कानपुर में नशा मुक्ति पखवाड़ा: जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज ने पोस्टर प्रतियोगिता और नुक्कड़ नाटक से युवाओं को किया जागरूक

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रिपोर्ट- हरिशंकर शर्मा

कानपुरः उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल के निर्देशन में प्रदेशभर में चलाए जा रहे नशा मुक्त भारत अभियान एवं नशा मुक्ति पखवाड़े के अंतर्गत जी.एस.वी.एम. मेडिकल कॉलेज, कानपुर के मानसिक रोग विभाग द्वारा एक व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अभियान का उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना तथा उन्हें स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों, शिक्षकों तथा छात्र-छात्राओं ने विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से यह संदेश दिया कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार, समाज और भविष्य को भी प्रभावित करता है। इसी क्रम में पोस्टर प्रदर्शनी, पोस्टर प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक तथा जन-जागरूकता शपथ का आयोजन किया गया।

युवा ही देश की सबसे बड़ी शक्ति: डॉ. संजय काला

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने कहा कि युवा भारत की सबसे बड़ी शक्ति हैं और देश के उज्ज्वल भविष्य के आधार स्तंभ भी। उन्होंने कहा कि यदि युवा नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहेंगे, तभी राष्ट्र विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकेगा।

उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे केवल स्वयं नशे से दूर रहें बल्कि अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें। साथ ही उन्होंने सकारात्मक सोच, अनुशासित जीवनशैली और सामाजिक जिम्मेदारी को अपनाने पर विशेष बल दिया।

नशा स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार पर डालता है गंभीर प्रभाव

मानसिक रोग विभागाध्यक्ष डॉ. धनंजय चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि नशे की लत व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डालती है। इसके साथ ही यह शिक्षा, रोजगार, पारिवारिक संबंधों और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित करती है।

उन्होंने कहा कि नशे की रोकथाम के लिए केवल उपचार ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि जन-जागरूकता, समय पर पहचान, प्रभावी उपचार और पुनर्वास को भी समान रूप से महत्व देना आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और किसी भी प्रकार के मादक पदार्थों से दूरी बनाए रखने की अपील की।

पोस्टर प्रदर्शनी के माध्यम से दिया प्रभावी संदेश

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण जागरूकता पोस्टरों की प्रदर्शनी रही। जी.एस.वी.एम. मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं द्वारा तैयार किए गए पोस्टरों में तंबाकू, शराब तथा अन्य मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक नुकसान को सरल एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।

इन पोस्टरों के माध्यम से यह भी बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति में नशे की लत के शुरुआती संकेत दिखाई दें तो समय रहते विशेषज्ञ चिकित्सकों की सहायता लेकर उसका उपचार कराया जा सकता है। पोस्टरों में नशे से बचाव के उपायों और उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी भी दी गई, जिससे आम लोगों को उपयोगी जानकारी प्राप्त हुई।

पोस्टर प्रतियोगिता में इन प्रतिभागियों ने हासिल किए स्थान

जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में मेडिकल छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे—

  • प्रथम स्थान: आस्था गुप्ता (एमबीबीएस इंटर्न)
  • द्वितीय स्थान: अमिषा सिंह
  • तृतीय स्थान: आयुष्मा सिंह

आयोजकों ने बताया कि इन प्रतिभागियों को 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा।

नुक्कड़ नाटक ने छोड़ी गहरी छाप

कार्यक्रम के दौरान कॉलेज ऑफ नर्सिंग के छात्र-छात्राओं द्वारा नशा मुक्ति विषय पर एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। इस प्रस्तुति के माध्यम से यह दर्शाया गया कि किस प्रकार नशे की लत धीरे-धीरे व्यक्ति और उसके परिवार को अनेक कठिनाइयों की ओर ले जाती है तथा समय पर जागरूकता और उपचार से इससे बचा जा सकता है।

यह नुक्कड़ नाटक अस्पताल में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिससे उपस्थित लोगों में सकारात्मक संदेश पहुंचा और नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सहायता मिली।

सामूहिक शपथ के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों को नशा न करने तथा दूसरों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने की सामूहिक शपथ दिलाई गई। आयोजकों ने कहा कि यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति इस दिशा में अपनी जिम्मेदारी निभाए तो नशा मुक्त भारत का लक्ष्य निश्चित रूप से प्राप्त किया जा सकता है।

इन विशेषज्ञों की रही उपस्थिति

कार्यक्रम में सहायक आचार्य डॉ. आयुषी डी. सिंह, डॉ. कृतिका चावला, सीनियर रेजिडेंट डॉ. राधा, डॉ. शुभा, डॉ. क्षितिज, डॉ. विदुषी, डॉ. मनीषा, जूनियर रेजिडेंट डॉ. अभिषेक सहित अनेक चिकित्सक उपस्थित रहे।

इसके अतिरिक्त कॉलेज ऑफ नर्सिंग से डॉ. रेनू त्रिपाठी, ट्यूटर श्री शिवम वर्मा एवं श्री छैल देव ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की और अभियान को सफल बनाने में योगदान दिया।

समाज की भागीदारी से ही सफल होगा नशा मुक्त भारत अभियान

विशेषज्ञों का मानना है कि नशा मुक्ति केवल सरकारी अभियान नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। परिवार, शिक्षण संस्थान, स्वास्थ्य विशेषज्ञ और समाज यदि मिलकर जागरूकता फैलाएं तो युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से रोका जा सकता है। इसी उद्देश्य को लेकर जी.एस.वी.एम. मेडिकल कॉलेज द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम समाज में सकारात्मक संदेश देने वाला साबित हुआ।

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