कानपुर में RTC योजना पर जोर: डीसीपी ट्रैफिक ने प्रमुख चौराहों का निरीक्षण कर जाम कम करने के दिए निर्देश
रिपोर्ट – विक्की रघुवंशी
कानपुर: यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने Reducing Traffic Congestion (RTC) Scheme के तहत निरीक्षण अभियान तेज कर दिया है।
इसी क्रम में पुलिस उपायुक्त (यातायात) रवीन्द्र कुमार ने बुधवार को शहर के प्रमुख यातायात केंद्रों घंटाघर चौराहा, कोपरगंज तिराहा, डिप्टी पड़ाव और जरीब चौकी चौराहा का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने यातायात संचालन, अवैध पार्किंग, ई-रिक्शा एवं ऑटो संचालन, सड़क किनारे अतिक्रमण और जाम की स्थिति का विस्तृत जायजा लिया।
निरीक्षण का उद्देश्य उन कारणों की पहचान करना था, जिनकी वजह से इन प्रमुख चौराहों पर अक्सर यातायात प्रभावित होता है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ऐसे सभी बिंदुओं पर प्राथमिकता के आधार पर सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
चौराहों पर ट्रैफिक व्यवस्था का किया गया मूल्यांकन
निरीक्षण के दौरान डीसीपी ट्रैफिक ने प्रत्येक चौराहे की यातायात व्यवस्था का गहन अवलोकन किया। उन्होंने देखा कि किन स्थानों पर वाहन अधिक समय तक रुकते हैं, कहां जाम की स्थिति बनती है और किन कारणों से यातायात का प्रवाह प्रभावित होता है।
इसके साथ ही अधिकारियों से मौके पर ही आवश्यक जानकारी प्राप्त की गई तथा ट्रैफिक संचालन को और बेहतर बनाने के लिए सुझाव भी दिए गए।
ई-रिक्शा और ऑटो संचालन के लिए नई व्यवस्था
डीसीपी ट्रैफिक ने निरीक्षण के दौरान निर्देश दिया कि प्रमुख चौराहों और तिराहों से कम से कम 100 मीटर की दूरी पर ही ई-रिक्शा, ई-ऑटो और टेम्पो द्वारा यात्रियों को बैठाने और उतारने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
प्रशासन का मानना है कि चौराहों के बिल्कुल पास सार्वजनिक परिवहन वाहनों के रुकने से यातायात का प्रवाह बाधित होता है और जाम की स्थिति उत्पन्न होती है। नई व्यवस्था लागू होने से वाहनों की आवाजाही अधिक व्यवस्थित हो सकेगी।
अवैध पार्किंग पर होगी कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान सड़क किनारे अनधिकृत रूप से खड़े वाहनों और अवैध पार्किंग की भी समीक्षा की गई।
डीसीपी ट्रैफिक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सड़कों पर अनावश्यक रूप से वाहन खड़े करने वालों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्य मार्गों पर अवैध पार्किंग यातायात बाधित होने का एक प्रमुख कारण है और इसे रोकना आवश्यक है।
चोक पॉइंट्स की पहचान कर सुधार के निर्देश
निरीक्षण के दौरान विभिन्न चौराहों पर ऐसे स्थानों की भी पहचान की गई, जहां यातायात बार-बार बाधित होता है। इन्हें चोक पॉइंट्स (Choke Points) के रूप में चिन्हित किया गया।
डीसीपी ट्रैफिक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन स्थानों पर जाम के वास्तविक कारणों का विश्लेषण कर उन्हें दूर किया जाए, ताकि यात्रियों का अधिकतम यात्रा समय कम किया जा सके और यातायात का प्रवाह बेहतर बनाया जा सके।
RTC योजना का उद्देश्य
निरीक्षण के दौरान डीसीपी ट्रैफिक रवीन्द्र कुमार ने बताया कि Reducing Traffic Congestion (RTC) Scheme का मुख्य उद्देश्य शहरवासियों को सुगम, सुरक्षित और सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत प्रमुख चौराहों का नियमित निरीक्षण, ट्रैफिक प्रबंधन में सुधार, जाम वाले स्थानों की पहचान और तकनीकी उपायों के माध्यम से यातायात को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।
रूट मार्शल और सेक्टर प्रभारियों की रही मौजूदगी
निरीक्षण के दौरान रूट मार्शल और संबंधित सेक्टर प्रभारी भी मौजूद रहे। उन्होंने मौके पर यातायात संचालन की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी और स्थानीय स्तर पर आने वाली चुनौतियों से अधिकारियों को अवगत कराया।
डीसीपी ने सभी अधिकारियों को समन्वय बनाकर कार्य करने तथा नागरिकों को बेहतर यातायात सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
सड़क सुरक्षा और अनुशासित यातायात पर जोर
केवल सड़क चौड़ी करने से जाम की समस्या का समाधान नहीं होता। इसके लिए अनुशासित वाहन संचालन, निर्धारित स्थानों पर सार्वजनिक परिवहन की व्यवस्था, अवैध पार्किंग पर नियंत्रण और प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन भी आवश्यक है।
RTC योजना इन्हीं पहलुओं को ध्यान में रखते हुए लागू की जा रही है, जिससे शहर में यात्रा अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाई जा सके।
नागरिकों से सहयोग की अपील
यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित स्थानों पर ही वाहन पार्क करें, यातायात नियमों का पालन करें और सार्वजनिक परिवहन वाहनों को चौराहों पर अनावश्यक रूप से खड़ा न करें।
प्रशासन का कहना है कि नागरिकों के सहयोग से ही ट्रैफिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाया जा सकता है।
कानपुर में पुलिस उपायुक्त (यातायात) रवीन्द्र कुमार द्वारा RTC योजना के तहत घंटाघर, कोपरगंज, डिप्टी पड़ाव और जरीब चौकी जैसे प्रमुख चौराहों का निरीक्षण कर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान अवैध पार्किंग, ई-रिक्शा एवं ऑटो संचालन, चोक पॉइंट्स और सड़क किनारे अतिक्रमण जैसे मुद्दों पर आवश्यक निर्देश जारी किए गए। प्रशासन का उद्देश्य शहरवासियों को अधिक सुरक्षित, सुगम और समयबद्ध यातायात सुविधा उपलब्ध कराना है।

