जनभागीदारी से सफल होगा हर घर तिरंगा अभियान, व्यापारिक संगठनों से डीएम का आह्वान
रिपोर्ट- विक्की रघुवंशी
कानपुर नगरः आगामी हर घर तिरंगा अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में गुरुवार को सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में व्यापारिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य अभियान में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करना तथा पूरे शहर को राष्ट्रभक्ति के रंग में रंगने की रणनीति तैयार करना रहा।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का राष्ट्रीय दायित्व है। उन्होंने व्यापारिक संगठनों, निजी संस्थानों, स्वयंसेवी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें और इसे जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान करें। उन्होंने कहा कि जब समाज का प्रत्येक वर्ग इस अभियान से जुड़ेगा, तभी इसका वास्तविक उद्देश्य पूर्ण होगा।
उन्होंने कहा कि यह अभियान देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीदों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर है। इसलिए केवल राष्ट्रीय ध्वज फहराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि नई पीढ़ी को देशभक्ति, स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और राष्ट्रीय मूल्यों से जोड़ना भी इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।
शहर के बाजार और चौराहे तिरंगा थीम पर सजेंगे
बैठक में बताया गया कि अभियान के दौरान कानपुर शहर के प्रमुख बाजारों, सार्वजनिक स्थलों, पार्कों तथा मुख्य चौराहों को तिरंगा थीम के अनुरूप सजाया जाएगा। रंग-बिरंगी प्रकाश व्यवस्था, आकर्षक सजावट, तिरंगा प्रेरित कलाकृतियों तथा रंगोलियों के माध्यम से पूरे शहर में देशभक्ति का वातावरण बनाया जाएगा।
इसके साथ ही राष्ट्रनायकों की प्रतिमाओं का विशेष अलंकरण कराया जाएगा तथा अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रशासन का उद्देश्य है कि शहर का प्रत्येक नागरिक इस अभियान का सक्रिय सहभागी बने और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करे।
आईटीबीपी बैंड, तिरंगा कॉन्सर्ट और तिरंगा मेले का होगा आयोजन
बैठक में अभियान के दौरान आयोजित होने वाले विशेष कार्यक्रमों की भी जानकारी दी गई। प्रशासन के अनुसार चिन्हित स्थलों पर आईटीबीपी (भारत-तिब्बत सीमा पुलिस) का बैंड देशभक्ति की धुनों से वातावरण को उत्साहपूर्ण बनाएगा।
इसके अतिरिक्त फूलबाग और बिठूर में तिरंगा कॉन्सर्ट आयोजित किए जाएंगे, जबकि मोतीझील में तिरंगा मेला लगाया जाएगा। इन आयोजनों में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, देशभक्ति गीत, सामाजिक सहभागिता और राष्ट्रभक्ति से जुड़े कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
प्रशासन का मानना है कि ऐसे आयोजनों से युवाओं और बच्चों में राष्ट्रीय ध्वज तथा स्वतंत्रता दिवस के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
तिरंगा रैलियों में सभी वर्गों की होगी भागीदारी
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तिरंगा रैलियों में विद्यार्थियों, युवाओं, सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों, स्वयं सहायता समूहों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक तिरंगा रैली की शुरुआत ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन से होगी। इससे कार्यक्रमों में राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति की भावना और अधिक मजबूत होगी।
साथ ही विद्यालयों में स्वतंत्रता सेनानियों पर आधारित चित्रकला प्रतियोगिताएं, तिरंगा प्रेरित कलाकृतियां तथा विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इन आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों को देश के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराया जाएगा।
सरकारी भवनों से लेकर रेलवे स्टेशन तक होगी विशेष सजावट
बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रमुख सरकारी भवनों, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, अस्पतालों, विद्यालयों, बाजारों तथा प्रमुख चौराहों को तिरंगा थीम आधारित प्रकाश व्यवस्था और आकर्षक सजावट से सजाया जाएगा।
इसके अलावा सार्वजनिक स्थलों पर रंगोली प्रतियोगिताओं और तिरंगा आधारित कलात्मक सजावट को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे शहर का वातावरण पूरी तरह राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत दिखाई दे।
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस भी मनाया जाएगा
बैठक में यह भी तय किया गया कि 14 अगस्त को शासन के निर्देशानुसार विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर देश विभाजन की ऐतिहासिक घटनाओं और उससे जुड़े संघर्षों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि युवाओं को यह जानना आवश्यक है कि स्वतंत्रता केवल एक उपलब्धि नहीं थी, बल्कि इसके लिए लाखों लोगों ने त्याग और बलिदान दिया था।
ध्वज संहिता का पालन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी
बैठक के दौरान राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और ध्वज संहिता के पालन पर विशेष जोर दिया गया। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की कि राष्ट्रीय ध्वज फहराते समय सभी नियमों का पालन करें।
ध्यान रखने योग्य प्रमुख बातें—
- प्रत्येक नागरिक अपने घर, विद्यालय और कार्यालय में सम्मानपूर्वक राष्ट्रीय ध्वज फहराए।
- ध्वज फहराते समय केसरिया रंग की पट्टी हमेशा ऊपर रहे।
- सरकारी भवनों में ध्वजारोहण सूर्योदय के बाद तथा सूर्यास्त के समय सम्मानपूर्वक ध्वज उतारा जाए।
- 9 से 17 अगस्त तक लगाए गए राष्ट्रीय ध्वज को अभियान समाप्त होने के बाद सम्मानपूर्वक मोड़कर सुरक्षित रखा जाए।
- राष्ट्रीय ध्वज को कभी भी फेंका न जाए।
- विशेष परिस्थितियों में राष्ट्रीय ध्वज रात्रि में भी फहराया जा सकता है।
- किसी भी स्थिति में फटा, कटा या आधा झुका हुआ राष्ट्रीय ध्वज नहीं लगाया जाना चाहिए।
सभी वर्गों के सहयोग से सफल होगा अभियान
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने दोहराया कि हर घर तिरंगा अभियान केवल एक सरकारी पहल नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति सम्मान और नागरिक कर्तव्य का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यदि व्यापारिक संगठन, सामाजिक संस्थाएं, शिक्षण संस्थान, युवा और आम नागरिक मिलकर इस अभियान को आगे बढ़ाते हैं, तो कानपुर पूरे प्रदेश में एक प्रेरणादायक उदाहरण बन सकता है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन, अपर जिलाधिकारी (नगर) आलोक कुमार गुप्ता, परियोजना निदेशक डीआरडीए आलोक कुमार सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज कुमार, बीएसए हरिओम सिंह, एडीआईओएस प्रशांत द्विवेदी, उपायुक्त उद्योग अंजनीश प्रताप सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
प्रशासन को उम्मीद है कि इस वर्ष हर घर तिरंगा अभियान में अभूतपूर्व जनसहभागिता देखने को मिलेगी और पूरा कानपुर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रभक्ति के रंग में रंगा नजर आएगा।

