कानपुर पनकी तापीय परियोजना में वन महोत्सव, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत हुआ पौधा रोपण

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रिपोर्ट – कृष्णा शर्मा 

कानपुर: पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पनकी तापीय विस्तार परियोजना में जुलाई माह के प्रथम दिन वन महोत्सव के अवसर पर व्यापक पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत परियोजना की ऑफिसर्स कॉलोनी परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। कार्यक्रम में परियोजना के वरिष्ठ अधिकारियों, अभियंताओं तथा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के अधिकारियों ने सहभागिता करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लगाए गए पौधों के संरक्षण और उनकी नियमित देखभाल के प्रति भी सभी को जागरूक किया गया। अधिकारियों ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण एक सामूहिक जिम्मेदारी है और प्रत्येक नागरिक को इसमें सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को मिला समर्थन

देशभर में संचालित ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक पौधारोपण किया। अभियान का मूल उद्देश्य प्रकृति संरक्षण के साथ-साथ मातृत्व के सम्मान को भी समाज से जोड़ना है।

इस अवसर पर प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण की शपथ लेते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प भी लिया।

महाप्रबंधक विजय बहादुर ने दिया संरक्षण का संदेश

कार्यक्रम के दौरान पनकी तापीय विस्तार परियोजना के महाप्रबंधक विजय बहादुर ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका संरक्षण और नियमित देखभाल करना उससे भी अधिक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि यदि लगाए गए पौधों की कम से कम एक वर्ष तक उचित देखभाल की जाए, तो वे मजबूत वृक्ष बनकर आने वाले वर्षों में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, प्रदूषण कम करने और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की कि वे पौधारोपण को केवल औपचारिकता न मानें, बल्कि इसे जनभागीदारी का अभियान बनाएं।

पर्यावरण संरक्षण समय की आवश्यकता

विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते शहरीकरण, औद्योगीकरण और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को देखते हुए बड़े स्तर पर पौधारोपण अत्यंत आवश्यक हो गया है।

वन महोत्सव जैसे कार्यक्रम न केवल हरित क्षेत्र बढ़ाने में सहायक होते हैं, बल्कि लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी विकसित करते हैं। यदि प्रत्येक व्यक्ति वर्ष में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी जिम्मेदारी ले, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव संभव है।

पनकी परियोजना में सामूहिक सहभागिता

कार्यक्रम में पनकी तापीय विस्तार परियोजना के विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी ने मिलकर परिसर में पौधे लगाए और उनके संरक्षण का संकल्प लिया।

इस दौरान सीआईएसएफ के अधिकारियों ने भी पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर बल देते हुए कहा कि सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण समाज के सतत विकास के लिए आवश्यक है।

वन महोत्सव का उद्देश्य

वन महोत्सव भारत में प्रतिवर्ष आयोजित किया जाने वाला एक महत्वपूर्ण पर्यावरणीय अभियान है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक पौधे लगाकर वन क्षेत्र का विस्तार करना तथा लोगों को प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक बनाना है।

इस अभियान के माध्यम से जल संरक्षण, जैव विविधता, स्वच्छ वायु और जलवायु संतुलन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी जनजागरूकता बढ़ाई जाती है।

वृक्षों का पर्यावरण में महत्वपूर्ण योगदान

विशेषज्ञों के अनुसार वृक्ष कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, जिससे वायु गुणवत्ता बेहतर होती है। इसके अलावा वृक्ष भूजल संरक्षण, मिट्टी के कटाव को रोकने, जैव विविधता बनाए रखने तथा तापमान नियंत्रित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इसी कारण सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाएं समय-समय पर पौधारोपण अभियान चलाकर लोगों को इस दिशा में प्रेरित करती हैं।

अधिकारियों ने लिया संरक्षण का संकल्प

कार्यक्रम के दौरान सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि यदि पौधों को शुरुआती वर्षों में उचित पानी, सुरक्षा और देखभाल मिलती है, तो उनकी जीवित रहने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण को लेकर सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का संदेश भी दिया गया।

ये अधिकारी रहे उपस्थित

वन महोत्सव कार्यक्रम में पनकी तापीय विस्तार परियोजना के महाप्रबंधक विजय बहादुर, सीआईएसएफ सुरक्षा प्रभारी अनुपम त्रिपाठी, अधीक्षण अभियंता ई. राम कुमार, ई. सूर्य प्रकाश, ई. सौरभ विजय, अधिशासी अभियंता ई. अदीब, ई. बिपिन सिंह, सहायक अभियंता मनोज सोनकर, ओ.पी. गौतम तथा सीआईएसएफ इंस्पेक्टर अवधेश कुमार सहित परियोजना के अनेक अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

सभी ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए पौधारोपण कार्यक्रम को सफल बनाया।

सामाजिक भागीदारी से मिलेगा बेहतर परिणाम

पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि केवल सरकारी प्रयासों से हरित विकास का लक्ष्य प्राप्त नहीं किया जा सकता। इसके लिए आम नागरिकों, शैक्षणिक संस्थानों, उद्योगों और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है।

यदि समाज का प्रत्येक वर्ग पौधारोपण और उनके संरक्षण की जिम्मेदारी निभाए, तो आने वाले वर्षों में पर्यावरणीय चुनौतियों का प्रभाव काफी हद तक कम किया जा सकता है।

कानपुर की पनकी तापीय विस्तार परियोजना में आयोजित वन महोत्सव कार्यक्रम ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का सकारात्मक संदेश दिया। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत लगाए गए पौधे केवल हरियाली बढ़ाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल भी हैं।

पौधारोपण के साथ-साथ उनका संरक्षण और नियमित देखभाल ही ऐसे अभियानों की वास्तविक सफलता सुनिश्चित करती है। यदि प्रत्येक नागरिक इस दिशा में अपना योगदान दे, तो पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य अधिक प्रभावी ढंग से हासिल किया जा सकता है।

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