हरदोई मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में बिजली गुल, गर्मी और उमस से मरीज परेशान; डॉक्टरों ने अंधेरे में किया उपचार
रिपोर्ट – गुलफाम खान
हरदोई: उत्तर प्रदेश के हरदोई मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी यूनिट में मंगलवार सुबह बिजली आपूर्ति बाधित होने से मरीजों, उनके तीमारदारों और अस्पताल कर्मियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
सुबह करीब 10 बजे अचानक बिजली गुल होने के बाद इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीज गर्मी और उमस से परेशान हो गए। वहीं, कई तीमारदार हाथ के पंखों से मरीजों को हवा करते दिखाई दिए, जबकि चिकित्सकों को सीमित रोशनी में उपचार जारी रखना पड़ा।
घटना के दौरान अस्पताल की आपातकालीन सेवाएं प्रभावित होती नजर आईं। हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बिजली बाधित होने का कारण बारिश के चलते आया स्थानीय तकनीकी फॉल्ट था और उसे ठीक करने के लिए मैकेनिकल टीम तुरंत काम में जुट गई थी।
इमरजेंसी वार्ड में बढ़ी मरीजों की परेशानी
बिजली आपूर्ति बंद होने के बाद इमरजेंसी वार्ड का वातावरण बेहद असहज हो गया। उमस और गर्मी के कारण मरीजों को काफी परेशानी हुई। कई मरीज ऐसे थे जो पहले से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे और उन्हें लगातार निगरानी एवं आरामदायक वातावरण की आवश्यकता थी।
वार्ड में मौजूद तीमारदार अपने परिजनों को राहत पहुंचाने के लिए हाथ के पंखों से हवा करते नजर आए। कुछ लोगों ने बताया कि लंबे समय तक बिजली न रहने से वार्ड का तापमान बढ़ गया, जिससे मरीजों की बेचैनी भी बढ़ गई।
सीमित रोशनी में डॉक्टरों ने जारी रखा उपचार
बिजली बाधित होने के कारण डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को भी कठिन परिस्थितियों में काम करना पड़ा। इमरजेंसी सेवाएं पूरी तरह बंद नहीं हुईं, लेकिन सीमित रोशनी और बाधित बिजली आपूर्ति के बीच उपचार करना चुनौतीपूर्ण रहा।
अस्पताल कर्मियों ने उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए मरीजों की देखभाल जारी रखी, ताकि आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं पर न्यूनतम प्रभाव पड़े।
मरीजों और परिजनों में दिखी चिंता
इमरजेंसी वार्ड में मौजूद कई मरीजों और उनके परिजनों ने बिजली बाधित होने से हुई असुविधा पर चिंता व्यक्त की। उनका कहना था कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर निर्बाध बिजली व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यहां भर्ती मरीजों का उपचार पूरी तरह चिकित्सा उपकरणों और आवश्यक सुविधाओं पर निर्भर करता है।
हालांकि, अधिकांश लोगों ने यह भी माना कि अस्पताल प्रशासन द्वारा समस्या दूर करने के प्रयास लगातार किए जा रहे थे।
बारिश के कारण आया था लोकल फॉल्ट: सीएमएस
मामले पर मेडिकल कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. चंद्र कुमार ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 10 बजे बारिश के कारण बिजली लाइन में स्थानीय तकनीकी फॉल्ट आ गया था।
उन्होंने कहा कि सूचना मिलते ही मैकेनिकल टीम को मौके पर भेजा गया और फॉल्ट की पहचान कर उसे ठीक करने का कार्य तत्काल शुरू कर दिया गया।
डॉ. चंद्र कुमार के अनुसार, अस्पताल की कुछ यूनिटों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई थी, जबकि शेष प्रभावित क्षेत्रों में भी जल्द बिजली सामान्य करने के प्रयास जारी थे।
तकनीकी टीम लगातार रही सक्रिय
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, तकनीकी कर्मचारियों ने फॉल्ट को दूर करने के लिए लगातार काम किया। प्राथमिकता इमरजेंसी और आवश्यक चिकित्सा सेवाओं को जल्द से जल्द सामान्य करना था।
प्रबंधन का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में वैकल्पिक व्यवस्था को भी सक्रिय रखा जाता है ताकि मरीजों के उपचार में किसी प्रकार की गंभीर बाधा न आए।
अस्पतालों में निर्बाध बिजली व्यवस्था का महत्व
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पतालों, विशेष रूप से इमरजेंसी वार्ड, आईसीयू और ऑपरेशन थिएटर जैसे विभागों में लगातार बिजली आपूर्ति अत्यंत आवश्यक होती है। यहां कई चिकित्सा उपकरण बिजली पर निर्भर रहते हैं और थोड़ी देर की बाधा भी सेवाओं को प्रभावित कर सकती है।
इसी कारण अधिकांश बड़े अस्पतालों में बैकअप पावर सिस्टम और वैकल्पिक बिजली व्यवस्था उपलब्ध रहती है। हालांकि, प्राकृतिक कारणों से उत्पन्न तकनीकी समस्याओं के दौरान मरम्मत कार्य में कुछ समय लग सकता है।
प्रशासन ने शीघ्र समाधान का दिया भरोसा
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने आश्वासन दिया कि प्रभावित सभी यूनिटों में जल्द बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल कर दी जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आवश्यक तकनीकी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की जाएगी।
अस्पताल प्रशासन ने मरीजों और उनके परिजनों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि तकनीकी टीम पूरी तत्परता से कार्य कर रही है और स्थिति को जल्द सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता पर जोर
विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम संबंधी चुनौतियों के बावजूद स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता बनाए रखना प्राथमिकता होनी चाहिए। समय पर रखरखाव, मजबूत विद्युत बैकअप और नियमित तकनीकी निरीक्षण से ऐसी घटनाओं के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
हरदोई मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी यूनिट में बारिश के कारण आए स्थानीय तकनीकी फॉल्ट से कुछ समय के लिए बिजली आपूर्ति बाधित हुई, जिससे मरीजों, तीमारदारों और स्वास्थ्यकर्मियों को असुविधा का सामना करना पड़ा।
हालांकि, अस्पताल प्रशासन के अनुसार मैकेनिकल टीम ने तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कर दिया और कई यूनिटों में बिजली बहाल भी कर दी गई। प्रशासन का कहना है कि शेष प्रभावित क्षेत्रों में भी जल्द आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी, ताकि चिकित्सा सेवाएं पूरी तरह सुचारु रूप से संचालित हो सकें।

