कानपुर में चावल में रंग मिलाकर बन रही थी हल्दी, एफएसडीए की छापेमारी में 5.86 लाख का स्टॉक जब्त – पढ़िए कहां
रिपोर्ट – विक्की रघुवंशी
कानपुर: जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने मिलावटी मसालों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए पनकी स्थित एक मसाला निर्माण इकाई पर छापेमारी की। जांच के दौरान टीम को ऐसे तथ्य मिले, जिनके आधार पर संदेह व्यक्त किया गया कि चावल के टुकड़ों में रंग मिलाकर हल्दी पाउडर तैयार किया जा रहा था। मौके से छह नमूने लेकर खाद्य विश्लेषक के पास जांच के लिए भेजे गए हैं, जबकि करीब 5.86 लाख रुपये मूल्य का स्टॉक भी जब्त किया गया है।
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अंतिम कार्रवाई प्रयोगशाला की रिपोर्ट मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार की जाएगी।
जिलाधिकारी के निर्देश पर हुई कार्रवाई
खाद्य पदार्थों में संभावित मिलावट पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने संबंधित विभाग को नियमित निरीक्षण और जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में सहायक आयुक्त (खाद्य) द्वितीय संजय प्रताप सिंह के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने पनकी क्षेत्र के इस्पात नगर स्थित पीतांबरा इंटरप्राइजेज नामक मसाला निर्माण इकाई का निरीक्षण किया।
इस दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय वर्मा, उमाशंकर सिंह और रजनीश राय ने निर्माण प्रक्रिया और परिसर में रखे कच्चे माल की गहन जांच की।
निरीक्षण में सामने आए अहम तथ्य
निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि परिसर में हल्दी पाउडर का निर्माण किया जा रहा था, लेकिन वहां साबुत हल्दी उपलब्ध नहीं थी। जांच के दौरान परिसर में चावल के टुकड़े, विभिन्न मसाले और रंग संबंधी सामग्री मौजूद मिली।
प्राथमिक जांच के आधार पर विभाग ने संदेह जताया कि चावल को पीसकर उसमें हल्दी जैसा रंग मिलाया जा रहा था। हालांकि इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
इसी कारण विभाग ने मौके से विभिन्न खाद्य पदार्थों और उपयोग में लाई जा रही सामग्री के नमूने एकत्र कर वैज्ञानिक परीक्षण के लिए भेज दिए हैं।
छह नमूने जांच के लिए भेजे गए
एफएसडीए की टीम ने मौके से कुल छह नमूने संग्रहित किए। इनमें शामिल हैं—
- हल्दी पाउडर
- हल्दी में उपयोग किया जा रहा लिक्विड कलर
- चावल के टुकड़े
- मिर्च पाउडर
- मिर्च में उपयोग किया जा रहा रंग
- धनिया पाउडर
इन सभी नमूनों को खाद्य विश्लेषक के पास भेजा गया है। प्रयोगशाला की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि संबंधित उत्पाद खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप हैं या नहीं तथा उनमें किसी प्रकार की मिलावट या अपमिश्रण किया गया है।
5.86 लाख रुपये का स्टॉक जब्त
कार्रवाई के दौरान विभाग ने बड़ी मात्रा में सामग्री को अपने कब्जे में लिया। जब्त किए गए स्टॉक में शामिल हैं—
- 77 बैग चावल के टुकड़े – अनुमानित मूल्य 1.54 लाख रुपये
- 42 बैग हल्दी पाउडर – अनुमानित मूल्य 4.20 लाख रुपये
- 30 किलोग्राम पिसा धनिया – लगभग 3,600 रुपये
- 30 किलोग्राम मिर्च पाउडर – लगभग 6,000 रुपये
- 20 किलोग्राम हल्दी अपमिश्रक सामग्री – लगभग 2,600 रुपये
जब्त की गई सामग्री का कुल अनुमानित मूल्य 5,86,200 रुपये बताया गया है। विभाग ने पूरे स्टॉक को विधिक प्रक्रिया के तहत सुरक्षित रख लिया है।
कच्चे माल और रंगों की भी होगी जांच
केवल तैयार मसालों की ही नहीं, बल्कि निर्माण में उपयोग किए गए कच्चे माल और रंगों की गुणवत्ता की भी जांच कराई जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि यदि प्रयोगशाला रिपोर्ट में किसी प्रकार की अनियमितता या खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन सामने आता है, तो उसके आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाजार में केवल सुरक्षित और मानक गुणवत्ता वाले खाद्य उत्पाद ही उपलब्ध हों।
खाद्य सुरक्षा विभाग का अभियान जारी
सहायक आयुक्त (खाद्य) द्वितीय संजय प्रताप सिंह ने बताया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए विभाग लगातार अभियान चला रहा है। समय-समय पर मसाला निर्माण इकाइयों, डेयरी उत्पादों, मिठाई की दुकानों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से जुड़ा कोई भी मामला विभाग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए जहां भी संदिग्ध गतिविधियां सामने आती हैं, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।
रिपोर्ट के बाद होगी विधिक कार्रवाई
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वर्तमान कार्रवाई जांच प्रक्रिया का हिस्सा है। यदि प्रयोगशाला रिपोर्ट में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित फर्म के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस प्रकार की कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है।
उपभोक्ताओं से विभाग की अपील
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। विभाग ने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर संदेह हो या मिलावट की जानकारी मिले, तो इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दी जाए। इससे समय रहते जांच और आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी।
साथ ही, उपभोक्ताओं को पैक्ड खाद्य सामग्री खरीदते समय गुणवत्ता चिह्न, निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि और निर्माता का विवरण अवश्य जांचने की सलाह दी गई है।
कानपुर के पनकी स्थित मसाला निर्माण इकाई पर एफएसडीए की छापेमारी में ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनकी पुष्टि के लिए छह नमूनों को प्रयोगशाला भेजा गया है। विभाग ने करीब 5.86 लाख रुपये मूल्य का स्टॉक जब्त कर लिया है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और अंतिम कार्रवाई खाद्य विश्लेषक की रिपोर्ट आने के बाद की जाएगी। इस कार्रवाई को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

