाए। वहीं पुलिस प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्र हुए विभिन्न समाजों के लोग
घटना के विरोध में बड़ी संख्या में यादव समाज और पाल समाज के लोग एटा कलेक्ट्रेट स्थित धरना स्थल पर एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात प्रशासन के समक्ष रखी और कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के नाम संबोधित ज्ञापन क्षेत्राधिकारी (सीओ) सदर संकल्पदीप कुशवाहा को सौंपा। ज्ञापन में कथित ऑडियो की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, मिरहची नगर पंचायत के अध्यक्ष प्रतिनिधि सर्वेश उपाध्याय का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ है। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि इस ऑडियो में कुछ समुदायों के प्रति कथित रूप से आपत्तिजनक एवं जातिसूचक भाषा का प्रयोग किया गया है।
हालांकि, इस ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। प्रशासन की ओर से भी इस संबंध में जांच की प्रक्रिया अपनाए जाने की बात कही गई है। ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
प्रदर्शनकारियों ने लगाए निष्पक्ष जांच के नारे
धरना स्थल पर पहुंचे लोगों ने निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि समाज के सम्मान और सामाजिक सौहार्द को बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई होना आवश्यक है।
उन्होंने प्रशासन से यह भी अनुरोध किया कि पूरे मामले की जांच निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से कराई जाए ताकि सभी पक्षों के साथ न्याय हो सके।
शिकायतकर्ताओं ने लगाए उत्पीड़न के आरोप
प्रदर्शन के दौरान राजकुमार यादव ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि उनके परिवार को लंबे समय से विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि जमीन से जुड़े विवादों के कारण उनके परिवार के सदस्यों पर कथित रूप से दबाव बनाया गया और झूठे मुकदमों में फंसाने का प्रयास किया गया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके परिवार के साथ मारपीट की घटनाएं हुईं तथा जातिसूचक टिप्पणियां की गईं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया भी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है।
सोशल मीडिया पर ऑडियो साझा करने का भी उल्लेख
प्रदर्शन में शामिल रवि कुमार बघेल ने दावा किया कि कथित ऑडियो सामने आने के बाद उन्होंने उसे सोशल मीडिया पर साझा किया। उनके अनुसार, इसके बाद उन्हें फोन पर कथित रूप से धमकियां मिलीं तथा झूठे मुकदमे में फंसाने की बात कही गई।
उन्होंने प्रशासन से इन आरोपों की भी जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की। वहीं पुलिस अधिकारियों ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले को नियमानुसार जांच के लिए दर्ज करने की बात कही।
पुलिस प्रशासन को सौंपा गया ज्ञापन
प्रदर्शनकारियों ने सीओ सदर के माध्यम से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि कथित ऑडियो की फोरेंसिक जांच कराई जाए तथा यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की जाए।
प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर कानून के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी या सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री को बिना सत्यापन के आगे साझा न करें। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी मामले में कानून अपने निर्धारित तरीके से कार्य करता है और जांच पूरी होने के बाद ही उचित निर्णय लिया जाएगा।
साथ ही प्रशासन ने सभी पक्षों से शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का आग्रह किया है ताकि किसी प्रकार की अफवाह या तनाव की स्थिति उत्पन्न न हो।
बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान मनोज यादव, सौरभ कुमार, अनिल कुमार, नितलेश कुमार, अरविंद यादव, संजीव यादव, आशीष यादव, राजेंद्र सिंह, वीरेंद्र यादव, प्रमोद कुमार, रामकुमार सहित बड़ी संख्या में विभिन्न समाजों के लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग दोहराई।
मिरहची नगर पंचायत से जुड़े कथित ऑडियो को लेकर शुरू हुआ विवाद अब प्रशासनिक स्तर तक पहुंच चुका है। शिकायतकर्ताओं ने कानूनी कार्रवाई की मांग की है, जबकि प्रशासन ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है। अब पूरे मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी। ऐसे मामलों में तथ्यात्मक जानकारी, कानून का पालन और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना सभी पक्षों की साझा जिम्मेदारी है।

